UP चुनाव

इस्माइल मेरठी (Ismail Meeruti) साहब का एक शेर है ……..

अर्ज किया है ……..

उल्फत का जब मजा है कि वो भी हों बेकरार,
दोनों तरफ हो आग बराबर लगी हुई।

और इसी शेर की तर्ज पे ……..

गठबंधन का तब मज़ा है कि दोनों ही हों बेजार ……..
औ दोनों तरफ हो गाँड …………… बराबर फटी हुई

UP में सपा और congress का गठबंधन होगा ज़रूर ।
क्योंकि दोनों मने अखिलेश औ राहुल ……. मने सपा औ कांग्रेस …….
भाजपा औ मोदी के मारे , दोनों की है गाँड बराबर फटी हुई ।

राहुल बाबा जानते हैं कि अगर गठबंधन न हुआ तो कांग्रेस की 5 सीट नहीं आएगी इस बार UP में ।
और कितना ही विकास का तंबू तान लें , सपा के लिए बिना गठबंधन 50 का आंकड़ा छूना मुश्किल है ।

Congress की जमीनी स्थिति ये है की कांग्रेसी वोटर जैसी कोई चीज़ UP में अब नहीं बची है । कुछ एक सीटों पे कुछ ऐसे लोग है जिनका अपना व्यक्तिगत भोट है …….. वो एक तरह से निर्दल लोग हैं …….. congress छोड़ अगर निर्दल भी लड़ जाएँ तो जीत जाएंगे । ऐसे 5 – 7 लोग कांग्रेस के टिकट पे लड़ के जीत जाते है इसलिए congress का खाता खुल जाता है UP में । ऐसी सीटों पे कुछ भोट उस प्रत्याशी की जात का और कुछ मुस्लिम भोट मिल के वो सीट जीती जाती है ।

मोदी जी ने पिछले 5 साल में सपा से उसका गैर यादव OBC वोट छीन लिया है ।
इसी तरह मायावती के दलित भोट बैंक में से मोदी जी ने गैर चमार – जाटव भोट में बड़ी सेंध लगायी है ।

सपा congress गठबंधन का सबसे बड़ा नुकसान BSP को होगा जहां उसका मुस्लिम भोट खिसक के सपा- cong के साथ आ जाएगा ।
मुस्लिम भोट बेशक एकमुश्त सपा को पड़ेगा जिसकी प्रतिक्रिया में हिन्दू भोट का counter polarization होगा ।

हालफिलहाल स्थिति ये है कि सपा – congress गठबंधन पूरी जोड़ जुगत के बाद भी 26 – 27 % तक पहुँच पायेगा जबकि इस चुनाव में भाजपा शुरुआत ही 34 % भोट के साथ करेगी जो campaign के साथ बढ़ेगा ।

यदि भाजपा ने 30% भोट लिया तो 220 सीट
32 % लिया तो 240 – 250
34% पे 260 से 280
36 % पे 300 +

आज की तारीख में सबसे खराब स्थिति BSP की है ।
यही हालत रही तो हाथी फिर अंडा दे सकता है ।
सिर्फ चमार – जाटव के बल पे तो 10 सीट आनी मुश्किल है ।

फिलहाल इंतज़ार कीजिये ……. टिकट वितरण और नाम वापसी होने दीजिए ।
तभी picture clear होगी ।

लगता है कि कांग्रेस 44 से 4 पे आएगी ……. राहुल गांधी के नेतृत्व में ।

 

आपको याद होगा , उड़ी हमले के बाद मोदी जी की लोकप्रियता का ग्राफ अचानक बहुत तेजी से नीचे गिरा । पूरे देश में उडी हमले को ले के आक्रोश था । मोदी समर्थक ( भक्त )निराश थे और अनाप शनाप बक रहे थे । मोदी विरोधी तो बाकायदा उड़ी हमले को celebrate कर रहे थे । उन्हें देश से कोई मतलब नहीं । उड़ी हमले के रूप में उन्हें वो छड़ी मिल गयी थी जिससे वो मोदी को पीट सकते थे । उनका तर्क कुछ यूँ था ……. देख लो , फेंकू मोदी भी हिजड़ा निकला ……. हमारी तरह ।
लोग चुनाव सभाओं में मोदी के वक्तव्य शेयर करने लगे । ख़ास तौर पे वो clipping जो मोदी जी ने रजत शर्मा के कार्यक्रम आज की अदालत में बोला था …… घर में घुस के मारूंगा . लोग वही क्लिपिंग दिखा के कटाक्ष कर रहे थे ।
और फिर जब मोदी जी ने POK में घुस के surgical strike कर दी तो सब हक्के बक्के रह गए ।
अवाक् ……. भक्त ख़ुशी से नाचने लगे और विरोधियों के मुह खुले रह गए । उनके मुह से बस यही निकला …….. नहीईईईईईईई…….. ऐसा नहीं हो सकता …….. कह दो कि ये झूठ है …… झूठ है …… झूठ है ……. कोई सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हुई ……. प्रूफ दिखाओ ……. army झूठ बोलती है …… मोदी झूठ बोलता है ……. हम ऐसे कैसे POK में घुस के मार सकते हैं ??????
उड़ी हमला मोदी के लिए एक credibility issue बन गया था । मोदी की साख दाव पे लगी थी ।
POK में हमला कर मोदी ने वो साख बचा ली ……. आम भारतीय के मन में मोदी जी के प्रति विश्वास दृढ हुआ ……. मोदी जुबान का पक्का है ……. जो कहता है वो करता है ।
मोदी की credibility नोटबंदी के बाद और बढ़ी है । अब पूरा देश और मोदी के कट्टर विरोधी भी ये मानने लगे हैं कि मोदी एक ज़बरदस्त नेता है ……. साहसिक निर्णय ले सकता है ……. आज मोदी की साख एक ऐसे नेता की है जो राष्ट्रभक्त है …… राष्ट्र को समर्पित है ……

मोदी की यही credibility विपक्षी नेताओं के लिए मुसीबत बनी हुई है । इसके विपरीत राहुल गाँधी की credibility देश में zero है । वो सिर्फ एक चुटकुला बन के रह गए हैं । समस्या ये है कि वो उल जुलूल बयानबाजी और झूठे तथ्यहीन आधारहीन आरोप लगा के अपना और ज़्यादा मज़ाक बनवा रहे हैं ।
राहुल को चाहिए कि वो अपनी विश्वसनीयता बहाल करें ……… मोदी पे झूठे आरोप लगा के वो अपनी साख को मिट्टी में मिला रहे हैं ।
जिस प्रकार मोदी दिनों दिन ऊपर उठ रहे हैं और राहुल गांधी नीचे गिर रहे हैं , लगता है कि कांग्रेस 44 से 4 पे आएगी ……. राहुल गांधी के नेतृत्व में ।