न अपना जन्म दिन मनाऊंगा न मनाने दूंगा ।

न खाऊंगा न खाने दूंगा ।
न अपना जन्म दिन मनाऊंगा न मनाने दूंगा ।
न अपने जन्म दिन पे रंडी नचाऊंगा और न भोसड़ी वाले नकटेढ़वा तोतले को नचाने दूंगा ।
अपने जन्म दिन पे दो हज़ार के नोट की माला pink माला न खुद पहनूंगा न भैंसवती को पहनने दूंगा ।
अपने तो लाखों लोगों की रैली करूंगा पर इन भोसडीवालों को सिर्फ PC बोले तो press conference से काम चलाने पे मजबूर कर दूंगा ।

नोट बंदी का असर साफ़ दिख रहा है ।
चुनाव में सिर्फ एक महीना बचा है ।
पिछले 30 दिन में UP में कितनी rally हुई हैं ?
सपा की आखिरी rally कब हुई थी ?
बसपा की ?
Congress की बहराइच रैली को कितने दिन हुए ।
आज BMW का हैप्पी बड्डे है । कल्पना कीजिये कि नोटबंदी न हुई होती तो आज मायावती ने कितनी बड़ी रैली की होती UP में और कितना नगद चन्दा , कैसी कैसी माला पहनी होती और कैसे कैसे हीरे जड़े मुकुट पहने होते …….. आज भैंस वती कह रही थी कि मैं अपना जन्म दिन सादगी से मना रही हूँ । अबे यूँ कह न कि मोदिया साला भिखारी बना दिया । चड्ढी छोड़ सब ले गया ।
इतना बड़ा चुनाव ……. UP का …… मिनी General election ……..
और ऐसा सन्नाटा ?

ये नोटबंदी का असर नहीं तो क्या है ?

ये हाल के वर्षों में जब से ये धनबल बाहुबल की राजनीति शुरू हुई है , ये सबसे सस्ता चुनाव होने जा रहा है ।

भारत बदल रहा है ।

direct और indirect tax कलेक्शन के आंकड़े

वित्त मंत्रालय ने आज देश में direct और indirect tax कलेक्शन के आंकड़े सार्वजनिक कर दिए ।

1) indirect टैक्स अप्रत्यक्ष कर में Nov 2016 के मुकाबले Dec 2016 में 12.8 % की बढ़ोत्तरी हुई है।

2) April 2016 से Dec 2016 तक indirect tax में 25 % की बढ़ोत्तरी हुई है। ये बढ़ के 6.30 लाख करोड़ हो गया है ।

3) अप्रैल 2016 से Dec 2016 तक Direct टैक्स में 12.01% की बढ़ोत्तरी हुई है।

4) पिछली तीन तिमाही यानी April 2016 से Dec 2016 तक उत्पाद शुल्क यानि excise duty में 43 % की बढ़ोत्तरी हुई है । excise duty का कलेक्शन 1लाख 95 हज़ार करोड़ रु से बढ़ कर दो लाख 79 हज़ार करोड़ रु हो गया है ।

5) नोटबंदी से अधिकतर राज्यों में वैट वसूली भी बढ़ी है। हालांकि, अभी तक प्राप्त डेटा सिर्फ नवंबर तक का है, दिसंबर में हुई वैट वसूली का डेटा करीब 22 जनवरी के बाद मिलेगा।

6) April 2016 से Dec 2016 तक सर्विस टैक्स की वसूली में 23.9 % की बढ़ोत्तरी हुई है। ये 1लाख 48000 करोड़ रु से बढ़ के एक लाख 83000 करोड़ रु हो गया है ।

7) Dec 2016 में Dec 2015 के मुकाबले सर्विस टैक्स में 12.4 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है।

8)Dec 2016 में Dec 2015 के मुकाबले उत्पाद शुल्क में 31.6 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। इसके सबसे अधिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने अपना योगदान दिया है। गौर तलब है कि जब नोटबंदी के कारण देश में ज़बरदस्त cash crunch था और सभी TV चैनल banks के सामने लंबी लाइन दिखा रहे थे उसी दिसंबर 2016 में factory के gate पे वसूली जाने वाली excise duty मने उत्पाद शुल्क dec 2015 की तुलना में 31% बढ़ गया ।

9) Dec 2016 में Dec 2015 के मुकाबले Custom duty की वसूली में 6.3 % की गिरावट आई है। दरअसल, नोटबंदी के दौरान सोने के आयात में भारी कमी दर्ज हुई है और सीमा शुल्क का एक बड़ा हिस्सा सोने पर लगने वाले टैक्स से ही आता है।

10) April 2016 से Dec 2016 तक custom duty में 4.1 % की बढ़ोत्तरी हुई है।

11) Dec 2015 की तुलना में Dec 2016 तक सभी अप्रत्यक्ष करों को एक साथ देखा जाए तो इसमें 14.2% की बढ़ोत्तरी हुई है। यदि सिर्फ december माह की तुलना करें तो central excise में 31.6% और service tax में 12.4% की वृद्धि हुई है । अलबत्ता custom duty में 6.3 % की गिरावट आयी है ।

12) Dec 2016 की तिमाही में कुल 2.82 लाख करोड़ रु advance Tax के रूप में जमा हुआ जो पिछले वर्ष 12015 की इसी तिमाही की तुलना में 14.4% अधिक है ।

13) Corporate advance tax में 10.6% और personal income tax advance में कुल 38.2% टैक्स की वृद्धि हुई है ।

जो भी व्यक्ति नोट बंदी को फेल बताये और economy में manufacturing सेक्टर में slowdown का रोना रोये उसके मुंह पे ये पोस्ट जूते की तरह फेंक के मारो ।

नोटबंदी तो एक शिशु का पहला कदम है …….

हमारे प्रेम भैया इधर इक्लेस जादो के भोत जबर फैन हो गए हैं ।
पहले खेजड़ीबाल के फैन हुआ करते थे ।
आजकल इक्लेस जादो के हो गए हैं ।
मोदी से भोत जायदे नाराज रहते हैं ।
गाज़ीपुर जिले में इनकी जमींदारी है । नोटबंदी के कारण ऊ सारा खेतवा परती रह गया ।
परती मने जब कोई खेत न बोया जाए और ऐसे ही छूट जाए उसे हमारे यहां परती कहते हैं ।
सो नोटबंदी के कारण इनको खाद बीज जुताई डीजल नहीं मिला इसलिए सगरी जमींदारी परती रह गयी । राजघाट वाले कोवाटर की छत पे 52 बीघा पुदीना रोप थे सो नोटबंदी के कारण बिना पानी सब झुरा गया । मोदिया देस का सतियानास पीट दिया इसलिए अब प्रेम भैया इक्लेस जादो के फैन हो गये हैं । कहते हैं ……. बाह भाई बाह ……… लड़का का विकास किया है ।
हम पूछे कि ज़रा हमको भी बताओ …… का विकास किया है ?
बोले , देखते नहीं हो , नखलऊ में मेट्रो बनवा दिया । औ नखलउ से आगरा express way ……. आगरा दिल्ली पहिलहीं बहिन जी बनवाय दी थी ……. केतना सुबिधा हो गिया …….. अब गाजीपुर का सब बेरोजगार लड़का लोग जब लेपटाँप पे बिलू फिलिम देख के अघा गिया तो सब खटाक से बनारस से बरेली पसिंजर पकड़ के नखलऊ चला जाएगा । हुआँ से मेट्रो धय के सीधे एस्प्रेस वे पे धाँय से 6 घंटा में दीली ………
अ दीली जा के का करेगा गाजीपुर का सब लड़िका लोग ……….
अरे उहाँ अज़ादपुर का झोपड़पट्टी में 300 रु का खोली भाड़ा पे ले के रहेगा ……. फैट्टरी में काम करेगा ………. मजूरी करेगा …… पेट पालेगा …… जियेगा खायेगा …….. बिकास पुरुष इक्लेस जादो परदेस का विकास किये हैं ……. मोदिया साला देस बर्बाद कर दिया …….. गरीब का सब नोट बन कर दिया औ अपने सब उद्योगपति दोस्त लोग को दे दिया …….हमरी GDP छत्ते पे चढ़ गयी थी बिना सीढ़ी के ……. मोदिया साला उप्पर से धकेल दिया ……. बेचारी GDP गीर गयी ।
इधर GDP गिरी उधर नोटबंदी फेल हो गयी ?

आपको कैसे पता कि नोटबंदी फेल हो गयी ?

सारा पैसा बैंक में वापस आ गया ।

नहीं ……. लगभग 1लाख 40,000 करोड़ नहीं आया ।
इसके अलावा दो करोड़ संदिग्ध खाते 8 Nov नए खोले गये जिनमे लगभग 4 लाख करोड़ रु जमा कराये गए । इन खातों और इन रुपयों की जांच चल रही है ।
इसके अलावा कई लाख करोड़ रुपया तो ऐसा है जो लोगों ने अपने दोस्त मित्र रिश्तेदार और कर्मचारियों के खातों में , इसके अलावा जनधन खातों में जमा करा दिया ……. दो दो ढाई ढाई लाख करके ……. ये सारा वो पैसा था जो की अब तक तहखानों तिजोरियों में दबा हुआ था ……… पर अब नोट बंदी के कारण इसे मजबूरन तहखानों तिजोरियों संदूकों से निकल के बैंक में जमा होना पड़ा ……. system में आना पड़ा ……. लाखों नहीं करोड़ों ऐसे Dormant मने सुसुप्त खाते थे जो अचानक जाग गए और उनमें रातोंरात लाखों रूपये जमा हो गए ।
समाजवादी पाल्टी के एक नेता पूर्व MLA के सुरक्षा गार्ड के खाते में अचानक 100 करोड़ रु जमा हो गए । वो बेचारे रूपये …… आजतक न जाने किस अँधेरे तहखाने तिजोरी में कैद थे ……. अब किसी बैंक खाते की शोभा बढ़ा रहे हैं । सरकार की नजर निगरानी में है ।
कुल 15 लाख करोड़ की currency चलन में है ।
इसमें से ये लगभग 6 से 8 लाख करोड़ रु संदिग्ध है ।
रूपये का कोई रंग नहीं होता । वो अपने आप में काला या सफ़ेद नहीं होता । उसका रंग तो हरा या गुलाबी pink होता है । ITR मने धारक की Income Tax return उसे काला या सफ़ेद बनाती है ।
अब तक जितना पैसा तहखानों तिजोरियों से निकल के बाहर आया वो अब सरकार की आँख के सामने है । अब सरकार एक एक खाते की जांच करेगी …….. और एक पूर्व निर्धारित संवैधानिक कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे काला या सफ़ेद धोषित किया जाएगा जिसमे समय लगेगा ।
अगर आप ये समझते हैं कि इस देश में काला धन ही नहीं था तो आप मूर्ख हैं या जान बूझ के सोच समझ के मूर्ख बन रहे हैं । कोई भी ऐसा व्यक्ति जो ढाई लाख रु से ऊपर की अघोषित रकम दबाये बैठा था वो काला धन था । मोदी की नोटबंदी उसे सबके सामने उजाले में ले आयी है ।
रही बात भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई की ……. तो नोटबंदी उस दिशा में उठाया गया पहला छोटा सा कदम है । हम आप सब जानते हैं कि असली काला धन तो बेनामी संपत्तियों और सोने चांदी हीरे जेवरात में छुपा है , मारीशस के रास्ते निवेश में छुपा है और विदेशी tax heavens में छिपा हुआ है ।
भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे एक राष्ट्र को इस दलदल से निकालने की पहली ईमानदार कोशिश किसी सरकार ने की है ।
इन तमाम तथ्यों को नज़रअंदाज़ कर यदि आप सिर्फ 50 दिन में ही इसे फेल घोषित कर देते हैं तो इसका सीधा सा मतलब ये है कि आप pathological Modi Hatred के शिकार हैं और इस घृणा जुगुप्सा के भाव ने आपकी सोचने समझने की शक्ति को कुंद कर दिया है ……… आप मोदी से घृणा के अपने पर्सनल एजेंडा में इस कदर अंधे हो चुके हैं कि राष्ट्र हित आपकी सूचि में कहीं है ही नहीं ।

नोटबंदी तो एक शिशु का पहला कदम है ……. आप बस देखते जाइये ……. अभी तो इसे मीलों जाना है ।

मीडिया हरमजदगी कर रहा है ।

माँ कसम , ये गुज्जू दढ़ियल ……. भोत कमीना आदमी है ।
अगर आप समझते हैं कि इन्ने ये नोटबंदी 8 Nov को करी ….. अगर आप वाकई ऐसा समझते हैं तो आप भारी चूतिया ।
अजी ये तो इस से पहले कई बार कर चुका नोटबंदी ।
हमारे एक मित्र हैं । लखनऊ में रहते हैं । जात के कायस्थ हैं ।
पहले बैंक में थे । वहाँ से VRS ले ली ।
लोगों को देस परेम देस भकती का कीड़ा होता है ।
इनको देस भकती का अजगर था ।
2013 – 14 की बात है ।
बोले खेती करूंगा ।
लोगों ने समझा भांग के अंटे का असर है । सुबह तक उतर जाएगा ।
पर जब सुबह ए अवध हुई तो नशा और चढ़ गिया ।
भाई साब सपरिवार पहुँच गए लखनऊ से बाहर एक गाँव में ।
एक किसान से 2 एकड़ जमीन खरीद ली । दो चार एकड़ lease पे ली ।
और लगे भैया सब्जी की खेती करने ।
and यू know ये मोदी कम्बखत …… वहीं गुजरात से बैठ के सिरबास्तो जी की खेती पे नजर रखे हुए था । इधर सिर्बास्तो जी के खेत में पत्ता गोभी बोले तो Cabbage की फसल लहलहा रही थी …….. सिरबास्तो जी सपरिवार कंधे पे हल रखे सपरिवार ग्रुप song गाते थे …….. मेरे पुत्तर परदेस की धरती सोना उगले , उगले हीरे मोती ……. उत् परदेस की धरती ……. पर मोदी से सिरबास्तो जी के पलिवार की खुसी देखी न गयी । और उन्ने वहीं गाँधी नगर में ही बैठे बैठे ( उस समय CM थे ) कम्बखत यहाँ लखनऊ में नोट बंदी कर दी ।
और भैया नोटबंदी होते ही जो पत्ता गोभी हज़रत गंज के AC showrooms में 50 रु किलो बिक रही थी वो 50 पैसे किलो बिकने लगी । इस दाम में तो लदाई मने cartage मने खेत से सब्जी मंडी तक लाने का tractor trolly का भाडा तो छोडो खेत में तुड़ाई तक नहीं निकलती …….. अब सिरबास्तो जी के सामने विकट समस्या …… इस पत्ता गोभी का करें तो क्या करें ?
तय हुआ कि tractor से जुतवा दो खेत में ही …….. कम से कम सड़ के खाद तो बनेगी ।
पर उस से पहले गाँव के पशुओं को न्योत आये ……. पहले ढोर डंगर चर लें तो फिर जुतवायें ।
4 दिन गाँव गिरांव की गाय भैंसों ने दुई एकड़ पत्ता गोभी की दावत उड़ायी । फिर सारी फसल मिट्टी में मिला दी गयी ।
मित्रों ……. जो देवेन्द्र श्रीवास्तव जी के साथ हुआ वो कोई नयी बात नहीं । ऐसा हर साल होता है ।
आप कितनी भी उन्नत कृषि कर लें , प्रकृति अपना काम करेगी ।
कभी bumper crop आएगी कभी एक एक दाने को तरस जाएगा किसान ।
एक बार हमने प्याज लगाए । इतने छोटे छोटे प्याज हुए कि मुफ्त में भी कोई न ले ।
और एक बार उसी खेत में इतनी फसल हुई कि रखने की जगह न बची ।
और ये तकरीबन हर फसल में होता है । और मंडी में दाम तो भैया सीधे सीधे demand and supply पे निर्भर करती है । मुझे वो दिन भी याद है जब 1990 में पटियाला के बाज़ार में अंगूर 2 रु किलो बिका था । कारण ये था कि बगल के जिले संगरूर के अंगूर किसानों के पास इतनी bumper crop हुई कि अंगूर 2 रु किलो बिका ।
खेती किसानी में भाव का ऊपर नीचे होना आम बात है ।
किसी भी किसान से बात करके देखिये । किसान कभी Bumper crop की कामना नहीं करता ।
दाम हमेशा moderate yield में ही मिलता है ।
मैंने लखनऊ में वो दिन भी देखे हैं जब आज से 3 या 4 साल पहले लखनऊ की सड़कों पे A grade दसहरी आम 6 रु किलो बिका था ।

आज देश में कुछ मंडियों में अगर टमाटर सड़कों पे फेंका जा रहा है तो उसमे नोटबंदी का कोई रोल नहीं ।
मीडिया हरमजदगी कर रहा है ।

अगली स्ट्राइक के लिए मोदी की सेना तैयार है 

आजकल कांग्रेस के युवराज चूतिया नंदन श्री राहुल गांधी जी महाराज लोगों को ये बताते फिर रहे हैं की cash के रूप में कालाधन सिर्फ 6% है । शेष काला धन तो भैया property , gold और विदेशी tax heavens में जमा है ……..
अब ये कोई ऐसा भी गुप्त ज्ञान नहीं जो चूतियानंदन को पता हो पर सरकार को न पता हो ?
सरकार बखूबी जानती है जनाब । और ये जो कहा जा रहा है न , कि सरकार ने नोटबंदी से पहले तैयारी नहीं की …….. अजी जनाब , खूब तैयारी की …… बड़ी कायदे से तैयारी की …….
बाबा रामदेव के साथ रह के मैंने जो देखा समझा , उस से मुझे ये समझ आया कि इस नोट बंदी की तैयारी मोदी जी ने 2011 में शुरू कर दी थी । जी हाँ 2011 से । जब कि अभी वो गुजरात के CM थे उन्होंने देश का अगला PM बनने की तैयारी शुरू कर दी थी । देश की समस्याओं को समझना और उनके समाधान खोजना शुरू कर दिया था ।
मेरे पास बड़ी पुख्ता जानकारी है कि देश के एक मूर्धन्य economist जो कुछ दिनों के लिए पातंजलि आये हुए थे और बाबा रामदेव को economics का एक crash course करा रहे थे , उन्ही दिनों वो गुजरात में मोदी जी के भी वित्तीय सलाहकार थे ……. मोदी ने तैयारी 2011 से ही शुरू कर दी थी …… उन्होंने इन मामलों की गहरी समझ हासिल की है …… समस्या को समझा और फिर समाधान खोजे ।
2014 में शपथ लेते ही मोदी ने पूरे देश में जो गरीबों के जन धन खाते खोलने शुरू किये वो इसी नोटबंदी का हिस्सा था । पूरे देश में जो डेढ़ लाख किलोमीटर optical fibre cable बिछाने का जो काम हुआ वो देश को cashless बनाने के लिए net connectivity देने का एक हिस्सा है ।
काले धन पे स्ट्राइक कैसे होगी इसकी पूरी तैयारी की है मोदी ने ।
नोटबंदी के बाद अब अगला हमला बेनामी संपत्ति पे होना है ।
इसकी बिसात भी बिछ चुकी है ।
Benami Transactions (prohibition) Amendment Bill 2015 में लोकसभा ने पास कर दिया । 2014 में ही देश के सभी Sub Registrar को और Development Authorities को आदेश दे दिए गए कि 2006 के बाद से 30 लाख से ऊपर की सभी properties की registry का ब्योरा आयकर विभाग को भेजा जाए । ख़ास तौर पे High ways के किनारे खरीदी गयी संपत्तियों पे focus किया गया । सरकार के पास ऐसी पुख्ता जानकारियाँ थीं की Agra Delhi Highway , NH 24 और कुंडली मानेसर पलवल express way के किनारे किसानों की ज़मीनें औने पौने दामों में खरीद के बहुत मोटे मुनाफे के साथ बेचीं गयी हैं । ये सारी property बेनामी है । 2006-7 और 2011-12 में जब property बाज़ार में boom था तो उस समय registered सारी संपत्ति का 30 % से ज़्यादा बेनामी है ……..
सरकार ने बेनामी संपत्ति पे surgical Strike की तैयारी पूरी कर ली है ।
नया क़ानून बेहद सख्त है जिसमे बेनामी संपत्ति को जप्त करने के अलावा 25% panelty के साथ 7 साल की सज़ा का भी प्रावधान है । इसका मतलब ये कि यदि किसी ने अपने नौकर के नाम एक करोड़ का flat लिया है तो उस flat में तो अब मोदी जी रहेंगे , सेठ जी 25 लाख panelty देंगे और फिर खुद 7 साल जेल खटेंगे ।
आयकर विभाग ने 200 teams का गठन कर लिया है और वो बेनामी संपत्ति पे surgical strike के लिए एकदम तैयार हैं ।
इसके अलावा आजकल जो कालेधन पे छापेमारी चल रही है उसकी कागज़ी कार्यवाही के लिए सवा लाख retired आयकर अफसरों को संविदा पे नियुक्त किया जा रहा है । इसके अतिरिक्त एक लाख से अधिक नयी नियुक्तियां भी आयकर विभाग में की जा रही हैं ।
सरकार ने दागी बैंक कर्मियों और RBI कर्मियों की पहचान कर ली है । इसके अलावा 8 Nov के बाद जमा धन राशियों और सम्बंधित बैंक खातों को भी पहचान के black money धारकों और काले को सफ़ेद करने वालों की पहचान भी हो गयी है । आयकर विभाग अगले कई साल तक बेहद व्यस्त रहेगा ।
अगली सर्जिकल स्ट्राइक कभी भी हो सकती है ।
कभी भी ……. 1 जनवरी को भी …….
देश के प्रॉपर्टी बाज़ार मे पहले ही 30 % की गिरावट थी । मने 100 का माल 70 में बिक रहा था । इस स्ट्राइक के बाद 30 % और गिरेगा ।
मने 100 का माल 40 में बिकेगा ।
That will be the right time to invest in property ……
अगर आपके पास white money हो तो ……..
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कोई नहीं बचेगा ……. जाल बिछ गया है

मोमता दी बंगाल में हलक फाड़ के चिल्ला रही हैं ……. ये संघीय ढाँचे पे प्रहार है ……. मोदी सरकार राज्यों के  चीफ सेक्रेटरी के घर दफ्तर पे छापे मार के करोड़ों रु के नोट और सौ सौ किलो सोना बरामद कर रही है ……… बेनामी संपत्तियों के कागज़ात जप्त किये जा रहे हैं ………… ये तो मोदी सरकार का संघीय ढाँचे पे प्रहार है …………मोमता दी कहती हैं की चोर चीफ सेक्रेटरी को पकड़ने से पहले राज्य सरकार को विश्वास में लेना चाहिए ……….

गौर तलब है की तमिल नाडू के चीफ सेक्रेटरी P Ram Mohan Rao के घर दफ्तर पे जब इनकम टैक्स विभाग ने छापा मारा तो उनके साथ सुरक्षा के लिए तमिल नाडु पुलिस की जगह CRPF का सशस्त्र बल था …….. आज समाचार मिल रहे हैं कि राम मोहन राव के बेटे विजय राव के संस्थानों पे भी छापे मारे जा रहे हैं …………

राजनीतिक हलकों में ये सवाल भी पूछा जा रहां है कि अगर जय ललिता आज जीवित होतीं तो भी क्या इनकम टैक्स विभाग तमिल नाडु के चीफ सेक्रेटरी पे इस तरह दबिश देता ? राम मोहन राव की नियुक्ति स्वयं जयललिता ने की थी ………शाही पनीर सेलवम को तो राव विरासत में मिले ………  चीफ सेक्रेटरी राज्य की कैबिनेट के विश्वास पर्यंत पद पे रहता है ……… चीफ सेक्रेटरी पे दाग राज्य की कैबिनेट पे दाग माना जाता है ………. राजनीतिक हलकों में इसे मोदी सरकार का एक अत्यंत दुस्साहसिक कदम माना जा रहा है ……… सवाल ये है कि इतनी बड़ी मछली पे हाथ डालने से पहले विभाग ने अपने विभाग के सर्वोच्च अधिकारियों और राजनैतिक आकाओं को संज्ञान में लिया था ? यानि जेटली साहब की आज्ञा से छापे मारे गए ? जेटली ने मोदी को संज्ञान में लिया होगा ?

भोजपुरी में कहावत है …….. भैंस बियाती है तो बैलों की *** फटती है …….. छापा तमिलनाडु में पडा पर फटी समता , ममता , माया की पड़ी है …….. फटी जादो परिवार की पडी है ……. गांधी परिवार की फटी पड़ी है …….. इन सबकी गर्दन पे तलवार लटकी पड़ी है ……..

टीम मोदी नोटबंदी को एक राजनैतिक हथियार के तौर पे इस्तेमाल कर रही है ……. टीवी में दिन रात इनकम टैक्स की छापेमारी और काले धन की बरामदगी दिखाई जा रही है …….. P Ram Mohan Rao पे हाथ डाल के मोदी सरकार ने अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं …….. बड़ी मछलियाँ जाल में फसने लगी है …….. बड़ी मछलियों को सन्देश पहुँच गया है ……. कोई नहीं बचेगा ……..