ऊपी के अराजक तत्वों को ये साथ पसंद है

बहुत पहले , जब कि बिहार में लालू का शासन था , सवाल पूछा गया कि आखिर लालू बिहार में क़ानून बेवस्था सुधारने के लिए काम क्यों नहीं करते ?
जवाब में एक राजनैतिक विश्लेषक ने बताया कि लालू का भोटर अराजकता को पसंद करता है । लालू का भोटर अराजकता में ही फलता फूलता है ।
एक बार लालू जी किसी गाँव में जनसभा को संबोधित कर रहे थे ।
किसी ने सवाल किया कि पिछली बार जब आये थे तो आपने वादा किया था कि नदी पे पुल बनेगा और गाँव तक सड़क बनेगी ……. क्या हुआ ?????
लालू जी ने जवाब दिया ……. अरे पुलवा अ सड़किया बन जाई त पुलिस क जीप भुर्र देना गाँव में आ जाई …….. त गांजा के खेती कइसे होई ?????

एक अन्य जनसभा में ऐसे ही जब सड़क के लिए सवाल पूछा गया तो लालू जी ने जवाब दिया कि सड़क अगर नहीं बनी तो इस से तुमको क्या फर्क पड़ता है जी ?????
अरे तुमको तो गाँव खेत की पगडण्डी पे ही न चलना है ? सड़क पे तो बाबू साहब की जीप न दौड़ेगी ???????

ऐसे थे लालू जी और ऐसे थे उनके भोटर …….

कल देस के युवराज UP के युवराज के साथ ऊपी की राजधानी लखनऊ में रोड शो कर रहे थे । इन दोनों लौंडों ने ये नारा दिया है कि ऊपी को ये साथ पसंद है …….
मज़े की बात है कि दोनों लौंडों का roadshow मुस्लिम बहुल इलाकों में हुआ । अब मुस्लिम इलाके का मतलब होता है मुफलिसी , गरीबी , पिछड़ापन , anarchy , अराजकता , मिमियाती बकरियां , बजबजाती नालियां …….. मुस्लिम इलाका मने वो इलाका जहां पुलिस भी दिन में जाने से घबराए ……. खांटी मुस्लिम इलाका वो जहां से हिन्दू बेचारा अपना घर दूकान मकान बेच के या ताला लगा के भागने को मजबूर हो जाए ……..
मुस्लिम इलाका मने कैराना ……. एक लाख की आबादी वाले कैराना में एक भी petrol pump नहीं है ……. एक भी ढाबा , होटल धर्मशाला नहीं है ……. तो ऐसे ही एक मुस्लिम इलाके में कल दोनों लौंडे युवराज road show कर रहे थे । ये दोनों लौंडे वो हैं जो कि देश की सबसे प्रभावशाली first families के चश्मो चिराग हैं ……. मने कल तक इनके मूत से चिराग जलते थे देस में ……. cabinet का अध्यादेश फाड़ दिया करते थे भरी सभा में , National TV पे ……. तो कल ये दोनों सर्व शक्तिमान लौंडे प्रदेश की राजधानी में road show कर रहे थे ……… मुस्लिम इलाके से निकलने लगे तो बिजली की चोरी करने वाली कटिया – तारों के जंजाल ने इनका रास्ता रोक लिया …….. इन्हें घेर लिया ……..
और बजाय इन कटियाबाजों की तार हटाने के , दोनों युवराजों ने घुटने टेक दिए ……. उन तारों के सामने सिर झुका दिया , नत मस्तक हो गए …… surrender कर दिया ।
देश के दो कर्णधारों ने अराजकता के सामने surrender कर दिया ।

पुराने लखनऊ में बिजली की चोरी रोकने के लिए और तारों के जंजाल से लखनऊ को मुक्त करने के लिए LESA मने Lucknow Electricity Supply Administration को 100 करोड़ का बजट दिया गया था ।
लक्ष्य था कि शहर की तमाम बिजली की तारों को Under Ground कर दिया जाए जिस से बिजली चोरी भी रुक जाए , और शहर भी तारों के जंजाल से मुक्त हो जाए ।
LESA की टीम जब तार डालने के लिए गड्ढा खोदने पहुंची तो भाई जान लोग ने डंडा ले के दौड़ा लिया……. अगर तार जमींदोज हो गए तो कंटिया कैसे लगेगी ? बिजली चोरी कैसे होगी ?
सपा और कांग्रेस बिजली चोरी की अराजकता को पसंद करता है , शहर में तारों के जंजाल को पसंद करता है ……. ऐसे में जाहिर है कि दोनों युवराज लौंडे इस अराजक भोट बैंक के सामने नत मस्तक हैं ……. दंडवत हैं …… घुटनों पे हैं ……..

ऊपी के अराजक तत्वों को ये साथ पसंद है

राहुल प्रियंका की कहानी

वंस अपान ए टाइम , किसी नगर में एक माफिया परिवार में एक नया माफिया उग रहा था ।
एक बार उसने औकात से ज़्यादा बड़ी हड्डी गटक ली ।
सो गले में जा फँसी ।

फिर उसकी हत्या कर दी गयी ।
तब जबकि वो अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने आया था ।
उसी स्कूल के सामने ही उसे गोलियों से भून दिया गया ।
कुल 20 गोलियां मारी गयी ।
जिस समय उसपे एकदम नज़दीक से गोलियां मारी जा रही थीं , उसके दोनों बच्चे गाडी की पिछली seat पे बैठे थे ।
5 बरस के बच्चे के सामने ताबड़ तोड़ गोलियां बरस रही हों ……. उसके बाप के ऊपर ……. और एक बच्चे का बाप उसके सामने इतनी हिंसक इतनी निर्मम मौत मार दिया जाए , ये एक नन्हे बच्चे के लिए बड़ा Traumatic experience होता है । उसकी Psyche मने उसके मन पे लगे वो घाव आजीवन नहीं भरते ।
ऐसे बच्चों को इस सदमे से उबारने के लिए professional help दी जाती है । इस विषय के विशेषज्ञ Psychiatrist , मनोवैज्ञानिक इन बच्चों को बीसियों सालों तक लगातार counseling देते हैं तब जा के बड़ी मुश्किल से वो इस सदमे से उबर पाते हैं ।

जो लोग राहुल और प्रियंका गांधी को नज़दीक से जानते हैं वो बताते हैं कि ये दोनों भाई बहन Autism नामक बीमारी के रोगी हैं ।
बेचारे इन दोनों बच्चों का बचपन बहुत बुरा बीता ।
1984 में जब इनकी दादी PM थी तो देश में हालात बहुत बुरे थे और इनके परिवार को बहुत ज़्यादा ख़तरा था ।
1982 में इनके चाचा संजय गांधी की अकाल मृत्यु के बाद इनके पापा पायलट गिरी मने हवाई जहाज उड़ाना छोड़ देश उड़ाना सीख रहे थे ।
पंजाब के हालात बहुत ज़्यादा खराब थे ।
ऐसे में इनकी दादी ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में फ़ौज भेज Op Blue Star कर दिया ।
उसकी प्रतिक्रिया / प्रतिशोध में इनकी दादी की, PM रहते, इन्ही के घर में , इन्ही के अपने Body Guards ने , ह्त्या कर दी । एकदम नज़दीक से गोलियां बरसाई गयीं । जब इनकी दादी पे गोलियां बरस रही थी , ये दोनों वहाँ से बमुश्किल 20 मीटर दूर घर में थे । गोलियों की आवाज़ सुन दौड़ के बाहर आये । देखा कि दादी खून से लथपथ जमीन पे पड़ी हैं ।
उसके कुछ क्षण बाद उसी घर में फिर गोलियां चलने लगी ।
अब उन sikh bodyguards को मारा जा रहा था ।
पापा south में दौरे पे गए हुए थे ।
Mummy घर में अकेली थीं ।
फिर शाम को पापा आये ।
तीन दिन तक दादी की dead body पे अंतिम दर्शन , फूल माला , और फिर cremation ……. इसके साथ साथ मने इस पूरे घटना क्रम के parallel दिल्ली में दंगे भी चल रहे थे और 6000 सिखों के गले में जलते हुए tyre डाल के उनको ज़िंदा जलाया जा रहा था …….. पूरे देश में मार काट मची थी ……. और ये बेचारे मासूम बच्चे ये सब देख / झेल रहे थे ।
फिर इनके पापा PM बन गए और उन ने sikh radicals के अलावा श्रीलंका के Tamil Tigers से भी पंगा ले लिया ।
अब वो भी इनके खून के प्यासे हो गए ।
इनके परिवार पे security Threat बहुत ज़्यादा बढ़ गया ।
जब ये दोनों बच्चे बड़े हो रहे थे तो इनका परिवार दुनिया का सबसे ज़्यादा असुरक्षित परिवार था और इनकी security इतनी ज़्यादा tight थी कि आप कल्पना नहीं कर सकते ।
देश के PM के बच्चे होने के बावजूद इनको इजाज़त न थी कि ये अपनी मर्जी से अपने bedroom से बाहर आँगन में चले जाएं ।
PM house से बाहर निकलते तो NSG के सुरक्षा घेरे में ।
सुरक्षा कारणों से इनका एडमिशन दिल्ली के British Embassy स्कूल में कराया गया ( यहीं पे मुरादाबाद के ठठेरे Robert Vadra से प्रियंका गांधी की मुलाक़ात / दोस्ती / इश्क़ हुआ )। Rahul गए दून स्कूल ।
इन दोनों की किशोरावस्था NSG के पहरे में बीती ।
मने ये वो पंछी थे जिन्हें घोसले से बाहर निकल के पंख फड़फड़ाने उड़ने की इजाज़त न थी । किसी से मिलने जुलने बात करने की इजाज़त न थी ।
ऐसे में दोनों loner हो गए और 15 साल की प्रियंका गांधी को जो पहला लौंडा दिखा उसी से set हो गयी ।
उसके बाद देस के किसी लौंडे की न औकात थी न हिम्मत कि वो NSG का सुरक्षा घेरा तोड़ प्रियंका गांधी पे लाइन मार सके ।
इधर राहुल G …… ये भी loner थे । न कोई हरामी यार दोस्त , न किशोरावस्था में आज़ाद घूम देस का हरामीपन / कमीना पन / देस के लड़ाई झगड़े / लौंडिया ताड़ना / एक से बढ़ के एक हरामी लौंडों के साथ दोस्ती का सुख ……… इन सबसे वंचित रहे राहुल G …….. स्कूल से निकले तो PM बाप के पव्वे / जुगाड़ से देश के सबसे प्रतिष्ठित कालिज Stephans में Sports कोटे में शूटिंग के एक फर्जी टूर्नामेंट में फ़र्ज़ी Gold मैडल दिया के इनका एडमिशन कराया गया ।
वहाँ एक और लूत ……. NSG के घेरे में श्रीमान जी , college आते तो जिस रस्ते से गुजरते वो पहले खाली करा लिया जाता । क्लास लगती तो किलास की आगे की चार row खाली रखी जाती ।
सबसे आगे अकेले सिरिमान जी बैठते और इनके पीची 8 NSG कमांडो ……. फिर बाकी क्लास ।
Stephans में श्रीमान जी हंसी का पात्र बन गए । पहली समस्या ये कि 12th में 48% के छात्र थे , intellect level कुछ था नहीं ……. ऊपर से ये सुरक्षा नौटंकी …….
बताया जाता है कि उन दिनों Stephans College में एक अजीब सा माहौल हो गया था ।
पूरे कॉलेज को लगता कि इस चूतिये के कारण हम लोग suffer कर रहे हैं ।
बताया जाता है कि उन दिनों कॉलेज में लौंडों ने इसके मुह पे कहना शुरू कर दिया था ……. भाई , तू मत आया कर यार कालिज ? कायकू G मार रिये हो तुम सब मिल के इस कालिज की ??????
राहुल G ने अपने PM बाप से इस बाबत की और उन ने आगे फिर NSG से बात की ……. तो NSG और SPG ने कहा कि तुम दोनों बाप बेटा बहुत बकरचोदी मत पेलो …….. भोसड़ी के कोई टपका जाएगा तो फिर हमको मत बोलना …….. तुम्हारे बाप LTTE वाले नहा धो के पीछे पड़े हैं …….
सिर्फ 4 महीने में राहुल G ने Stephans College छोड़ दिया ।
कुछ दिन बाद इनके पप्पा को LTTE ने श्री पेराम्बुदूर की एक चुनावी रैली में उड़ा दिया ।
Dead body के थीथड़े उड़ गए थे । स्थानीय नेताओं ने शव को Nike के जूतों से पहचाना था ।
दोनों बच्चे अभी दादी की हत्या के trauma से उबरे न थे कि बाप भी मारा गया ।
अब दोनों में Autism के लक्षण दिखने लगे थे ।
प्रियंका गांधी को fits पड़ते थे । Rahul G loner होते चले गए । कुछ साल depression में भी रहे । Stephans कॉलेज के बाद पढ़ने बिदेस भेज दिए गए । यहां गलती कर दी सोनिया जी ने ।
UP बिहार की किसी इनभरसीटी से BA करा देतीं ।
लड़का कुछो लिख दे कॉपी में अंग्रेजी में , पास हो जाता ।
पर हार्वर्ड कैंब्रिज में ऐसे थोड़े न चलेगा ।
Autism के कारण कुछ भी याद रखने , लिखने में दिक्कत होती ।
राहुल गांधी एक लाइन लिख नहीं सकते ( नेपाल एम्बेसी वाला किस्सा याद कीजिये )

ऐसे में कालान्तर में सोनिया जी को कांग्रेस की बागडोर संहालनी पड़ी । मजबूरन स्वयं और बेटे को राजनीति में उतारना पड़ा । आज कांग्रेस की मजबूरी है कि सोनिया G और Rahul G को उसे ढोना पड़ रहा है । राहुल एक लाइन न लिख पढ़ सकते हैं न बोल सकते हैं ।
Autism गन्दी बीमारी है । मानसिक क्षमताओं को सीमित कर देती हैं ।
कुछ भी याद रखना मुश्किल होता है । Comprehension क्षमता बिलकुल नहीं होती ।
ऐसे में मुकाबला मोदी जैसे धुरंधर से ……. वनों और पहाड़ों की कंदराओं में रहने और खुले आकाश में उड़ते गरुड़ सरीखे मोदी जी …….. और सामने मुक़ाबिल हैं बेचारा पिंजरे में बंद तोता जिसे कभी पंख फड़फड़ाने की इजाज़त ही न थी ……..

क्रमशः ………

UP चुनाव

इस्माइल मेरठी (Ismail Meeruti) साहब का एक शेर है ……..

अर्ज किया है ……..

उल्फत का जब मजा है कि वो भी हों बेकरार,
दोनों तरफ हो आग बराबर लगी हुई।

और इसी शेर की तर्ज पे ……..

गठबंधन का तब मज़ा है कि दोनों ही हों बेजार ……..
औ दोनों तरफ हो गाँड …………… बराबर फटी हुई

UP में सपा और congress का गठबंधन होगा ज़रूर ।
क्योंकि दोनों मने अखिलेश औ राहुल ……. मने सपा औ कांग्रेस …….
भाजपा औ मोदी के मारे , दोनों की है गाँड बराबर फटी हुई ।

राहुल बाबा जानते हैं कि अगर गठबंधन न हुआ तो कांग्रेस की 5 सीट नहीं आएगी इस बार UP में ।
और कितना ही विकास का तंबू तान लें , सपा के लिए बिना गठबंधन 50 का आंकड़ा छूना मुश्किल है ।

Congress की जमीनी स्थिति ये है की कांग्रेसी वोटर जैसी कोई चीज़ UP में अब नहीं बची है । कुछ एक सीटों पे कुछ ऐसे लोग है जिनका अपना व्यक्तिगत भोट है …….. वो एक तरह से निर्दल लोग हैं …….. congress छोड़ अगर निर्दल भी लड़ जाएँ तो जीत जाएंगे । ऐसे 5 – 7 लोग कांग्रेस के टिकट पे लड़ के जीत जाते है इसलिए congress का खाता खुल जाता है UP में । ऐसी सीटों पे कुछ भोट उस प्रत्याशी की जात का और कुछ मुस्लिम भोट मिल के वो सीट जीती जाती है ।

मोदी जी ने पिछले 5 साल में सपा से उसका गैर यादव OBC वोट छीन लिया है ।
इसी तरह मायावती के दलित भोट बैंक में से मोदी जी ने गैर चमार – जाटव भोट में बड़ी सेंध लगायी है ।

सपा congress गठबंधन का सबसे बड़ा नुकसान BSP को होगा जहां उसका मुस्लिम भोट खिसक के सपा- cong के साथ आ जाएगा ।
मुस्लिम भोट बेशक एकमुश्त सपा को पड़ेगा जिसकी प्रतिक्रिया में हिन्दू भोट का counter polarization होगा ।

हालफिलहाल स्थिति ये है कि सपा – congress गठबंधन पूरी जोड़ जुगत के बाद भी 26 – 27 % तक पहुँच पायेगा जबकि इस चुनाव में भाजपा शुरुआत ही 34 % भोट के साथ करेगी जो campaign के साथ बढ़ेगा ।

यदि भाजपा ने 30% भोट लिया तो 220 सीट
32 % लिया तो 240 – 250
34% पे 260 से 280
36 % पे 300 +

आज की तारीख में सबसे खराब स्थिति BSP की है ।
यही हालत रही तो हाथी फिर अंडा दे सकता है ।
सिर्फ चमार – जाटव के बल पे तो 10 सीट आनी मुश्किल है ।

फिलहाल इंतज़ार कीजिये ……. टिकट वितरण और नाम वापसी होने दीजिए ।
तभी picture clear होगी ।

लगता है कि कांग्रेस 44 से 4 पे आएगी ……. राहुल गांधी के नेतृत्व में ।

 

आपको याद होगा , उड़ी हमले के बाद मोदी जी की लोकप्रियता का ग्राफ अचानक बहुत तेजी से नीचे गिरा । पूरे देश में उडी हमले को ले के आक्रोश था । मोदी समर्थक ( भक्त )निराश थे और अनाप शनाप बक रहे थे । मोदी विरोधी तो बाकायदा उड़ी हमले को celebrate कर रहे थे । उन्हें देश से कोई मतलब नहीं । उड़ी हमले के रूप में उन्हें वो छड़ी मिल गयी थी जिससे वो मोदी को पीट सकते थे । उनका तर्क कुछ यूँ था ……. देख लो , फेंकू मोदी भी हिजड़ा निकला ……. हमारी तरह ।
लोग चुनाव सभाओं में मोदी के वक्तव्य शेयर करने लगे । ख़ास तौर पे वो clipping जो मोदी जी ने रजत शर्मा के कार्यक्रम आज की अदालत में बोला था …… घर में घुस के मारूंगा . लोग वही क्लिपिंग दिखा के कटाक्ष कर रहे थे ।
और फिर जब मोदी जी ने POK में घुस के surgical strike कर दी तो सब हक्के बक्के रह गए ।
अवाक् ……. भक्त ख़ुशी से नाचने लगे और विरोधियों के मुह खुले रह गए । उनके मुह से बस यही निकला …….. नहीईईईईईईई…….. ऐसा नहीं हो सकता …….. कह दो कि ये झूठ है …… झूठ है …… झूठ है ……. कोई सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हुई ……. प्रूफ दिखाओ ……. army झूठ बोलती है …… मोदी झूठ बोलता है ……. हम ऐसे कैसे POK में घुस के मार सकते हैं ??????
उड़ी हमला मोदी के लिए एक credibility issue बन गया था । मोदी की साख दाव पे लगी थी ।
POK में हमला कर मोदी ने वो साख बचा ली ……. आम भारतीय के मन में मोदी जी के प्रति विश्वास दृढ हुआ ……. मोदी जुबान का पक्का है ……. जो कहता है वो करता है ।
मोदी की credibility नोटबंदी के बाद और बढ़ी है । अब पूरा देश और मोदी के कट्टर विरोधी भी ये मानने लगे हैं कि मोदी एक ज़बरदस्त नेता है ……. साहसिक निर्णय ले सकता है ……. आज मोदी की साख एक ऐसे नेता की है जो राष्ट्रभक्त है …… राष्ट्र को समर्पित है ……

मोदी की यही credibility विपक्षी नेताओं के लिए मुसीबत बनी हुई है । इसके विपरीत राहुल गाँधी की credibility देश में zero है । वो सिर्फ एक चुटकुला बन के रह गए हैं । समस्या ये है कि वो उल जुलूल बयानबाजी और झूठे तथ्यहीन आधारहीन आरोप लगा के अपना और ज़्यादा मज़ाक बनवा रहे हैं ।
राहुल को चाहिए कि वो अपनी विश्वसनीयता बहाल करें ……… मोदी पे झूठे आरोप लगा के वो अपनी साख को मिट्टी में मिला रहे हैं ।
जिस प्रकार मोदी दिनों दिन ऊपर उठ रहे हैं और राहुल गांधी नीचे गिर रहे हैं , लगता है कि कांग्रेस 44 से 4 पे आएगी ……. राहुल गांधी के नेतृत्व में ।