मूर्ती या तो ओरनजेब भाई जान की लगेगी वरना नई लगेगी ।

पृथ्वी राज कपूर की नवासी करीना कपूर ने अपने नवजात बेटे का नाम रख दिया तैमूर ।
फेसबुक पे चिहाड़ मची है । इतने कुख्यात हत्यारे के नाम पे अपने बच्चे का नाम रखता है कोई भला ?

उधर महाराष्ट्र सरकार मुंबई में महाराज छत्रपति शिवाजी की मूर्ति / स्मारक बनवाने जा रही है ……. 3600 करोड़ रु खर्च होंगे ।

टीवी पे चिहाड़ मची है । सुबह से मुहर्रम मनाया जा रहा है । बड़े बड़े दिग्गज धुरंधर इसे tax payers के पैसे का collosal .misuse मने करदाताओं के पैसे की भारी …… भोत भारी मने भोत भोत जादे भारी …… मने विराट दुरुपयोग हो रिया है ।

बात भी सही है …… 500 साल पहले पैदा हुआ और मर मरा गया …… ऐसे आदमी की मूर्ती लगाने की चूतियापंती क्यों कर रहा है देश ?
अबे मूर्ती लगानी है तो भेन मायावती की लगाओ …… उनके गुरु कांशी राम की लगाओ …… भोत करो तो आंबेडकर की लगा दो ……. ये राणा परताप और सिबा जी की क्यों लगाते हो ?
अबे मोतीलाल नेहरू की लगाओ , जवाहर लाल की लगाओ , इंदिरा गाँधी की लगाओ , राजीव गांधी की लगाओ , अबे सोनिया गाँधी की मूर्ती लगाओ ……. ये सेक्युलर लोग हैं ….. ये शिवा जी और राणा प्रताप जैसे third class outdated आदमियों की मूर्ती लगाओगे ? दोनों कम्बखत साम्प्रदायिक आदमी थे …… एक अकबर से लड़ता रहा ता उम्र …… दूसरा औरन्ज़ेब से …… बताओ कित्ता सरीफ लौंडा था अपना औरन्जेब ……. सो सिम्पिल man …… सिम्पिल लिभिंग हाई थिंकिंग …. एंड सो सेक्युलर ??????
टोपी सिल के जीता था …… ऐसे निहायत सरीफ लौंडे से लड़ाई करता था जे सिवा जी ……. और उसकी मूर्ती लगाते हो बे ? ब्लडी कमूनल पीपुल ……. अपने अकललेस भैया को अभी पता चल जाए कि ओरनजेब भाई जान को ऐसे harass किया इस सिबा जी ने तो अबी के अबी गुंडा act और MISA लगा के बंद कर दें और ओरनजेब भाई जान को एक करोड़ मुआवजा …….. लौंडो के लिए 4 flat और नोकरी दे दें अबी के अबी ……. और ये मोदी ….. ये ऐसे कमूनल पीपुल जो देस की गंगा जमुनी तहजीब को डिस्टर्ब कर रेला था …… उसका फोटो लगाता है साला मुंबई में …….
अबे मूर्ती और फोटू लगाना है तो ओरनजेब भाई जान का लगाओ न जो बेचारा विक्टिम था ? बेचारा minorty अल्पसंख्यक …….

अपुन लोग ये सिबा जी की खड़ी निंदा कर रेला है ।
मूर्ती या तो ओरनजेब भाई जान की लगेगी वरना नई लगेगी ।

UP में आंधी चल रही है । सब उड़ा ले जायेगी ।

मैं जब भी UP के आगामी विस चुनाव का विश्लेषण करता हूँ तो कहता हूँ ……. BJP क्लीन स्वीप करेगी । यदि कोई महाठगबंधन न हुआ ……. ऐसा ठगबंधन जिसमे हाथी साइकिल पे चढ़ जाए और उस हाथी पे राहुल बाबा बैठे हों ……. यदि ऐसा हो तभी BJP रुकेगी वरना UP में माया मुलायम का सूपड़ा साफ़ है .
मेरे मित्र पूछते हैं कि आपके इस आशावाद का कारण क्या है ?
दो कारण हैं ।
पहला जातीय समीकरण ।
UP में कोई व्यक्ति किसी पार्टी को भोट नहीं देता ।
जातियों के समूह किसी पार्टी को भोट करते हैं । व्यक्तिगत भोट मायने नहीं रखता । वो नगण्य होता है । चुनाव से पहले ये पता चल जाता है कि कौन सी जाति किस क्षेत्र में किसे वोट कर रही है । 2017 की विशेषता ये है कि भाजपा ने ये जातीय समीकरण साध लिए है ।
सवर्ण और गैर यादव OBC भाजपा खेमे में आ गए हैं । इसके अलावा दलितों में भी गैर चमार जाटव दलित भोट बैंक में भाजपा ने बहुत बड़ी सेंध लगाई है ।
अब बचे यादव और चमार जाटव ……. तो पूर्वी UP की ये दशा है कि 20 से 30 % यादव चमार भी भाजपा को भोट देने का मन बना चुके हैं । भाजपा ने 2014 की तुलना में अपना जातीय जनाधार बढाया है । इसके अलावा Floating भोट का भी एक बहुत बड़ा हिस्सा POK में surgical Strike और नोटबंदी के बाद भाजपा के पक्ष में आया है । सवाल उठता है कि नोटबंदी से उपजी परिस्थितियाँ और उस से उत्पन्न मंदी कितना असर डालती है । वैसे यदि चंडीगढ़ के हालिया चुनावों का रुझान देखा जाए तो नोटबंदी से भाजपा को लाभ हुआ है और पंजाब की anti incumbency के बावजूद congress का सूपड़ा साफ़ हो गया जबकि केजरीवाल ने बेहद शातिराना चाल चलते हुए चुनाव से withdraw कर congress को walk over दे दिया था जिस से कि भाजपा विरोधी भोट का बँटवारा न हो और सारा भोट congress को मिले ……..
इसके बावजूद कांग्रेस का सूपड़ा साफ़ हो गया चंडीगढ़ में । इस से पता चलता है कि नोटबंदी से भाजपा को फायदा है नुकसान नहीं ।

अब मेरे आशावाद का दूसरा कारण है समाजवादी कुनबे की कलह ।
नोटबंदी के बाद अचानक जादो कुनबे के कलह के समाचार आने बंद हो गए ।
पर कल अकललेस जादो ने फिर एटा में ताल ठोक दिया ।
उन ने अपने खेमे के 70 युवा MLAs से कही ……. टिकट की चिंता मति करो …… जाओ …… अपने अपने क्षेत्र में जाओ और सरकार के कामकाज का परचार परसार करो ……..
ये चचा सिपाल जादो को खुली धमकी है ।
माना जा रहा है कि ये भतीजे की ओर से बगावत का बिगुल है ।
ऐसे कयास लग रहे हैं कि अगर टिकट वितरण में अखिलेश की न चली तो सपा के कम से कम 200 बागी खड़े होंगे और जहां बागी नहीं भी होंगे वहाँ चाचा भतीजा भितरघात कर एक दुसरे को हरवायेंगे ।
इसमें पेंच ये है कि सपा के गैर मुस्लिम वोटर की पहली स्वाभाविक गैरसपा पसंद भाजपा है न कि बसपा ।
इस भितरघात से सपा votebank का एक बड़ा हिस्सा भाजपा में shift हो सकता है ।

इसके अलावा नोटबंदी के बाद से देश में जो माहौल है और सरकारी एजेंसियां जैसे बेरहमी से ताबड़ तोड़ छापे मार कार्यवाही कर रही हैं उस से जादो कुनबे में खलबली है । मोदिया कब घुस आयेगा घर में क्या पता ??????
ऐसे में सपा समर्थक एक बहुत बड़ी पूंजीपति लॉबी neutral हो गयी है । कयास तो यहाँ तक हैं कि अमित शाह का प्रेमपत्र पहुँच चुका है ।
भोजपुरी में कहावत है ……
आन्ही आवै बइठ गंवावे …….
मने जब जोर की आंधी आये तो कुछ सर सामान बटोरने के कोशिश नहीं करनी चाहिए ……. जो उड़ता है उड़ जाने दो ……. कहीं किसी कोने में दुबक के पहले जान बचाओ ….. जान बची रही तो फिर देखेंगे खोजेंगे ……
क्या गया क्या बचा ……
UP में आंधी चल रही है । सब उड़ा ले जायेगी ।

कोई नहीं बचेगा ……. जाल बिछ गया है

मोमता दी बंगाल में हलक फाड़ के चिल्ला रही हैं ……. ये संघीय ढाँचे पे प्रहार है ……. मोदी सरकार राज्यों के  चीफ सेक्रेटरी के घर दफ्तर पे छापे मार के करोड़ों रु के नोट और सौ सौ किलो सोना बरामद कर रही है ……… बेनामी संपत्तियों के कागज़ात जप्त किये जा रहे हैं ………… ये तो मोदी सरकार का संघीय ढाँचे पे प्रहार है …………मोमता दी कहती हैं की चोर चीफ सेक्रेटरी को पकड़ने से पहले राज्य सरकार को विश्वास में लेना चाहिए ……….

गौर तलब है की तमिल नाडू के चीफ सेक्रेटरी P Ram Mohan Rao के घर दफ्तर पे जब इनकम टैक्स विभाग ने छापा मारा तो उनके साथ सुरक्षा के लिए तमिल नाडु पुलिस की जगह CRPF का सशस्त्र बल था …….. आज समाचार मिल रहे हैं कि राम मोहन राव के बेटे विजय राव के संस्थानों पे भी छापे मारे जा रहे हैं …………

राजनीतिक हलकों में ये सवाल भी पूछा जा रहां है कि अगर जय ललिता आज जीवित होतीं तो भी क्या इनकम टैक्स विभाग तमिल नाडु के चीफ सेक्रेटरी पे इस तरह दबिश देता ? राम मोहन राव की नियुक्ति स्वयं जयललिता ने की थी ………शाही पनीर सेलवम को तो राव विरासत में मिले ………  चीफ सेक्रेटरी राज्य की कैबिनेट के विश्वास पर्यंत पद पे रहता है ……… चीफ सेक्रेटरी पे दाग राज्य की कैबिनेट पे दाग माना जाता है ………. राजनीतिक हलकों में इसे मोदी सरकार का एक अत्यंत दुस्साहसिक कदम माना जा रहा है ……… सवाल ये है कि इतनी बड़ी मछली पे हाथ डालने से पहले विभाग ने अपने विभाग के सर्वोच्च अधिकारियों और राजनैतिक आकाओं को संज्ञान में लिया था ? यानि जेटली साहब की आज्ञा से छापे मारे गए ? जेटली ने मोदी को संज्ञान में लिया होगा ?

भोजपुरी में कहावत है …….. भैंस बियाती है तो बैलों की *** फटती है …….. छापा तमिलनाडु में पडा पर फटी समता , ममता , माया की पड़ी है …….. फटी जादो परिवार की पडी है ……. गांधी परिवार की फटी पड़ी है …….. इन सबकी गर्दन पे तलवार लटकी पड़ी है ……..

टीम मोदी नोटबंदी को एक राजनैतिक हथियार के तौर पे इस्तेमाल कर रही है ……. टीवी में दिन रात इनकम टैक्स की छापेमारी और काले धन की बरामदगी दिखाई जा रही है …….. P Ram Mohan Rao पे हाथ डाल के मोदी सरकार ने अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं …….. बड़ी मछलियाँ जाल में फसने लगी है …….. बड़ी मछलियों को सन्देश पहुँच गया है ……. कोई नहीं बचेगा ……..

मोदी गुज्जू व्यापारी है । एक पैसे के लिये जान दे देगा

किस्सा 1990 का है । तब जबकि मैं 25 साल का था और मातृभूमि राष्ट्र भक्ति देशप्रेम जैसे चूतिया चक्करों में पड़ के , SAI की 3 महीने पुरानी Central govt job को लतिया के , पंजाब के जालंधर शहर की जन्मी पली नव विवाहिता पत्नी को लिए ऊपी के जिला गाजीपुर चला आया । धर्म पत्नी ने दिल्ली में पूछा , हे पतिदेव , प्राण नाथ ……. कहाँ चले ? मैंने कहा प्रिये , दिल मेरा लगता नहीं इस बेदिल बेजान शहर में …. चल गाँव चलें । पेड़ के नीचे बैठा के बच्चे पढ़ाएंगे । और ये भी आज्ञाकारी पत्नी की तरह पीछे पीछे चल पड़ी । April May june की भीषण गर्मी ……. पुत्तर परदेस में बिजली तब भी 6 घंटे ही आती थी …….. हमने 25 जून 1990 को अपने घर के आँगन में एक पेड़ के नीचे ……. ठीक वहीं जहां आज उदयन चलता है ……. गाँव गिरांव के बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया । कुछ दिन में लगभग 200 से ज़्यादा बच्चे आने लगे ……. परिवार भी पालना था …… फीस रखी 20 रु ……. स्वयं KV में पढ़े थे सो हूबहू KV ही चला दिया । NCERT का syllabus और books ……. 20 रु में …….
साल बीता । बच्चे बढ़ के 300 हो गए । कुछ local teachers भी रख लिए । उनको वेतन भी देना था । सो फीस 10 रु बढानी पड़ी । 30 रु …….
फिर गाँव वालों ने गणित लगाया …… 300 ×30 = 9000

अरे ई अजीत सिंघवा हमहन से 9000 रु कमाए लागल ……. लूट है जी लूट …… बहुत बड़ा षड्यंत्र है जी ……. देखते ही देखते आधे बच्चे गायब हो गए । धीरे धीरे ये स्थिति आ गयी कि 200 बच्चों में से 150 बच्चे 8 km दूर सैदपुर से आते थे और अगल बगल के गाँव से सिर्फ 20 बच्चे । उसमे भी हमारे गाँव माहपुर जिसकी आबादी 1200 थी उसमे से सिर्फ 3 बच्चे । यहाँ तक कि मेरे अपने परिवार (extended family) का एक भी बच्चा नहीं पढता था ।
3 साल तक यूँ ही चलता रहा । अंत में सैदपुर के parents ने दबाव डालना शुरू किया कि आप लोग यहाँ क्या कर रहे हैं । 200 बच्चे इतनी दूर से कष्ट सह के यहाँ आते हैं ……आप लोग वहीं चलिए ….. सैदपुर । और इस तरह Mahpur Public School माहपुर छोड़ सैदपुर चला गया ।
MPS का पहला छात्र 5 वर्षीय आशुतोष था जो आज Army में Major है । कुल 8 साल यानी 1st से 8th तक पढ़ा हमसे । उसके अलावा सैकड़ों हज़ारों बच्चे आज बेहद सफल हैं । कुछ FB पे भी हैं मेरी लिस्ट में ……. जिन बच्चों को उनके माँ बाप ने साल भर बाद 30 रु बचाने के लिए हटा लिया उनपे कोई टिप्पणी उचित नहीं ……..

आज देख रहा हूँ …… फिर वही कहानी दोहराई जा रही है …..

मोदी जी देश को cashless बनाने का सपना देख रहे हैं तो कुछ लोग कम्पनियों का कमीशन जोड़ रहे है । अरे भाई मोदी गुज्जू है …… एक पैसे के लिए जान दे देगा …… गुज्जू है …… उसका गणित और उसकी व्यापारिक बुद्धि हमसे आपसे बहुत तेज़ है । वो debit card और mobile banking कम्पनियों को चूस लेगा …… आप निश्चिन्त रहिये ।
कौन क्या कमा लेगा इसे छोडिये । cashless होने में देश को क्या फायदा है ये सोचिये ।

 

वेश्या चाहती है कि दुनिया की हर औरत वेश्या बना दी जाए

वेश्या की एक समस्या होती है ।
मोहल्ले में इज्ज़त ……. मान सम्मान ।
समाज में सिर उठा के नहीं चल सकती ।
उसका मुकाबला रहता है समाज की इज्ज़तदार औरतों से । अगर ये न होती तो उसे कोई समस्या न होती । वेश्याओं के जब मोहल्ले बस जाते हैं ……. नगर के नगर ……. तब किसी वेश्या को कोई दिक्कत नहीं होती ……
जैसे Bangkok ……… सुना है कि पूरा देश ही वेश्याओं का है । वहाँ तो सुना है कि वेश्या न होना समस्या बन जाता है ……..
बहरहाल ……. भारत जैसे देश में , वेश्या अपनी सभी समस्याओं का एक ही हल खोज पाती है । पूरे शहर की हर औरत को वेश्या बना दो …….. सभी सुहागनों , सभी ब्याहताएं वेश्या घोषित कर दो …….

आज राहुल गाँधी ने यही किया । खुद अपनी माँ के साथ National Herald के केस में 5000 करोड़ की धोखाधड़ी गबन भ्रष्टाचार के केस में जमानत पे है …… 10 साल तक जिस सरकार के unconstitutional सुप्रीमो रहे वो 12 लाख करोड़ रु के भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरी है ……. Augusta Wasteland केस में इटली की सर्वोच्च अदालत में रिश्वत लेने के आरोप सिद्ध हुए हैं …….. वाहे वेश्या पुत्र राहुल गाँधी आज नरेन्द्र मोदी पे भ्रष्टाचार के झूठे फर्जी तथ्यहीन आरोप लगाते देखे गए ।
नोटबंदी को 8 लाख करोड़ का भ्रष्टाचार बताते फिर रहे हैं ।

वेश्या पुत्र चाहता है कि समाज में हर कोई वेश्या हो जाए जिस से कि उसके परिवार की कालिख न दिखे ।

 

नोट बंदी संकट नहीं बल्कि एक अवसर है

Ford motors के मालिक Henry Ford निपट अंगूठा टेक अनपढ़ थे । जब वो अपनी सफलता के शिखर पे थे तो एक स्थानीय अखबार ने अपने एक लेख में उनको अनपढ़ लिख दिया । Ford को ये बड़ा नागवार गुजरा और उन्होंने उस अखबार पे मानहानि का मुकद्दमा ठोक दिया ।
सुनवाई शुरू हुई । Ford के वकील ने अखबार पे अपना आरोप दोहराया । आपने Mr Ford को अनपढ़ कहा ? सम्पादक बोला , हाँ कहा ……. और ठीक ही तो कहा …… अनपढ़ ही तो हैं Mr Ford . बुलाओ कटघरे में ……. अभी दो मिनट में सिद्ध कर देंगे कि अनपढ़ हैं ।
Ford कटघरे में आये तो सम्पादक ने उनसे किताबी सामान्य ज्ञान मने GK के कुछ सवाल पूछे । जाहिर सी बात है उनमे से एक का भी जवाब Ford के पास न था । सम्पादक ने जज से कहा …… अब और क्या प्रमाण चाहिए ?
Ford ने जवाब दिया ……. जज साहब ये माना कि मुझे इन सवालों के जवाब नहीं आते । ऐसे भी बहुत से सवाल होंगे जिनके जवाब इन सम्पादक महोदय को नहीं पता होंगे ।
पर मुझे हे पता है कि इन सवालों के जवाब कहाँ मिलेंगे ? कौन देगा इनका जवाब ?किस सवाल को कैसे हल करना है या करवाना है ……. मुझे ये पता है । मैं उन आदमियों को जानता हूँ जिन्हें इन सवालों के जवाब मालूम है । यदि आप आज्ञा दें तो मैं अभी एक मिनट में इन सभी सवालों के जवाब देने वालों की फ़ौज खड़ी कर सकता हूँ ।
मुझे सवालों के जवाब खोजना आता है ।
अपनी जिंदगी का तो शुरू से ही एक फलसफा रहा ।
समस्याओं का रोना मत रोओ । समाधान खोजो ।
Don’t discuss the problems . Find Solutions .
समस्याओं का क्या है ? वो तो लगी रहेंगी ।
सवाल पे focus मत करो । अपनी सारी ऊर्जा उसका हल खोजने में लगाओ ।
एक progressive समाज यही करता है । उस समाज के leaders सवालों और समस्याओं पे अपनी ऊर्जा और समय नष्ट नहीं करते बल्कि समाधान खोजने में करते हैं ।
माना कि नोटबंदी ने सवाल खड़े किये ……. समस्याएं पैदा की ……
8 Nov के बाद से हमारे leaders , हमारी press , हमारे institutions सिर्फ इस से उत्पन्न समस्याओं का रोना रो रहे हैं ……… हाय मर गए …… cash नहीं है ……. नेता और प्रेस सिर्फ और सिर्फ bank और ATM की लाइन में खड़े लोगों के कष्ट दिखा सुना रहे हैं ……. कोई ये नहीं सुझा रहा कि आखिर हल क्या है । समस्या का समाधान क्या है ?
विकल्प क्या हैं ?
cash अगर नहीं है तो कैसे survive करें ?
कैसे काम चलायें ?
cashless या less cash कैसे हुआ जाए ?

TV का पत्रकार लाइन में खड़े आदमी से पूछता है कब से खड़े हो ? कितने दिन से खड़े हो ? कितना कष्ट है ?
मैं पत्रकार होता तो पूछता …….. यहाँ क्यों खड़े हो ?
क्यों चाहिए cash ?
चेक से काम क्यों नहीं करते ?
लाओ अपना फोन दो , मैं सिखाऊँ कैसे करते हैं Net banking और Mobile बैंकिंग ……… cash अगर नहीं है तो विकल्प क्या हैं ? शिक्षा और समाचार माध्यमों को इसपे focus करना चाहिए । leaders को इसपे focus करना चाहिए ।
पर इसके विपरीत वो देश की जनता को ये समझाने में लगे हैं कि हम क्यों खोजें समाधान ?

आखिर ये समाधान हमपे क्यों थोपे जा रहे हैं ?
हम अपने पुराने पारंपरिक ढर्रे को छोड़ क्यों अपनाएं नयी तकनीक ?
तुम सिर्फ cash दो ……. हमको नहीं चाहिए तुम्हारी नयी तकनीक ……
आज देश की विपक्षी पार्टियां लोगों को भड़का रही हैं …. विद्रोह कर दो ……. दंगा फसाद करो cash के लिए …….. मत होवो cashless या less cash …….. net banking और mobile banking मने समाधान के नुक्सान गिनाये जा रहे हैं ……. खतरे गिनाये जा रहे हैं ……… मोबाइल बैंकिंग को कुछ कम्पनियों और उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने की साजिश बताया जा रहा है ।

नोट बंदी भारत के लिए एक बहुत बड़ा अवसर है ……… भविष्य में एक उन्नत भारत का रास्ता इसी नोटबंदी से निकलेगा ……. इसे एक संकट के नहीं बल्कि अवसर के रूप में देख के इसका समाधान खोजना चाहिए युद्ध स्तर पे ।
नोट बंदी संकट नहीं बल्कि एक अवसर है

हे मोदी ……. जियो और जीने दो , खाओ और खाने दो

मोदी जी , कायकू बावले हुए जा रिये हो …….
भैन्चो …… न खुद चैन से सोते हो न पब्लिक को सोने देते हो ?
भैन्चो …… जीना हराम कर दिया है लोगों का ……. 18 से 20 घंटे काम करते हो …… खुद को तो नींद आती नहीं ……. दूसरों को तो सोने दो …….
ठीक यही प्रॉब्लम हमारे बाप की थी । न खुद कभी सोया 4 बजे के बाद और न हमको सोने दिया ……. मने सोता हुआ आदमी तो उनसे बर्दाश्त ही न होता था …….
ये सनकी बुड्ढों के साथ यही प्रोब्लम होती है ।
न सोऊँगा न सोने दूंगा ।
न खाउंगा न खाने दूंगा ।
12 बजे सोते हो सुबह 5 बजे उठ जाते हो ।
5 से 6 योग और साढ़े 6 बजे टेबल पे ?
अबे एकाक घंटा आलोम बिलोम कपाल भाति फालतू कर लिया करो …..
7 बजे अफसरों को फून करके पूछते हो disturb तो नहीं किया ?

आधी दुनिया घूम के आ जाते हो फिर भी Jet Lag नहीं होता ?
अबे तुम्हारे बीबी बच्चे नहीं है ……. न सही …… दूसरों के तो हैं ?
कायकू गरीब मार कर रिये हो यार …….
खुद के भाई भतीजे बहन भांजे तो मुफलिसी में जी रहे …….. सगी भतीजी गुजरात में शिक्षा मित्र लगी है सिर्फ 5500 रुपल्ली पे …….. लानत है ऐसे चचा पे …….. हमारे इदर जादो पलिवार की भतीजी होती तो अब तक राज्यसभा में होती या फिर किसी गायत्री परसाद से डेली का 5 – 7 करोड़ का हिसाब लेती ……. हवाई जहाज मने राज्य सरकार के पिलेन से जूता चप्पल सैंडिल और पर्स मंगवाती …….. उसका बी 200 करोड़ का बँगला होता अहमदाबाद सूरत में ……. अपने भी फ़कीर रहे पूरे खानदान को भी फ़कीर बना के रख छोड़े ?
और ये कायकू मरे जा रहे हो ……. डाकुओं का देश है ये …….. अबे किस किस अंगुलिमाल को संत बनाओगे ????? और सुनो ……. सिर्फ तुम्हारे राम बन जाने से मुल्क में राम राज नहीं आ जाएगा ……. जिस देश में सब रावण हों वहाँ अकेला राम क्या करेगा …….. और रावणों के मुल्क में राम राज लाने की ऐसी ज़रूरत भी क्या है ?
जहां हर आदमी रावण का उपासक हो वहाँ राम राज भला क्यों ?
अबे तुमने अकेले देस सुधारने का ठेका लिया है का ?
अकेले पिले पड़े हो ? किस किस को सुधारोगे ? किस किस का जिम्मा लोगे ……
सब तो उन्ही से मिले हैं …… उन्हीं के गुलाम ……. उन्हीं की चाकरी कर रहे …… क्या bank वाले और क्या RBI वाले ? क्या मजदूर क्या गरीब …… सब उन्हीं के लिए तो लाइन में लगे खड़े ……. पहले उनके नोट बदलवाते रहे सिर्फ 300 रु दिहाड़ी पे ……. फिर उनके ढाई लाख अपने खाते में डलवा दिए …… और अब रोजाना ATM के सामने खड़े निकलवा के दे रहे हैं …….
किसके लिए मरे जा रहे हो मोदी ?
इन्ही बिके हुए लोगों के लिए …….
अबे तुम क्या इकलौते PM हुए हो इस देस के ?
तुमसे पहले बीसियों हुए यार …… देखा किसी को इस तरह चिहाड़ मचाते ? अबे सब खाए खेले मस्त रहे …….. और एक तुम हो कि मरे जा रहे हो ……
अबे जैसे सबने आसान रास्ता अपनाया ……. तुम भी अपनाओ ……. जाओ कुछ दिन ……. गोवा टहल आओ ……. कोई सहेली बनाओ ……. जाओ फिजी बाली …… कहीं होनोलुलु में धूप सेक आओ …… बिटामिन D मिलता है सरीर को ……. बहुत दिन धूप न लगे तो हड्डी कमजोर पड़ जाती बतावें …… देखते नही हो अपने राहुल बाबा की हड्डी केतनी मजबूत है …… अबे जाओ तनिक मालिस ओलिस करवाय आओ तुम बी ……. एकाक ठो कविता कहानी लिखना उहाँ ……. इहाँ साले इन छुटभैये नेताओं के साथ अन्ताक्सरी खेल रहे रहे हो ?
जाओ उहाँ …… स्विट्ज़र लैंड ……. एकाक खाता तुम भी खुलवा ल्यो …… बुढापा चैन से कटेगा …….
हे मोदी ……. जियो और जीने दो
खाओ और खाने दो

मोदी जी संकट को अवसर में बदलना बखूबी जानते हैं ।

मोदी जी एक किस्सा सुनाया करते थे 2014 से पहले ।
तब जबकि वो गुजरात के CM थे ।
गुजरात सरकार हर वर्ष एक नया कार्यक्रम हाथ में ले के उसपे युद्ध स्तर पे काम करती थी ।
तो एक साल गुजरात ने निर्णय लिया कि इस साल हम शहरी विकास वर्ष मनाएंगे ।
मने गुजरात के शहरों का काया कल्प करेंगे ।
municipal corporations को सुधारेंगे । शहर साफ़ करेंगे । कूदा कचरा निस्तारण ….. यातायात ….. अतिक्रमण हटायेंगे ।
सरकारी घोषणा हो गयी । notification जारी हो गयी ……. करीब 15 दिन बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भागे भागे आये । बोले हुज़ूर गलती हो गयी …….
क्यों ? क्या हुआ ?
हुज़ूर इस साल के अंत में पूरे गुजरात में corporations और स्थानीय निकायों के चुनाव हैं ।
आप सड़कों से अतिक्रमण हटाने जा रहे हैं ……. पूरे प्रदेश में हज़ारों नहीं लाखों लोग प्रभावित होंगे …… विस्थापित होंगे ……. सालों से सड़कों पे काबिज लोग जब हटाये जायेंगे तो बवाल करेंगे …… उनकी रोजी रोटी प्रभावित होगी ……. वोटर नाराज होगा ……. नगर निगम चुनाव में सूपड़ा साफ़ हो जाएगा …….
मोदी जी ने कहा , ये सब तो पहले सोचना था । अब तो तीर निकल गया तरकश से …… अब जाओ और public को समझाओ कि यदि सड़क चौड़ी होगी तो आपका ही फायदा है …….
नगर साफ़ सुथरे होंगे तो आपका ही फायदा है ……..
मोदी संकट को अवसर में बदलने में माहिर हैं ।
उन्होंने जी जान लगा दी । सडकों से अतिक्रमण हटाये गए । अकेले अहमदाबाद में ही सड़कों पे बने सैकड़ों मंदिर मस्जिद पीर मजार तोड़े गए ……. बहुत हाय तौबा मची …… सडकें खाली कराई गयी …… शहरों में सैकड़ों Fly over बनने शुरू हुए ……. द्रुत यातायात के लिए rapid transport lane बनी ……. 6 महीने में यातायात दुरुस्त हो गया ……. शहरियों को पहली बार अहसास हुआ कि हमारे शहर की सड़क इतनी चौड़ी …. साल बीतते बीतते शहर चम् चम् चमकने लगे …….
जनता बेवक़ूफ़ नहीं ……. अपना भला बुरा समझती है ……..
उस साल हुए स्थानीय निकायों और कारपोरेशन चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस का सूपड़ा ही साफ़ कर दिया …… खाता तक न खुला …….

जब से नोट बंदी हुई उसके बाद जितने भी चुनाव या उपचुनाव हुए देश भर में ……. भाजपा जीती है ।
आज चंडीगढ़ भी जीत लिया ।
जनता अपना भला बुरा सब जानती है ।
मोदी जी संकट को अवसर में बदलना बखूबी जानते हैं ।
पंजाब की तस्वीर धीरे धीरे साफ़ हो रही है ।

बंगाल के हिन्दुओं …… खुद ही खडा होना पडेगा ……..

एकदा जम्बू द्वीपे भारत खंडे बंगाल राज्ये एक औरत रहती थी ।
एक दिन एक गुंडा बदमाश बलात्कारी ने उसको पकड़ लिया और लगा उसका बलात्कार करने ।
और वो लगी हाय हाय करने …… ohh my god ……
उसकी ये हाय तौबा चीखो पुकार मेरे जैसे , दूसरों के फटे में टांग अड़ाने वाले ने सुनी …… और उसने भैया ….. उठाया जो लट्ठ ….. और दौड़ा उस बेचारी अबला को बचाने ……
वहाँ पहुँच उस बलात्कारी को उसने दिया जो एक लट्ठ जमा के ……. तो वो तो लोट गया ……. हाय मार डाला रे …… तब तक वो औरत उठी और उसने उस लट्ठ वाले कू धर पकड़ा कालर से …… तू कौन बे ? कायकू मारा तूने इस बेचारे कू …… सारा मजा खराब कर दिया …….
और फिर वो उस बलात्कारी कि सेवा टहल में लग गयी …… आपको चोट तो नहीं आई ? सतियानास जाए इस नासपीटे का ……. इसने आपको डिस्टर्ब किया …….
पिलिज continue ……
तू चल बे …… फूट यहाँ से …… हवा आने दे …… पता नहीं कहाँ कहाँ से चले आते है ……
Sir ….. You please continue ……..

तो मितरों ……. बंगाल के हिन्दू मोमता दी के राज में मजा ले रहे हैं ……लेने दो …..
वो हाय हाय नहीं …… आह आह कर रहे हैं ……. करने दो …….

भीलवाड़ा के मोमिनों ने सिर उठाया ……. कल हिन्दुओं ने पटक के पेल दिया ……
बंगाल के हिन्दुओं को दर्द होगा तो खुद उठेंगे ।
God helps those who help themselves …….
जिसकी फटेगी उसको ही उठ के खुद की सिलनी पड़ेगी …….
हम कब तक सिलेंगे ?

बंगाल के हिन्दुओं …… खुद ही खडा होना पडेगा ……..

सरकार confused नहीं है इसलिए आप भी भ्रमित न हों

चूतियों की एक विशेषता होती है ।
खुद चूतिया होते हैं इसलिए दूसरों को भी चूतिया ही समझते हैं ।
वो कहते है न …… जाकी रही भावना जैसी , प्रभु मूरत देखी तिन तैसी ……
इसलिए चूतियों को सारी दुनिया चूतिया ही दिखती है ।
कल फिर कुछ चूतिये शीघ्रपतन का शिकार हो गए ।
सरकार ने घोषणा की कि 500 और हज़ार के पुराने नोट यदि आपके पास हैं तो सारे इकट्ठे एक साथ जमा कर दीजिये । मने लाख दो लाख या करोड़ दो करोड़ , या 100 पचास करोड़ जो है अपने खाते में इकट्ठे जमा कर दीजिये । उसके बाद एक बार में 5000 से ज़्यादा की रकम नहीं ली जायेगी ।
लोग बाग़ दरअसल पुराने नोटों की 50,000 के नीचे की रकम जिसे जमा कराने पे Pan number नहीं देना पड़ता , ले के रोजाना बैंक में line लगा रहे थे ……. ये वो व्यापारी थे जो या तो अब भी पुराने नोटों में बिक्री कर रहे थे या फिर काले धन वालों के पैसे अपने ac में जमा करा के नोट बदल रहे थे ……. इन लोगों के इस गोरखधंदे को रोकने के लिए सरकार ने ये कदम उठाया ।
इसके अलावा चूतिये ये सवाल भी उठा रहे है कि सरकार रोजाना policy बदल क्यों रही है । सरकार दिग्भ्रमित confused है क्या ?
इसका जवाब अमित शाह ने दिया है …… ये एक युद्ध है ….. काले धन के खिलाफ युद्ध ….. सरकार ने काले धन के खिलाफ युद्ध की घोषणा की है ……. अब जब युद्ध होगा तो सामने वाला पक्ष भी तो लडेगा ? आपने उसकी जीवन भर की काली कमाई पे हाथ डाला है । वो क्या बस यूँ ही surrender कर देगा ? भागने की , बच निकलने की पूरी कोशिश करेगा ….. अपनी काली कमाई को सफ़ेद करने की पूरी कोशिश करेगा । सरकार द्वारा आम आदमी को दी गयी सुविधा का दुरुपयोग करेगा । system में loopholes खोजेगा …… बच निकलने के रास्ते खोजेगा ……. अब सरकार का काम है उन loopholes को बंद करे …… चोरों के बच निकलने के रास्ते बंद करे …… ये तो चोर सिपाही का खेल है जी ….. तू डाल डाल मैं पात पात . जस जस चोर नए रास्ते खोजते हैं सरकार नए नियम बना के वो रास्ता बंद कर देती है ।
सरकार दिग्भ्रमित confused नहीं बल्कि बेहद सतर्क है ।
सरकार पूरे जी जान से काले धन के खिलाफ युद्ध लड़ रही है ।
सरकार confused नहीं है इसलिए आप भी भ्रमित न हों