बेचारी समाजवादी पाल्टी ……. किस किस को kiss करे ?

वंस अपान ए टाइम , आंध्र परदेस के राजभवन में एक बड़े भयंकर किसिम के सीनियर कांग्रेसी नेता हुआ करते थे ……. लाट साब गवर्नर श्री नारायण दत्त तिवारी ।
उनकी रग रग में कांग्रेसी खून दौड़ता था । इस से पहले ऊ जिनगी भर ऊपी की राजनीती किये , कांग्रेस के जमाने में कई बार ऊपी के मुख्यमंत्री रहे । फिर जब ऊपी दो भाग में बंट गया और पहाड़ी इलाके काट के उत्तराखंड बन गया तो आप UK के मुख्यमंत्री भये । फिर जब एकदम्मे बुढ़ा गए और किसी काम के न रहे तो सोनिया गांधी ने इनको retirement पिलान के तहत आंध्र प्रदेश का गवर्नर बना के भेज दिया ।
इधर प्रतिभा पाटिल अपनी वार्षिक छुट्टियां मनाने आंध्र प्रदेश जाने वाली थीं ।
Protocol के तहत राष्ट्रपति की अगवानी लाट साब गवर्नर बहादुर किया करते हैं ।
तभी एक स्थानीय news चैनल ने एक वीडियो दिखाना शुरू किया जिसमें 86 साल के बुज़ुर्ग लाट साब गवर्नर बहादुर राज भवन में अपने शयन कक्ष में 35 साल की एक सुन्दर सुशील राजनीतिक कार्यों में दक्ष महिला को सहला रहे हैं ……… अब जो भैया मची जो बमचक ……. राजभवन के सामने महिला संगठन करें हाय हाय मुर्दा बाद …….. नतीजा जे हुआ कि लाट साब गवर्नर बहादुर को रातों रात इस्तीफा दे के बोरिया बिस्तर बाँध के देहरादून जाना पड़ा ……..
अब चूँकि इस type के MMS और भिडियो clips की मार्किट में भोत demand रहती है । इस लिए उस क्लिप की खोजायी शुरू भई ……. इसके अलावा बड़े बड़े धुरंधर वैज्ञानिकों को जांच और शोध का एक एक विषय ये मिल गया कि ई ससुरे कांग्रेसी साले सब ऐसी कौन सी भस्म बूटी खाते हैं कि 86 साल में भी टाइट रहते हैं और ई सुसरे संघी सब भरी जवानी में ही संन्यास और वैराग्य को प्राप्त हुए जाते है ………

खैर जांच कमीसन में ई निष्कर्ष निकाला कि कांग्रेसी की डंडी काम न भी करे तो भी सुहराने अंगुरियाने से बाज नहीं आता ……..

तो भैया हुआ यूँ कि पिछले हफ्ते जब मोलायम जादो दिल्ली पहुंचे तो मेरे जैसे किसी लुच्चे लफंगे ने टोक दिया …… चचा भोत हुआ ……. अब रहन दियो …… आपकी उमर भयी …… अब लड़कन बच्चन कू खेलन खान दियो …….

चचा बोले , अभी मन नहीं भरो है …… अभी कुछ दिन समाजवादी पाल्टी को सुहरा अंगुरिया लेन दियो ।
बेचारी समाजवादी पाल्टी …….. 25 बरस की हो गयी ।
एक तरफ मोलायम सहलाने अंगुरियाने से बाज नहीं आ रहे दूसरी तरफ सिपाल रामगोपाल सिकंदरे आज़म कैप्सूल खाय के ताने खड़े इधर अखिलेश कह रहे कि हमारी तो ब्याहता है समाजवादी पाल्टी …… सिर्फ हमारी ।

बेचारी समाजवादी पाल्टी ……. किस किस को kiss करे ?

नोटबंदी तो एक शिशु का पहला कदम है …….

हमारे प्रेम भैया इधर इक्लेस जादो के भोत जबर फैन हो गए हैं ।
पहले खेजड़ीबाल के फैन हुआ करते थे ।
आजकल इक्लेस जादो के हो गए हैं ।
मोदी से भोत जायदे नाराज रहते हैं ।
गाज़ीपुर जिले में इनकी जमींदारी है । नोटबंदी के कारण ऊ सारा खेतवा परती रह गया ।
परती मने जब कोई खेत न बोया जाए और ऐसे ही छूट जाए उसे हमारे यहां परती कहते हैं ।
सो नोटबंदी के कारण इनको खाद बीज जुताई डीजल नहीं मिला इसलिए सगरी जमींदारी परती रह गयी । राजघाट वाले कोवाटर की छत पे 52 बीघा पुदीना रोप थे सो नोटबंदी के कारण बिना पानी सब झुरा गया । मोदिया देस का सतियानास पीट दिया इसलिए अब प्रेम भैया इक्लेस जादो के फैन हो गये हैं । कहते हैं ……. बाह भाई बाह ……… लड़का का विकास किया है ।
हम पूछे कि ज़रा हमको भी बताओ …… का विकास किया है ?
बोले , देखते नहीं हो , नखलऊ में मेट्रो बनवा दिया । औ नखलउ से आगरा express way ……. आगरा दिल्ली पहिलहीं बहिन जी बनवाय दी थी ……. केतना सुबिधा हो गिया …….. अब गाजीपुर का सब बेरोजगार लड़का लोग जब लेपटाँप पे बिलू फिलिम देख के अघा गिया तो सब खटाक से बनारस से बरेली पसिंजर पकड़ के नखलऊ चला जाएगा । हुआँ से मेट्रो धय के सीधे एस्प्रेस वे पे धाँय से 6 घंटा में दीली ………
अ दीली जा के का करेगा गाजीपुर का सब लड़िका लोग ……….
अरे उहाँ अज़ादपुर का झोपड़पट्टी में 300 रु का खोली भाड़ा पे ले के रहेगा ……. फैट्टरी में काम करेगा ………. मजूरी करेगा …… पेट पालेगा …… जियेगा खायेगा …….. बिकास पुरुष इक्लेस जादो परदेस का विकास किये हैं ……. मोदिया साला देस बर्बाद कर दिया …….. गरीब का सब नोट बन कर दिया औ अपने सब उद्योगपति दोस्त लोग को दे दिया …….हमरी GDP छत्ते पे चढ़ गयी थी बिना सीढ़ी के ……. मोदिया साला उप्पर से धकेल दिया ……. बेचारी GDP गीर गयी ।
इधर GDP गिरी उधर नोटबंदी फेल हो गयी ?

आपको कैसे पता कि नोटबंदी फेल हो गयी ?

सारा पैसा बैंक में वापस आ गया ।

नहीं ……. लगभग 1लाख 40,000 करोड़ नहीं आया ।
इसके अलावा दो करोड़ संदिग्ध खाते 8 Nov नए खोले गये जिनमे लगभग 4 लाख करोड़ रु जमा कराये गए । इन खातों और इन रुपयों की जांच चल रही है ।
इसके अलावा कई लाख करोड़ रुपया तो ऐसा है जो लोगों ने अपने दोस्त मित्र रिश्तेदार और कर्मचारियों के खातों में , इसके अलावा जनधन खातों में जमा करा दिया ……. दो दो ढाई ढाई लाख करके ……. ये सारा वो पैसा था जो की अब तक तहखानों तिजोरियों में दबा हुआ था ……… पर अब नोट बंदी के कारण इसे मजबूरन तहखानों तिजोरियों संदूकों से निकल के बैंक में जमा होना पड़ा ……. system में आना पड़ा ……. लाखों नहीं करोड़ों ऐसे Dormant मने सुसुप्त खाते थे जो अचानक जाग गए और उनमें रातोंरात लाखों रूपये जमा हो गए ।
समाजवादी पाल्टी के एक नेता पूर्व MLA के सुरक्षा गार्ड के खाते में अचानक 100 करोड़ रु जमा हो गए । वो बेचारे रूपये …… आजतक न जाने किस अँधेरे तहखाने तिजोरी में कैद थे ……. अब किसी बैंक खाते की शोभा बढ़ा रहे हैं । सरकार की नजर निगरानी में है ।
कुल 15 लाख करोड़ की currency चलन में है ।
इसमें से ये लगभग 6 से 8 लाख करोड़ रु संदिग्ध है ।
रूपये का कोई रंग नहीं होता । वो अपने आप में काला या सफ़ेद नहीं होता । उसका रंग तो हरा या गुलाबी pink होता है । ITR मने धारक की Income Tax return उसे काला या सफ़ेद बनाती है ।
अब तक जितना पैसा तहखानों तिजोरियों से निकल के बाहर आया वो अब सरकार की आँख के सामने है । अब सरकार एक एक खाते की जांच करेगी …….. और एक पूर्व निर्धारित संवैधानिक कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे काला या सफ़ेद धोषित किया जाएगा जिसमे समय लगेगा ।
अगर आप ये समझते हैं कि इस देश में काला धन ही नहीं था तो आप मूर्ख हैं या जान बूझ के सोच समझ के मूर्ख बन रहे हैं । कोई भी ऐसा व्यक्ति जो ढाई लाख रु से ऊपर की अघोषित रकम दबाये बैठा था वो काला धन था । मोदी की नोटबंदी उसे सबके सामने उजाले में ले आयी है ।
रही बात भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई की ……. तो नोटबंदी उस दिशा में उठाया गया पहला छोटा सा कदम है । हम आप सब जानते हैं कि असली काला धन तो बेनामी संपत्तियों और सोने चांदी हीरे जेवरात में छुपा है , मारीशस के रास्ते निवेश में छुपा है और विदेशी tax heavens में छिपा हुआ है ।
भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे एक राष्ट्र को इस दलदल से निकालने की पहली ईमानदार कोशिश किसी सरकार ने की है ।
इन तमाम तथ्यों को नज़रअंदाज़ कर यदि आप सिर्फ 50 दिन में ही इसे फेल घोषित कर देते हैं तो इसका सीधा सा मतलब ये है कि आप pathological Modi Hatred के शिकार हैं और इस घृणा जुगुप्सा के भाव ने आपकी सोचने समझने की शक्ति को कुंद कर दिया है ……… आप मोदी से घृणा के अपने पर्सनल एजेंडा में इस कदर अंधे हो चुके हैं कि राष्ट्र हित आपकी सूचि में कहीं है ही नहीं ।

नोटबंदी तो एक शिशु का पहला कदम है ……. आप बस देखते जाइये ……. अभी तो इसे मीलों जाना है ।

हे अखिलेश ……. बेटा …… मान जाओ ……. बाप को ऐसे खोल के मत दिखाओ ……

ऐ अकलेस जादो , तुम ये जान लो कि वंस अपान ए टाइम इस परदेस में , जब कि ये पुत्तर परदेस नहीं बल्कि उत्तर परदेस होता था , चरण सिंह नाम के एक नेता हुआ करते थे ।
ई जो तुम्हारे बाप हैं न , मुलायम सिंग , किसी जमाने में ये उनके अँडुआ मने आंड मने testicles हुआ करते थे ……चौ चरण सिंह उत्तर प्रदेश के एक छत्र नेता हुए …… सचमुच के धरती पुत्र और किसान नेता …….. मने इतने बड़े नेता थे कि 1984 में जब कि इंदिरा गांधी की हत्या के उपरान्त उपजी सहानुभूति लहर में जब कि सब कुछ उड़ गया और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेता भी हार गए थे , तब भी अकेले चौ चरण सिंह ऐसे थे जो जीते थे । मने इतने बड़े नेता थे चौधरी साहब ……. और आज उसी चौधरी साहब का बेटा ……. उसने अपने मरहूम बाप की पार्टी और उनकी राजनैतिक विरासत का ये हाल बना दिया कि आज वो विधायक की एक सीट को तरस रहा है ।

1984 में जो राजीव गांधी 410 सीट के प्रचंड बहुमत से जीते थे उनका होनहार बिटवा आज उसी पार्टी को 44 सीट तक नीचे ले आया है और अब आगे 4 सीट पे ले जाने की तैयारी में है ।

आगे सुनो ……. एक और हुए हैं ……. भारतीय राजनीति के पितामह कहाये …… पितामह समझते हो ?
दादा । हरियाणा के चौधरी देवी लाल जी …… समूचा हरियाणा उन्हें ताऊ देवी लाल कहता था प्यार से ……… उसी ताऊ देवी लाल के बेटे और पोते आज जेल खट रहे हैं और पार्टी लौड़े के दक्खिन चली गयी ।

इसी हरियाणा के एक और बहुत बड़ी राजनैतिक हस्ती हुए चौधरी भजन लाल । एक ज़माना था कि उनकी एक आवाज़ पे पूरा हरियाणा खड़ा हो जाता था । उनके मरने के बाद उनके दोनों लौंडे भी बाप की राजनैतिक विरासत सम्हाल न पाए और आज कौड़ी के तीन हो के घूम रहे हैं । एक अदद सीट को मोहताज हैं ।

आगे सुनो …… एक हुए बलिया के बागी ……. बलिया के शेर ……. बाऊ चनसेखर सिंह …….. ये वो अज़ीम शख्सियत थे कि जिंदगी में कोई पद ही नहीं लिए …… कहते थे बनूंगा तो सिर्फ PM और एक दिन PM बन के ही दिखाया ……. आज उनके दोनों बेटे तुम्हारा पेल्हर तौलते हैं एक अदद विधायकी सांसदी के लिए ।

उधर मुम्बई में देख लो …… सारी जिंदगी अकेले बाला साहिब दहाड़ते रहे शेर की माफ़िक़ …….. उसी शेर का बेटा आज बकरी की माफ़िक़ मिमिया रहा है …….. और ये तमाम लोग तो वो हैं जिन्हें अपने बाप की विरासत लेने के लिए उसे अपदस्थ बेइज़्ज़त नहीं करना पड़ा । ये सब अपने अपने बाप के स्वाभाविक वारिस थे और उनके आशीर्वाद से गद्दी पे बैठे पर सम्हाल न पाए , और आज कौड़ी के तीन हो घूम रहे हैं ।

इसलिए , हे अखिलेश , तुम भी ये मत भूलो कि आज तुम और राम गोपाल बेशक Hydrocele बने, पानी से फूले हुए आंड मने अंडकोष की माफ़िक़ खरबूजे जैसे बड़े हो गए हो , पर ये मत भूलो कि आंड चाहे जितना बड़ा हो जाए रहता लांड के नीचे ही है …… हाँ ये अलग बात है कि कुछ बिसेस आपातकालीन परिस्थिति में आंड सटक के गले में आ जाते हैं …… पर अंततः तो उसे नीचे आना ही होता है …….. इसलिए हे अखिलेश ……. बेटा …… मान जाओ ……. बाप को ऐसे खोल के मत दिखाओ …… क्योंकि तुम्हारे पास ऐसा कुछ नहीं है जो बाप ने पहले न देखा हो ……. पर बेटा , भगवान् न करे , कि अगर बाप ने खोल के दिखा दिया न किसी दिन …… तो बेहोश हो जाओगे ।

नक्कालों से सावधान ….. आपका ध्यान किधर है ? असली समाजवादी पाल्टी इधर है ……..

वंस अपान ए टाइम , नवाबों के शहर नखलऊ में एक डाग्दर साहब हुआ करते थे ।
Jain साहब । वो नखलऊ के जाने माने गुप्त रोग बिसेसज्ञ मने sexologist हुआ करते थे ।
फिर जब वो नहीं रहे तो उनके लौंडे उनकी जगह sexologist बन गए ।
मने पहले नवाबों के सहर नखलऊ में एक Dr जैन sexologist होते थे , अब दो हो गए ।
अब नखलऊ वालों को बड़ी मुसीबत । किसके पास जाएँ ?
दोनों एक से बढ़ के एक ……. दोनों अपने आपको दावा करें कि असली बड़े वाले डाक् साब वही हैं लिहाजा नक्कालों से सावधान रहे ।

मेरे एक मित्र हैं ……. उन ने इन sexologist डाक्टरों और हकीमों पे बड़ी रिसर्च करी है । वो बताते हैं कि ऐसे झोला छाप हकीम आपको ज़्यादातर मुस्लिम बहुल आबादी वाले शहरों में , मुसलमाँ बस्तियों में ज़्यादा मिलेंगे । इक्का दुक्का sexologist बेशक हिन्दू मिल जाएँ पर बकिया अधिकाँश सब मुसलमाँ मिलेंगे ………. आखिर क्यों ?
मने नखलऊ , भोपाल , पुरानी दिल्ली , राम पुर , बरेली , देवबंद , मेरठ , मुज़फ्फर नगर , सहारनपुर , अमरोहा , बिजनोर ऐसे मुस्लिम बहुल शहरों में मिलेंगे । चंडीगढ़ , अमृतसर , जालंधर , रोहतक , करनाल , सोनीपत में नहीं मिलेंगे । गोरखपुर बनारस में नहीं मिलेंगे । बनारस में अगर कोई छूटा छटका हुआ भी तो मदनपुरा दाल मंडी और बेनियाबाग कज़्ज़ाकपुरा में ही मिलेगा , चौक मैदागिन , गोदौलिया पे नहीं मिलेगा ।
100 में से 99 sexologist मुसलमाँ मिलेंगे ।
100 के 100 झोला छाप फ़र्ज़ी नीम हकीम मिलेंगे ।

आखिर मुसलमानों के बीच ही क्यों प्रचलित है ये गुप्त रोग विशेषज्ञों की जमात ।
इसके मूल में कारण है ये 4 बीबियाँ रखने का रिवाज़ ।
आम तौर पे मियाँ जी लोग की समस्या ये हो जाती है की मियाँ की पहली दूसरी बीबी तो बुढ़िया होती है …….. पोपली पिलपिली …….. पर तीसरी चौथी आ जाती हैं एकदम जवान । अब मियाँ जी स्वयं तो हो गए 45 – 50 या 55 के और बीबी खरीद लाये हैदराबाद से 16 या 18 साल की …… अब मियाँ परेशान ……. अबे 55 साल का अधेड़ 18 साल की लौंडिया को क्या ख़ाक सम्हालेगा …….. तो उसको अपनी मरदाना कमजोरी का अहसास होता है …….. और फिर वो दौड़ता है इन sexologists की तरफ …….. और वो इन्हें सोने चांदी और हीरे की भस्म खिला के वापस जवान बना देने का दावा कर चूतिया बनाते हैं ।
सबसे मजेदार तथ्य ये है कि ये मुस्लिम समाज में sexologist की परंपरा कोई नयी नहीं है बल्कि ठीक उतनी ही पुरानी है जितना इस्लाम । क्योंकि हुज़ूर की जवानी तो बीत गयी अपने से उम्र में 25 साल बड़ी महिला के साथ । फिर जब वो पूरी हुई तो हुज़ूर को पहली बार जवान औरत नसीब हुई । उसके बाद जस जस हुज़ूर की उम्र बढ़ी उनकी बीबियों की उम्र घटती चली गयी और एक समय वो आया कि जब हुज़ूर कब्र में पैर लटकाये थे तो उनकी पत्नी बमुश्किल 20 साल की थीं ।
ऐसे में ये मरदाना कमजोरी की समस्या तो तब भी रही होगी ……..
बहरहाल ……. आज मैंने एक खबर में पढ़ा कि अकलेस और मुलायम दोनों ये कह रहे हैं कि नक्कालों से सावधान ….. आपका ध्यान किधर है ?
असली समाजवादी पाल्टी इधर है ……..
असली बड़े वाले जादो जी …….. हर मंगलवार सैफई में ……..
असली छोटे वाले जादो जी ……. हर सोमवार नखलऊ में …….
हमारी कोई ब्रांच नहीं है ……..

ममता बनर्जी और केजरीवाल का होम्योपैथी इलाज कराओ

pruritus vulvae नामक एक बीमारी होती है ।
अक्सर महिलाओं को हो जाती है ।
इसमें औरतों को योनि में भयंकर खुजली मचती है ।
मने इतनी भयंकर कि अण्ड का बंड बकने लगती हैं …. आँय बाँय साँय चिल्लाने लगती हैं …… आम तौर पे सभ्य सुसंस्कृत महिलाओं को यदा कदा यदि हलकी खुजली हो जाए तो मौके की नजाकत भांप मौक़ा ताड़ प्राइभेसी खोज के हल्का फुल्का खुजला लेती हैं परंतु यदि किसी को ये नामुराद बीमारी pruritus vulvae अगर हो जाए तो औरत सरेबाज़ार लहंगा पेटीकोट उठा के खुजलाती है ……..एकदम ममता बनर्जी की तरह ।
इसी से मिलती जुलती एक और बीमारी होती है जिसे Pruritus Ani कहते हैं । इसमें भी भयंकर चुल्ल और खुजली मचती है पर खुजली का स्थान vulva से सिर्फ एक inch नीचे घसक के Anus हो जाता है । मने इसके रोगी को ***में भयंकर खुजली मचती है । ये खुजली कितना भी खुजला लो कैसे भी खुजला लो …… मने बेशक लहंगा पेटीकोट उठा के खुजला ल्यो , सान्त ना होती । इसके मरीज अक्सर किसी पेड़ या खुरदुरे स्थान पे रगड़ के खुजलाते देखे जाते हैं ।
आमतौर पे ये दोनों बीमारियां अलग अलग होती है पर rarest of rare केस में एक साथ एक ही मरीज में दोनों बीमारियां एक साथ भी हो जाती हैं ।
मने मर्दों को pruritis ani के साथ pruritus vulvae तो हो नहीं सकती , सो उनको pruritus vulvae की जगह pruritus scroti हो जाता है मने उनके scrotum बोले तो आंड खुजलाने लगते हैं ।
मने इतनी भयंकर चुल्ल और खुजली मचती है की आदमी सरेबाज़ार सरेराह कहीं भी माने office meeting मंच मीटिंग में जहां हो वही , पैंट पाजामा अंडरबीयर उतार के कायदे से 15 – 20 मिनट जब खजुआ लेता है तब जा के कुछ तात्कालिक चैन मिलता है ।
ये तो हुए इस बीमारी के लक्षण बोले तो symptoms .
अब इसके कारणों पे नज़र डालें तो एक कारण तो bacterial infection और hygene की कमी हो सकता है ।
हालिया वर्षो में इसके socio politico economic reasons भी देखे गए हैं ।
मने socio economic reasons फार इगजामपुल नोटबंदी माने demonetization …….. नोट बंदी में अगर किसी बड़े नेता या पार्टी का 1000 – 2000 करोड़ रु डूब जाए तो उस पाल्टी के नेता को इस बीमारी के लक्षण उभर सकते हैं ।
Socio political reasons में ऐसे लक्षण तब उभरते हैं जब किसी विपरीत राजनैतिक विचारधारा का व्यक्ति PM बन जाए तो रोगी में इन बीमारियों के लक्षण उभर सकते हैं ।
फिलहाल मोमता बनर्जी और अरबिन्द भोसड़ीवाल जी में इन बीमारियों के लक्षण देखे जा रहे हैं ।

निदान : वैसे तो सिंपिल साफ़ सफाई रखने से फर्क पड़ जाता है ।
ये पेड़ इत्यादि से नहीं रगड़ना चाहिए । इस से फौरी लाभ तो मिल जाता है पर बाद में बीमारी बढ़ के भगंदर और नासूर हो जाने का ख़तरा उत्पन्न हो जाता है ।
कई बार सत्ता परिवर्तन हो जाए मने जिस आदमी से allergy हो वो कुर्सी से हट जाए तो ये बीमारी अपने आप शांत हो जाती है …….

हिन्दुस्तान तुमारा बाप का नई अमारा बाप का हाय .

भोत पुरानी बात है । 70 के दशक की । हरियाणा और पंजाब नए नए ही अलग हुए थे ।
दोनों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ थी ।
पंजाब का मुख्यमंत्री कौन था ये पता नहीं ( शायद गुरनाम सिंह )पर हरियाणा के बंसीलाल थे ये कन्फर्म है । किसी बात पे दोनों में तकरार हो गयी । दोनों बदतमीज थे । जिसमें बंसीलाल तो हद दर्जे का अक्खड़ बददिमाग और बदतमीज था । हरियाणा से चंडीगढ़ जाने के लिए एकमात्र रोड जो थी वो पंजाब हो के ही चंडीगढ़ में घुसती थी ।
अम्बाला के बाद पंजाब के डेराबस्सी जीरकपुर होते हुए । पंजाब के CM ने बंसी लाल से कहा , चंडीगढ़ में घुसना बंद करा दूंगा …….
अक्खड़ बंसीलाल को बात चुभ गयी । उन्होंने अपने PWD के चीफ इंजीनियर को बुलवाया ।
पूछा , ऐसी कोई रोड बना सकते हो जो बिना पंजाब touch किये चंडीगढ़ घुस जाए ?
Chief इंजीनियर बोला , हाँ जी बन जायेगी । अम्बाला से नारायणगढ़ होते सीधा पंचकूला होते चंडीगढ़ ………
बंसी लाल ने पूछा , कितना टाइम लगेगा ?
जी साल दो साल तो लग ही जायेंगे ।
6 महीने में तैयार चाहिए ।
और हरियाणा ने 6 महीने में वो रोड बना डाली ।
और अभी कच्ची पक्की ही बनी थी कि बंसी लाल ने एक दिन वो पंजाब का वो CM धर लिया । बोल्या , रै झक्खड़ , मैं तो चंडीगढ़ आ जाऊंगा इब तू न्यू बता कि दिल्ली क्युक्कर जागा ? साले जे हरियाणा में बड़ ग्या ना , चूतड़ां में लट्ठ दे दूंगा ।

 

मोदी जी , भाजपा का एकाध महासचिव मेरे जैसा कोई बना दो ।
ये ममता बनर्जी जैसे लोग शुद्ध संस्कृत निष्ठ हिंदी नहीं समझ पाते ।
इनको तो भोजपुरी हरियाणवी या शुद्ध पंजाबी में समझाना पडेगा ।

मोमता दी , हाम तुमारा TMC की गाँड़ में बांस डाल के मुह से निकाल लेगा ।
तुमारा सारा दादागिरी तुमारा चूतड़ों में डाल देगा । सड़क पे पटक के तुमारा माँ चोद देगा ।
हिन्दुस्तान तुमारा बाप का नई अमारा बाप का हाय ……..

बादल साहब ने कांग्रेस के दलित वोट में सेंध लगा दी है ।

सुखबीर बादल ने कांग्रेस के कबूतरों के बीच बिल्ली छोड़ दी है ।
पंजाब में लगभग 32% दलित भोटर हैं ।
इनमे प्रमुख हैं वाल्मीकि और राविदासिये ।
पारंपरिक रूप से देश के ब्राह्मण दलित आदिवासी और मुसलमाँ कांग्रेस के वोटर रहे । कांग्रेस ने आज तक राज ही इन 4 वोटर वर्ग के बल पे किया । जहां दलित और मुसलमान कांग्रेस को छोड़ गए cong डूब गयी । देश भर में हर राज्य में एक क्षेत्रीय दल नया बना और उसने कांग्रेस से ये दलित और मुसलमान छीन लिए , congress डूब गयी । देश का बंटवारा हुआ , मुसलमानों ने अपना हिस्सा ले लिया पर पाकिस्तान गए नहीं । नेहरू ने रोक लिया , सिर्फ इसलिए कि यहां रहेंगे और हमको वोट देंगे ।
मुसलमान नेहरू का ये अहसान भूले नहीं और हमेशा इनको वोट दिया । बाबरी ढाँचे के विध्वंस के बाद इनका कांग्रेस से मोहभंग हुआ ।
इसी तरह दलित भी कांग्रेस का वफादार वोटर रहा । वो तो भला हो कांशीराम और BMW का कि उन्होंने दलितों को नया platform दिया । पर इसके बावजूद आज भी UP Bihar छोड़ अधिकाँश राज्यों में दलित आदिवासी कांग्रेस को भोट देते हैं ।
इधर पंजाब में सुखबीर बादल ने कबूतरों में बिल्ली छोड़ दी है ।
पंजाब में दलितों में दो बड़े प्रमुख वर्ग हैं । वाल्मीकि और राविदासिये ।
रविदासियों के सींग radical sikhs के साथ फंसे रहते हैं । मामला बड़ा पेचीदा है । यहां पंजाब में रविदासियों के गुरुद्वारे भी हैं और मंदिर भी । रविदासी गुरुद्वारों में गुरुग्रंथ साहिब का पाठ होता है और उनके साथ ही बगल में एक गुरु जी और बैठे होते हैं जो प्रवचन करते हैं । यहां radical sikh आपत्ति करते हैं कि गुरु ग्रंथ साहिब के बराबर कोई और गुरु नहीं बैठेगा । राविदासिये कहते हैं हमारा तो बैठेगा भाई …… तुमको आपत्ति है तो हम गुरु ग्रंथ साहिब को हटा देते हैं पर गुरु जी नहीं हटेंगे ।
विवाद बढ़ता गया जिसकी परिणीति अंततः Vienna में रविदासियों के सर्वोच्च गुरु की हत्या में हुई । रविदासियों ने नया ग्रन्थ रच दिया और गुरुग्रंथ साहिब को replace कर दिया ।
दोनों समुदायों में कटुता बहुत बढ़ गयी ।
फिर बादल साहब ने सबको समझा बुझा के मामला शांत किया । अब होशियार पुर के खुरालगढ़ साहिब गाँव में 14 एकड़ भूमि में 160 करोड़ रु खर्च कर मीनार ए बेगमपुरा नामक स्मारक का निर्माण कराया है । खुरालगढ़ में रविदासी , चमार , जाटव समुदाय के आदि गुरु स्वामी रविदास जी का आगमन हुआ था । उनकी याद और सम्मान में बादल सरकार ने भव्य स्मारक बनवाया है । ये पंजाब के दलितों की अस्मिता और मान सम्मान का बेहद संवेदनशील विषय है जिसे बादल साहब ने छुआ । स्मारक बन के तैयार है । इस एक कदम से रविदासी समुदाय का झुकाव अकाली दल की ओर हुआ है । वो कहते हैं की कांग्रेस ने आज तक सिर्फ lollypop दिया , किया कुछ नहीं ।
इसी तरह अमृतसर में पिछले दिनों भगवान् वाल्मीक की 8 फुट की स्वर्ण जड़ित प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा वाल्मीकि मंदिर – राम तीर्थ में हुई । कहा जाता है कि इसी स्थान पे महर्षि वाल्मीकि का आश्रम था जहां माता सीता ने शरण ली थी और इसी स्थान पे महर्षि वाल्मीकि ने रामायण की रचना की ।
बादल सरकार ने इस स्थान पे एक भव्य वाल्मीकि मन्दिर का निर्माण 180 करोड़ रु की लागत से हुआ है । भगवान् वाल्मीकि की भव्य प्रतिमा की परिक्रमा बादल साहब ने पूरे पंजाब में कराई । पंजाब के हर शहर और कसबे गाँव से ये प्रतिमा गुज़री । इसके स्वागत में लाखों की भीड़ उमड़ी ।
दलितों के लिए अस्मिता और मान सम्मान भावनात्मक विषय हैं । पंजाब के दलित बहुत संपन्न हैं । रुपया पैसा धन दौलत उनके लिए बहुत महत्त्व नहीं रखते । अस्मिता उनके लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण है ।
और इसी विषय को बादल साहब ने छुआ है ।
चुनाव में ये एक game changer होगा ।
बादल साहब ने कांग्रेस के दलित वोट में सेंध लगा दी है ।

उम्मीद है कि आज शाम तक सुलह हो जायेगी ।

चुनाव आयोग ने ऊपी का चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है ।
पहला वोट 11 फरवरी को पडेगा ।
इधर चुनाव आयोग dates declare कर रहा था उधर मुलायम अपने बेटे कलेस को समझा रहे थे कि बेटा मान जाओ नहीं तो साइकिल से उतर के पैदल हो जाना पड़ेगा ।
इधर कुछ लोगों ने दोनों बाप बेटा को समझा दिया है कि भैया ……. जादो जी लोग ……. दो नाव या दो घोड़े की सवारी करने वाले सवार की गाँड फट के flower हो जाया करती है ।
तुम दोनों तो अपने अपने रास्ते चले जाओगे पर हम मने cadre कार्यकर्ता और भोटर ……. हमारा क्या होगा । अबे तुम दोनों के चक्कर में फटेगी तो हमारी ।
उधर आजमखान ने समझाया बतावें कि अगर सपा बँटी और कमजोर हुई तो मुसलमान भोटर तुमको लात मार भेनजी की गोदी में जा बैठेगा ।
मुसलमान 2014 का खार खाये बैठा है । लोस चुनाव में मोदी ने ऐसी मारी बिना तेल के कि अब तक सहला रिये हैं भाई जान । आपको याद होगा कि 2014 में एक भी मुसलमान सांसद UP से जीत के नहीं गया । मुसलमान जानता है कि बँटा तो कटा ………
दोफाड़ सपा मने बसपा को फायदा । इसीलिए मुल्लायम आखिरी कोशिश कर रहे हैं और समझ अखिलेश भी रहे हैं ।
और इस खतरे को समझ भाजपा भी रही है ।
भाजपा शुरू से ही मुलायम और उनकी सपा को मुसलमानों के खिलाफ एक safety valve के रूप में इस्तेमाल करती आई है । मुलायम और मुसलमान का रिश्ता बड़ी प्यार मुहब्बत का रहा है । दोनों 69 में रहे । मुलायम इनको lollypop देते रहे चुसाते रहे । मुसलमान समझ ही न पाए आज तक कि lollypop चूस के आज तक कोई मोटा न हुआ । कड़वा सच है कि मुलायम ने कभी मुसलामानों को बढ़ने न दिया ……. तरक्की की सीढ़ी चढ़ने न दिया ……… हमेशा appeasement का lollypop चुभलाते रहे ।
इधर मुलायम कलेस दोनों जानते हैं कि वो तो हार ही रहे हैं पर ऐसा न हो कि भैंसवती जीत जाए । यही सोच अहीर भोटर की भी है । BMW न आये बेशक भाजपा आ जाए ।

खबर है कि परदे के पीछे सुलह के प्रयास अमित शाह कर रहे हैं । दो फाड़ सपा की बजाय एक कमजोर सपा भाजपा को ज़्यादा मुफीद है ।

उम्मीद है कि आज शाम तक सुलह हो जायेगी ।

जो बोया उसे काट रहे बंगाली

ये किस्सा मेरे पिता जी सुनाया करते थे । सत्य घटना है मेरे दादा जी के समय की ।
उस जमाने में मने करीब 100 साल पहले उनकी एक परजा परजुनिया कुम्हार था जिसे अपनी जमीन में ही बसा रखा था ।
उसकी बीबी ……. एक नंबर की नंगिन ……… एक दिन जा के कुएं में कूद गयी ।
ये वो ज़माना था जब कि अभी handpipe और बिजली tubewell और टुल्लू पंप नहीं थे ।
कुआं ही एकमात्र साधन था पेय जल का । और भवानी उसी कुएं में कूद गयी । गाँव में भगदड़ मची । गाँव भर ने जुट के उसे कुएं से निकाला ।
समझाया बुझाया ……
अब उस कुएं का पानी कौन पिए ।
सो टोले मोहल्ले ने जुट के नया कुआं खोदा । हमारे गाँव में हमेशा से ही water level बहुत ऊपर रहा । मने बमुश्किल 10 फुट पे पानी । सो भैया नया कुआं खोदा । पुराना पाट दिया ।
हरामजादी कुछ दिन बाद फिर कुएं में कूद गयी ।
अबकी बार फिर गाँव ला ला करता भगा कुएं की ओर । इधर दादा जी ने उठाया लट्ठ और पहुंचे कुएं पे …….. और बोले , खबरदार जो निकाला किसी ने इसको कुएं से बाहर …… जाओ ढेला लियाओ बीन के ……. लौंडे ढेला चिक्का बीन लियाए खेत से …….. और दादा जे ने वहीं ऊपर से कुएं की जगत पे बैठ के उसको मारना जो शुरू किया ……. ढेला ढेला …… और वो अंदर से रोये गिड़गिड़ाए ……. बाबू बचा लो ……. और बाबू कहें नहीं तू मर ।
मरने का बहुत चाव है न तुझे ? मर …….. और चार चिक्का और मारा उसको कपार पे ……. शाम को कूदी थी …….. सुबह हो गयी ………वहीं अंदर पानी में जार जार रोये ……. सुबह निकाली । हाथ पैर सब पानी में गल गए । थर थर काँप रही …….. दादा जी बोले , क्यों ? हुआ शौक पूरा ख़ुदकुशी का ? अब नहीं देगी जान ?
फिर वो कुआं पाट के नया खोदा । उसका पानी उस कुएं से बंद कर दिया ।
बोले चल अब तेरी यही सजा । जा एक KM दूर से पानी ढो के लिया ।
उसके बाद वो फिर कभी कुएं में नहीं कूदी ।

बंगाल के हिन्दू पिट रहे । TMC के कार्यकर्ता BJP office पे चढ़ के मार रहे ।
यहां लकड़बग्घे पूछते हैं कि मोदी और राजनाथ क्या कर रिये हैं ।
मोदी और राजनाथ सही कर रिये हैं ।
बल्कि मोदी को तो बंगाल से पूरी para military और CRPF वापस बुला लेनी चाहिए और ममता को कान में कह देना चाहिए कि और मारो सालों को ……. अभी कम मारा है …….. सड़क पे घसीट के मारो ……..
अबे मोदी क्या माँ चु*** ????????
तुम्हारी चुनी हुई सरकार को मोदी क्यों बर्खास्त करे ?
लोकतंत्र है भाई ……. तुमने भोट दे के चुना है यार …….. टोकरी भर भर भोट दिया है ।
तुम्ही ने दिया है ।
भोट देने लोग Singapore से थोड़े न आये थे ।
तुमने जो सरकार चुनी वही तुम्हारी रक्षा करेगी ।

You have Sown …….. It’s time to reap ……..

बंगाली हिन्दू TMC की बीबी है …….. मारे चाहे प्यार करे ……. तुम साले कौन ?

मितरों , भाइयों भेनों , सहेले सहेलियों ।
यूँ तो ये किस्सा मैं अपने दोस्तों को पहले सुना चुका हूँ पर क्या है कि मेरे किस्से कहानियां तो पंडित भीमसेन जोशी के राग दरबारी सरीखे । जित्ती बार सुन लओ उत्ता इ कम ।
और दूसरी बात कि मेरे तो सैकड़ों नए दोस्त रोज़ बनते हैं । वो भी पढ़ लेंगे ।

तो बात तब की माने 1984 या 85 की है । तब जबकि मैं अभी student था और पहलवानी करता था । हम कहीं से कोई कुश्ती लड़ के लौट रहे थे । साथ में एक पहलवान दोस्त था …….. रात दो बजे हम अम्बाला स्टेशन पे उतरे और आगे हमें अगली ट्रेन पकड़ के पटियाला जाना था जो सुबह भोर में चलती थी । हम वहीं प्लेटफॉर्म पे इंतज़ार कर रहे थे । सामने एक दंपत्ति बैठे थे और उनका वाक् युद्ध चल रहा था । उन दिनों ये स्मार्ट फोन का ज़माना तो था नहीं सो हमारे समेत सभी लोगों का entertainment हो रहा था । वाक् युद्ध धीरे धीरे गरमा रहा था और पतिदेव सरेआम इज़राइल की माफिक behave कर रहे थे मने फूल दबंगई औ गुंडागर्दी …… पत्नी बेचारी फिलिस्तीन सी …… बेशक कमजोर थी पर जुबान लड़ाने से बाज न आती थी । चपड़ चपड़ बोले जाती थी ।
अंत में पति देव का धैर्य चूक गया औ उनकी मर्दानगी छलक गयी और उन ने बीवी को 2 – 4 हाथ धर दिए । मने इस से पहले कि अमरीका और UN कुछ समझ पाते फिलिस्तीन पिट गया । हम दोनों पहलवान कूद के पहुंचे …… बीच बचाव छूट छुड़इया कराया ……. बीवी बेचारी …… रोती कलपती ……. पिट के भी बोलने से बाज न आयी ।
हम दोनों वापस अपनी जगह आ बिराजे । और वो बीबी , माँ कसम सही जिहादिन थी ……. पिट पिटा के उसका वाक् युद्ध फिर चालू ………. और अबकी बार दोगुने उत्साह से …… पति महोदय भी शुरू हुए …….. बहुत जल्दी वाक् युद्ध फिर असली युद्ध में बदल गया और इबकै पत्नी जी को बालों से पकड़ के घसीट लिया । हम दोनों फिर पहुंचे छुड़ाने । पर उस जल्लाद ने अपनी घरवाली जमीन पे पटक रखी और बाल पकड़ के पीट रहा ……. अब बालों से घिरी औरत को छुड़ाना बड़ा मुश्किल काम ………. और वो पट्ठा ऐसा कि बाल न छोड़े ……. तो भैया मैंने , उसी रेलवे के waiting room में उसकी जो जम के सुताई की ….. दे लात , दे झापड़ , दे घुसण्ड …….. और पति महोदय की सारी मर्दानगी काफूर और वो इराक़ी सेना माफिक surrender …….. धराशाई ……..
पर उसके बाद जो हुआ वो अप्रत्याशित था । पति से पिटी हुई उस महिला के अंदर की शेरनी और क्षत्राणी अचानक जाग गयी और वो भी युद्ध भूमि में तीर तरवार लै कूद गयी और अपने पति की रक्षा को आगे आयी ……. खबरदार जो मेरे पति को हाथ लगाया ……. साले गुंडे बदमाश ……. और उसका रौद्र रूप देख अपन तो सहम गए भैया …… अरे बहिन जी ……. ये आपको मार रहा था हम तो बचाने आये थे ……
खबरदार मेरे पति को कुछ कहा तो ……. भला है बुरा है ….. जैसा भी है
मेरा पति मेरा देवता है । मारे चाहे पीटे , उसकी मर्जी …….. तुम साले कौन ?

अपन ने भैया तुरंत cease fire किया और सेनाएं वापस barrack में आ गयीं ।
उसके बाद भैया , पति पत्नी में जो प्यार उमड़ा ……. सफ़ेद कबूतर उड़ाये जाने लगे …… मने एकदम अमन की आशा हो गयी ……. बीबी ने साड़ी के पल्लू से पिटे हुए पति को धोना पोंछना चाटना पुचकारना जो शुरू किया …….. मेरा वो दोस्त एक नंबर का हंसोड़ विदूषक एकदम कॉमेडियन था ……. उनका ये प्रेमआलाप देख वो हँस हँस के दोहरा हुआ जाता था ……. उधर पति पत्नी प्रेम रस में विभोर …….. दुनिया जमाने की रुसवाइयों से दूर ….. पत्नी पति की सेवा किये जाती थी ।

उधर उज्जैन में सुरेश भाई चिपलूणकर उज्जैन में आक्रोश मार्च निकाल रहे हैं ।
कहते हैं कि मोमता दी के बांग्लादेश में हिन्दू पिट रिया है …… मेरे कू आकरोस हो रिया …… मेरे से हिन्दू की पिटाई देखी नी जा री …… हाय हाय …… मार डाला रे ……. सब लोग मिल के बंगाली हिन्दू के ले रे …… मेरे को बुरा लग रिया ……..

अबे बंगाल का हिन्दू gang bang का मजा ले रिया …… लेने दो उसको …… secularism का मजा ले रिया …… लेने दो …….. पहले ये तो देख लो कि हाय हाय कर रहा है या aaaaah aaaaah ……..
काहे को बेचारे का orgasm खराब कर रहे हो ?
बंगाली हिन्दू TMC की बीबी है …….. मारे चाहे प्यार करे ……. तुम साले कौन ?

Let the Orgy continue ………