BSF जवान के भूखे मरने वाले वीडियो का सच क्या है ?

सोशल मीडिया पे इन दिनों BSF के एक जवान का वीडियो viral हुआ जाता है ।
बेचारा जवान भूखा मर रिया है ।
वो बेचारा सारा दिन बर्फ में खड़ा duty देता है और पीछे से उसका घी Commandant साहब खा जाते हैं ।
मैंने कल वो वीडियो देखा तो मेरा तो खून खौल उठा ।
देस की तो आज़ादी खतरे में है भाई ।
गाली महोत्सव तो बनता है । पर इसके लिए गाली पर्रीकर को नहीं राजनाथ सिंह को दो ।
BSF एवं अन्य para military forces MHA बोले तो ministry of Home affairs के अंतर्गत आते हैं ।

अब मेरी चूँकि भारत सरकार में एकदम ऊपर तक बात है सो मैंने तुरंत फून लगाया ……. बात कराओ साले से …….. क्यूँ बे मलेच्छ …… BSF का राशन खा गया बे साले चोर ? भुक्खड़ ?

By god की कसम ……. खाजनाथ वहीं धोती में मूत दिए ……. बोले गुस्सा थूक दीजिये मालिक …….. राशन supply फ़ौज में होती है मालिक । वहाँ ये सब चोरी चकारी चलती है ।
बाकी para military forces में हम लोग Ration Money देते हैं हुज़ूर …….. वो ration money सिपाही की पगार के साथ उसको दे दी जाती है ।
अब उस पैसे को वो कैसे खर्च करते हैं ये उनकी regiment या battalion जाने ।
उनका commandant जाने ।
हमने तुरंत commandant को फून लगाया …….. क्यों बे साले चोरकट ……. चिन्दी चोर …… साले तनख्वाह में पेट नहीं भरता बे ? साले जवानों का राशन खा जाता है ?
अब जब उसको पता चला कि सोसल मीडिया मने फेसबुक के इतने बड्डे मठाधीस का फून आया है …… माँ कसम थर थर कांपने लगा commandant …….. बोला सर गलती हो गयी जी ……. पर मेरी बात तो सुन ल्यो हुजूर ………
Sir जी , system नयूं है जी कि BSF या किसी भी para military force में Ration की supply नहीं होती । मैं यानि कि commandant महीने में एक बार पूरी battalion की एक open meeting लेता हूँ जिसे दरबार कहा जाता है । उस दरबार में एक mess committee बनायी जाती है ।
इसमें एक Inspector , एक sub inspector , एक HC बोले तो head कांस्टेबल और 6 सिपाही रहते हैं । हर महीने नयी कमेटी बनती है । कमेटी का चयन मैं नहीं बल्कि battalion के जवान खुद मनोनीत करते हैं ।
फिर वो कमेटी जिसमे इंस्पेक्टर से ले के कांस्टेबल तक सब होते है बाज़ार से खुद जा के local purchase करते हैं Ration की ……. आटा , चावल, दालें ,तेल ,मसाला , दूध , घी , मक्खन, bread ,अंडे ,पनीर , Meat सब कुछ local market से खरीदा जाता है । LPG भी ……. batallion में cook होते हैं । ज़रूरत पड़ने पे local helper भी वेतन पे रख लिया जाता है ।
क्या खाना है कैसे खाना है देसी घी में दाल छौंकनी है या काजू बादाम खाने हैं इसका निर्णय सब वही कमेटी लेती है …….. सबकी मने खाने वालों की सलाह या demand के अनुसार ।
Commandant बीच बीच में देखता ताकता रहता है । कोशिश यही रहती है कि हर जवान का mess bill कम से कम इतना ज़रूर आये जितनी उसकी ration money है । मने बेशक उसकी जेब से 100 -200 लग जाए पर वो ration money में से पैसा बचाने न लगे ……..

आज सुबह मैंने कुछ मित्रों जानकारों से फोन पे बात की । ऐसे लोगों से जो BSF , CRPF या CISF में हैं । एक मित्र ने बताया कि उनकी battalion जम्मू के पास posted है ।
हमारा सारा राशन अखनूर रोड स्थित wallmart से आता है ।
सारा सामान A ग्रेड उच्च quality …….. खुद हमारे अपने cook बनाते हैं । हम लोग खुद हिसाब किताब रखते हैं । मेरी regiment में mess कमेटी हर महीने बदलती है ।
Commandant साहब खुद हमसे पूछते हैं कि किसको रखना चाहते हो कमेटी में ………
एक HC हमारा फेवरिट है । हमने जब उसी को continue करने की बात कही तो साहब नहीं माने क्योंकि हर महीने आदमी बदलने का rule है । अगले महीने जब फिर दरबार सजा तो जवानों ने फिर उसी HC की मांग की ……. साहब ने पूछा , आखिर इसकी इतनी demand क्यों है। जवानों ने बताया कि इसके management में सबसे बढ़िया खाना बनता है । हर के साहब ने उसे फिर मनोनीत कर दिया ।

अब जब ऐसी व्यवस्था है तो फिर ये जवान सोशल मीडिया में ऐसी बात क्यों कह रहा है ये जांच का विषय है ।
मैंने ये पोस्ट जो लिखी है वो विभिन्न forces के अलग अलग लोगों से बात करके लिखी है ।
यदि इसके तथ्य गलत हैं तो लोग स्वयं बताएँगे ।

सत्य सामने आना ही चाहिए ।

साइकिल गयी कबाड़े में हाथी चढ़ गया भाड़े में अब कोई नहीं अखाड़े में …….. सिर्फ मोदी ………

बॉलीवुड की हिंदी फिल्म का हीरो सर्वगुण संपन्न होता है ।
भलामानस , अव्वल दर्जे का चरित्रवान …… मने फिल्म की हेरोइन और vamp उस से चिपटी रहती हैं , उसे खींच खींच के अपने बेडरूम में ले जाती है पर वो पट्ठा लंगोट का इतना पक्का …… हनुमान जी का ऐसा भगत कि vamp और हेरोइन दोनों को अपनी बहन मानता है ।
हीरो के दो चार यार दोस्त चेले चमाट होते हैं जो हमेशा उसके इर्द गिर्द मंडराते उसकी चम्पी किया करते हैं ।
हीरो एक नंबर का चूतिया , जब लाश से टकराता है तो सीने में घुसे चाकू को पकड़ लेता है ……. और ठीक उसी मौके पे या तो पुलिस आ जाती है या फिर कोई और …… फिर ये पुक्का फार के रोता है कि नहीईईईईईई …….. मैंने खून नहीं किया ……..
फिर जब ये जेल चला जाता है तो उसका वो वफादार दोस्त बार बार एक ही फ़िल्मी डायलॉग बोलता है ……… मेरा दिल कहता है , मेरा दोस्त खूनी नहीं हो सकता ……. कह दो कि ये झूठ है …….

मोदी haters को अब भी भरोसा नहीं कि नामाजवादी कुनबे में वाकई जंग छिड़ी है ।
वो कहते हैं ……. नहीं ऐसा नहीं हो सकता …… मेरा दिल कहता है की ऐसा नहीं हो सकता ……. कह दो कि ये झूठ है । नामाजवादी कुनबे में झगड़ा नहीं हो सकता ।
17 जनवरी को चुनाव की अधिसूचना जारी हो जायेगी ।
बाप बेटे चचा भतीजा भाई भाई कुत्ते की तरह लड़ रहे हैं ……. एक दुसरे को नोच खसोट रहे ।
मोदी haters को फिर भी लगता है कि कोई बुरा सपना है ……. भ्रम है ……. सुबह जागेंगे तो सब ठीक होगा …….. उधर चुनाव आयोग कंफूज है ।
रामगोपाल 6 पेटी कागच जिनकी संख्या कुल डेढ़ लाख है धर आये चुनाव आयोग में ।
अमर सिंघवा बोल दिया सब फ़र्ज़ी है करो जांच ……..
चुनाव आयोग बोलता है इतना सब कागच जांचने में तो 6 महिन्ना लगेगा । उधर 10 दिन बाद अधिसूचना जारी हो जायेगी ।
अपने दुआर में कुकुर झौं झौं करने वाले कुत्तों को मालिक चार डंडा मार के दुत्कार देता है । बहुत संभव है कि चुनाव आयोग दोनों बाप बेटा को GPL मार के भगा देगा और चुनाव चिन्ह साइकिल को फ्रीज़ कर देगा मन
अखिलेश कांग्रेस से चुनावी pact के मूड में हैं ।
ऐसे में तय है कि अखिलेश गुट की कम से कम 100 सीट cong को जायेगी मने 100 नामाजवादियों का टिकट कट के कांग्रेसियों को मिलेगा ।
ऐसे में वो 100 क्या चुप बैठेंगे ?
दूसरी तरफ सिपाल मुलायम गुट भी कम से कम 250 से 300 प्रत्याशी मैदान में उतारेगा । UP की हर सीट पे सपा से टिकट मांगते 4 – 6 गंभीर प्रत्याशी हैं । हर सीट पे दो चार करोड़पति टिकट मांग रहे हैं । सिपाल का अब एकमात्र लक्ष्य है ……… अखिलेश को हराना ……..
सिपाल मुलायम अगर किसी को टिकट दे देंगे तो वो 10 – 20 हज़ार भोट तो ले ही मरेगा ।

एक तर्क दिया जा रहा है कि सपा अगर बँटी तो मुसलमान enblock बसपा में shift कर जाएगा ।
काश चुनावी राजनीति में सब कुछ इतना ही सीधा सपाट होता ।
हर मुस्लिम बहुल सीट पे 2 – 3 या 4 प्रत्याशी होंगे । सब वोट काटेंगे ।
2014 के लोस चुनाव में मोदी की सुनामी आती हुई साफ़ दिख रही थी इसके बावजूद मुसलमान एकतरफा enblock voting कर उसे रोक न पाए और बह गए ।

आपको दीखे चाहे न दिखे …….. UP में मोदी की सुनामी आ रही है ……. सब कुछ बहा के ले जाएगी ……. अईकील सईकील आथी हाथी सब बह जाएगा ……..
कोई आजपा भाजपा नहीं ……. कोई कमल नहीं …….. भोट पडेगा मोदी को ……. भोट पडेगा विकास के एजेंडे पे ………. भोट पडेगा भ्रष्टाचार के समूल नाश के लिए …….. भोट पडेगा प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिये ……… भोट पडेगा 24 घंटे बिजली के लिए ……. भोट पडेगा शानदार सड़कों के लिए …….. भोट पडेगा गुंडे बदमाशों के खिलाफ ……… भोट पडेगा जातिवाद के खिलाफ ……. भोट पडेगा हिंदुत्व के लिए …….. भोट पडेगा कटुओं की औकात बताने के लिए ।

साइकिल गयी कबाड़े में
हाथी चढ़ गया भाड़े में
अब कोई नहीं अखाड़े में …….. सिर्फ मोदी ………

direct और indirect tax कलेक्शन के आंकड़े

वित्त मंत्रालय ने आज देश में direct और indirect tax कलेक्शन के आंकड़े सार्वजनिक कर दिए ।

1) indirect टैक्स अप्रत्यक्ष कर में Nov 2016 के मुकाबले Dec 2016 में 12.8 % की बढ़ोत्तरी हुई है।

2) April 2016 से Dec 2016 तक indirect tax में 25 % की बढ़ोत्तरी हुई है। ये बढ़ के 6.30 लाख करोड़ हो गया है ।

3) अप्रैल 2016 से Dec 2016 तक Direct टैक्स में 12.01% की बढ़ोत्तरी हुई है।

4) पिछली तीन तिमाही यानी April 2016 से Dec 2016 तक उत्पाद शुल्क यानि excise duty में 43 % की बढ़ोत्तरी हुई है । excise duty का कलेक्शन 1लाख 95 हज़ार करोड़ रु से बढ़ कर दो लाख 79 हज़ार करोड़ रु हो गया है ।

5) नोटबंदी से अधिकतर राज्यों में वैट वसूली भी बढ़ी है। हालांकि, अभी तक प्राप्त डेटा सिर्फ नवंबर तक का है, दिसंबर में हुई वैट वसूली का डेटा करीब 22 जनवरी के बाद मिलेगा।

6) April 2016 से Dec 2016 तक सर्विस टैक्स की वसूली में 23.9 % की बढ़ोत्तरी हुई है। ये 1लाख 48000 करोड़ रु से बढ़ के एक लाख 83000 करोड़ रु हो गया है ।

7) Dec 2016 में Dec 2015 के मुकाबले सर्विस टैक्स में 12.4 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है।

8)Dec 2016 में Dec 2015 के मुकाबले उत्पाद शुल्क में 31.6 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। इसके सबसे अधिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने अपना योगदान दिया है। गौर तलब है कि जब नोटबंदी के कारण देश में ज़बरदस्त cash crunch था और सभी TV चैनल banks के सामने लंबी लाइन दिखा रहे थे उसी दिसंबर 2016 में factory के gate पे वसूली जाने वाली excise duty मने उत्पाद शुल्क dec 2015 की तुलना में 31% बढ़ गया ।

9) Dec 2016 में Dec 2015 के मुकाबले Custom duty की वसूली में 6.3 % की गिरावट आई है। दरअसल, नोटबंदी के दौरान सोने के आयात में भारी कमी दर्ज हुई है और सीमा शुल्क का एक बड़ा हिस्सा सोने पर लगने वाले टैक्स से ही आता है।

10) April 2016 से Dec 2016 तक custom duty में 4.1 % की बढ़ोत्तरी हुई है।

11) Dec 2015 की तुलना में Dec 2016 तक सभी अप्रत्यक्ष करों को एक साथ देखा जाए तो इसमें 14.2% की बढ़ोत्तरी हुई है। यदि सिर्फ december माह की तुलना करें तो central excise में 31.6% और service tax में 12.4% की वृद्धि हुई है । अलबत्ता custom duty में 6.3 % की गिरावट आयी है ।

12) Dec 2016 की तिमाही में कुल 2.82 लाख करोड़ रु advance Tax के रूप में जमा हुआ जो पिछले वर्ष 12015 की इसी तिमाही की तुलना में 14.4% अधिक है ।

13) Corporate advance tax में 10.6% और personal income tax advance में कुल 38.2% टैक्स की वृद्धि हुई है ।

जो भी व्यक्ति नोट बंदी को फेल बताये और economy में manufacturing सेक्टर में slowdown का रोना रोये उसके मुंह पे ये पोस्ट जूते की तरह फेंक के मारो ।

नोटबंदी तो एक शिशु का पहला कदम है …….

हमारे प्रेम भैया इधर इक्लेस जादो के भोत जबर फैन हो गए हैं ।
पहले खेजड़ीबाल के फैन हुआ करते थे ।
आजकल इक्लेस जादो के हो गए हैं ।
मोदी से भोत जायदे नाराज रहते हैं ।
गाज़ीपुर जिले में इनकी जमींदारी है । नोटबंदी के कारण ऊ सारा खेतवा परती रह गया ।
परती मने जब कोई खेत न बोया जाए और ऐसे ही छूट जाए उसे हमारे यहां परती कहते हैं ।
सो नोटबंदी के कारण इनको खाद बीज जुताई डीजल नहीं मिला इसलिए सगरी जमींदारी परती रह गयी । राजघाट वाले कोवाटर की छत पे 52 बीघा पुदीना रोप थे सो नोटबंदी के कारण बिना पानी सब झुरा गया । मोदिया देस का सतियानास पीट दिया इसलिए अब प्रेम भैया इक्लेस जादो के फैन हो गये हैं । कहते हैं ……. बाह भाई बाह ……… लड़का का विकास किया है ।
हम पूछे कि ज़रा हमको भी बताओ …… का विकास किया है ?
बोले , देखते नहीं हो , नखलऊ में मेट्रो बनवा दिया । औ नखलउ से आगरा express way ……. आगरा दिल्ली पहिलहीं बहिन जी बनवाय दी थी ……. केतना सुबिधा हो गिया …….. अब गाजीपुर का सब बेरोजगार लड़का लोग जब लेपटाँप पे बिलू फिलिम देख के अघा गिया तो सब खटाक से बनारस से बरेली पसिंजर पकड़ के नखलऊ चला जाएगा । हुआँ से मेट्रो धय के सीधे एस्प्रेस वे पे धाँय से 6 घंटा में दीली ………
अ दीली जा के का करेगा गाजीपुर का सब लड़िका लोग ……….
अरे उहाँ अज़ादपुर का झोपड़पट्टी में 300 रु का खोली भाड़ा पे ले के रहेगा ……. फैट्टरी में काम करेगा ………. मजूरी करेगा …… पेट पालेगा …… जियेगा खायेगा …….. बिकास पुरुष इक्लेस जादो परदेस का विकास किये हैं ……. मोदिया साला देस बर्बाद कर दिया …….. गरीब का सब नोट बन कर दिया औ अपने सब उद्योगपति दोस्त लोग को दे दिया …….हमरी GDP छत्ते पे चढ़ गयी थी बिना सीढ़ी के ……. मोदिया साला उप्पर से धकेल दिया ……. बेचारी GDP गीर गयी ।
इधर GDP गिरी उधर नोटबंदी फेल हो गयी ?

आपको कैसे पता कि नोटबंदी फेल हो गयी ?

सारा पैसा बैंक में वापस आ गया ।

नहीं ……. लगभग 1लाख 40,000 करोड़ नहीं आया ।
इसके अलावा दो करोड़ संदिग्ध खाते 8 Nov नए खोले गये जिनमे लगभग 4 लाख करोड़ रु जमा कराये गए । इन खातों और इन रुपयों की जांच चल रही है ।
इसके अलावा कई लाख करोड़ रुपया तो ऐसा है जो लोगों ने अपने दोस्त मित्र रिश्तेदार और कर्मचारियों के खातों में , इसके अलावा जनधन खातों में जमा करा दिया ……. दो दो ढाई ढाई लाख करके ……. ये सारा वो पैसा था जो की अब तक तहखानों तिजोरियों में दबा हुआ था ……… पर अब नोट बंदी के कारण इसे मजबूरन तहखानों तिजोरियों संदूकों से निकल के बैंक में जमा होना पड़ा ……. system में आना पड़ा ……. लाखों नहीं करोड़ों ऐसे Dormant मने सुसुप्त खाते थे जो अचानक जाग गए और उनमें रातोंरात लाखों रूपये जमा हो गए ।
समाजवादी पाल्टी के एक नेता पूर्व MLA के सुरक्षा गार्ड के खाते में अचानक 100 करोड़ रु जमा हो गए । वो बेचारे रूपये …… आजतक न जाने किस अँधेरे तहखाने तिजोरी में कैद थे ……. अब किसी बैंक खाते की शोभा बढ़ा रहे हैं । सरकार की नजर निगरानी में है ।
कुल 15 लाख करोड़ की currency चलन में है ।
इसमें से ये लगभग 6 से 8 लाख करोड़ रु संदिग्ध है ।
रूपये का कोई रंग नहीं होता । वो अपने आप में काला या सफ़ेद नहीं होता । उसका रंग तो हरा या गुलाबी pink होता है । ITR मने धारक की Income Tax return उसे काला या सफ़ेद बनाती है ।
अब तक जितना पैसा तहखानों तिजोरियों से निकल के बाहर आया वो अब सरकार की आँख के सामने है । अब सरकार एक एक खाते की जांच करेगी …….. और एक पूर्व निर्धारित संवैधानिक कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे काला या सफ़ेद धोषित किया जाएगा जिसमे समय लगेगा ।
अगर आप ये समझते हैं कि इस देश में काला धन ही नहीं था तो आप मूर्ख हैं या जान बूझ के सोच समझ के मूर्ख बन रहे हैं । कोई भी ऐसा व्यक्ति जो ढाई लाख रु से ऊपर की अघोषित रकम दबाये बैठा था वो काला धन था । मोदी की नोटबंदी उसे सबके सामने उजाले में ले आयी है ।
रही बात भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई की ……. तो नोटबंदी उस दिशा में उठाया गया पहला छोटा सा कदम है । हम आप सब जानते हैं कि असली काला धन तो बेनामी संपत्तियों और सोने चांदी हीरे जेवरात में छुपा है , मारीशस के रास्ते निवेश में छुपा है और विदेशी tax heavens में छिपा हुआ है ।
भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे एक राष्ट्र को इस दलदल से निकालने की पहली ईमानदार कोशिश किसी सरकार ने की है ।
इन तमाम तथ्यों को नज़रअंदाज़ कर यदि आप सिर्फ 50 दिन में ही इसे फेल घोषित कर देते हैं तो इसका सीधा सा मतलब ये है कि आप pathological Modi Hatred के शिकार हैं और इस घृणा जुगुप्सा के भाव ने आपकी सोचने समझने की शक्ति को कुंद कर दिया है ……… आप मोदी से घृणा के अपने पर्सनल एजेंडा में इस कदर अंधे हो चुके हैं कि राष्ट्र हित आपकी सूचि में कहीं है ही नहीं ।

नोटबंदी तो एक शिशु का पहला कदम है ……. आप बस देखते जाइये ……. अभी तो इसे मीलों जाना है ।

ममता बनर्जी और केजरीवाल का होम्योपैथी इलाज कराओ

pruritus vulvae नामक एक बीमारी होती है ।
अक्सर महिलाओं को हो जाती है ।
इसमें औरतों को योनि में भयंकर खुजली मचती है ।
मने इतनी भयंकर कि अण्ड का बंड बकने लगती हैं …. आँय बाँय साँय चिल्लाने लगती हैं …… आम तौर पे सभ्य सुसंस्कृत महिलाओं को यदा कदा यदि हलकी खुजली हो जाए तो मौके की नजाकत भांप मौक़ा ताड़ प्राइभेसी खोज के हल्का फुल्का खुजला लेती हैं परंतु यदि किसी को ये नामुराद बीमारी pruritus vulvae अगर हो जाए तो औरत सरेबाज़ार लहंगा पेटीकोट उठा के खुजलाती है ……..एकदम ममता बनर्जी की तरह ।
इसी से मिलती जुलती एक और बीमारी होती है जिसे Pruritus Ani कहते हैं । इसमें भी भयंकर चुल्ल और खुजली मचती है पर खुजली का स्थान vulva से सिर्फ एक inch नीचे घसक के Anus हो जाता है । मने इसके रोगी को ***में भयंकर खुजली मचती है । ये खुजली कितना भी खुजला लो कैसे भी खुजला लो …… मने बेशक लहंगा पेटीकोट उठा के खुजला ल्यो , सान्त ना होती । इसके मरीज अक्सर किसी पेड़ या खुरदुरे स्थान पे रगड़ के खुजलाते देखे जाते हैं ।
आमतौर पे ये दोनों बीमारियां अलग अलग होती है पर rarest of rare केस में एक साथ एक ही मरीज में दोनों बीमारियां एक साथ भी हो जाती हैं ।
मने मर्दों को pruritis ani के साथ pruritus vulvae तो हो नहीं सकती , सो उनको pruritus vulvae की जगह pruritus scroti हो जाता है मने उनके scrotum बोले तो आंड खुजलाने लगते हैं ।
मने इतनी भयंकर चुल्ल और खुजली मचती है की आदमी सरेबाज़ार सरेराह कहीं भी माने office meeting मंच मीटिंग में जहां हो वही , पैंट पाजामा अंडरबीयर उतार के कायदे से 15 – 20 मिनट जब खजुआ लेता है तब जा के कुछ तात्कालिक चैन मिलता है ।
ये तो हुए इस बीमारी के लक्षण बोले तो symptoms .
अब इसके कारणों पे नज़र डालें तो एक कारण तो bacterial infection और hygene की कमी हो सकता है ।
हालिया वर्षो में इसके socio politico economic reasons भी देखे गए हैं ।
मने socio economic reasons फार इगजामपुल नोटबंदी माने demonetization …….. नोट बंदी में अगर किसी बड़े नेता या पार्टी का 1000 – 2000 करोड़ रु डूब जाए तो उस पाल्टी के नेता को इस बीमारी के लक्षण उभर सकते हैं ।
Socio political reasons में ऐसे लक्षण तब उभरते हैं जब किसी विपरीत राजनैतिक विचारधारा का व्यक्ति PM बन जाए तो रोगी में इन बीमारियों के लक्षण उभर सकते हैं ।
फिलहाल मोमता बनर्जी और अरबिन्द भोसड़ीवाल जी में इन बीमारियों के लक्षण देखे जा रहे हैं ।

निदान : वैसे तो सिंपिल साफ़ सफाई रखने से फर्क पड़ जाता है ।
ये पेड़ इत्यादि से नहीं रगड़ना चाहिए । इस से फौरी लाभ तो मिल जाता है पर बाद में बीमारी बढ़ के भगंदर और नासूर हो जाने का ख़तरा उत्पन्न हो जाता है ।
कई बार सत्ता परिवर्तन हो जाए मने जिस आदमी से allergy हो वो कुर्सी से हट जाए तो ये बीमारी अपने आप शांत हो जाती है …….

बादल साहब ने कांग्रेस के दलित वोट में सेंध लगा दी है ।

सुखबीर बादल ने कांग्रेस के कबूतरों के बीच बिल्ली छोड़ दी है ।
पंजाब में लगभग 32% दलित भोटर हैं ।
इनमे प्रमुख हैं वाल्मीकि और राविदासिये ।
पारंपरिक रूप से देश के ब्राह्मण दलित आदिवासी और मुसलमाँ कांग्रेस के वोटर रहे । कांग्रेस ने आज तक राज ही इन 4 वोटर वर्ग के बल पे किया । जहां दलित और मुसलमान कांग्रेस को छोड़ गए cong डूब गयी । देश भर में हर राज्य में एक क्षेत्रीय दल नया बना और उसने कांग्रेस से ये दलित और मुसलमान छीन लिए , congress डूब गयी । देश का बंटवारा हुआ , मुसलमानों ने अपना हिस्सा ले लिया पर पाकिस्तान गए नहीं । नेहरू ने रोक लिया , सिर्फ इसलिए कि यहां रहेंगे और हमको वोट देंगे ।
मुसलमान नेहरू का ये अहसान भूले नहीं और हमेशा इनको वोट दिया । बाबरी ढाँचे के विध्वंस के बाद इनका कांग्रेस से मोहभंग हुआ ।
इसी तरह दलित भी कांग्रेस का वफादार वोटर रहा । वो तो भला हो कांशीराम और BMW का कि उन्होंने दलितों को नया platform दिया । पर इसके बावजूद आज भी UP Bihar छोड़ अधिकाँश राज्यों में दलित आदिवासी कांग्रेस को भोट देते हैं ।
इधर पंजाब में सुखबीर बादल ने कबूतरों में बिल्ली छोड़ दी है ।
पंजाब में दलितों में दो बड़े प्रमुख वर्ग हैं । वाल्मीकि और राविदासिये ।
रविदासियों के सींग radical sikhs के साथ फंसे रहते हैं । मामला बड़ा पेचीदा है । यहां पंजाब में रविदासियों के गुरुद्वारे भी हैं और मंदिर भी । रविदासी गुरुद्वारों में गुरुग्रंथ साहिब का पाठ होता है और उनके साथ ही बगल में एक गुरु जी और बैठे होते हैं जो प्रवचन करते हैं । यहां radical sikh आपत्ति करते हैं कि गुरु ग्रंथ साहिब के बराबर कोई और गुरु नहीं बैठेगा । राविदासिये कहते हैं हमारा तो बैठेगा भाई …… तुमको आपत्ति है तो हम गुरु ग्रंथ साहिब को हटा देते हैं पर गुरु जी नहीं हटेंगे ।
विवाद बढ़ता गया जिसकी परिणीति अंततः Vienna में रविदासियों के सर्वोच्च गुरु की हत्या में हुई । रविदासियों ने नया ग्रन्थ रच दिया और गुरुग्रंथ साहिब को replace कर दिया ।
दोनों समुदायों में कटुता बहुत बढ़ गयी ।
फिर बादल साहब ने सबको समझा बुझा के मामला शांत किया । अब होशियार पुर के खुरालगढ़ साहिब गाँव में 14 एकड़ भूमि में 160 करोड़ रु खर्च कर मीनार ए बेगमपुरा नामक स्मारक का निर्माण कराया है । खुरालगढ़ में रविदासी , चमार , जाटव समुदाय के आदि गुरु स्वामी रविदास जी का आगमन हुआ था । उनकी याद और सम्मान में बादल सरकार ने भव्य स्मारक बनवाया है । ये पंजाब के दलितों की अस्मिता और मान सम्मान का बेहद संवेदनशील विषय है जिसे बादल साहब ने छुआ । स्मारक बन के तैयार है । इस एक कदम से रविदासी समुदाय का झुकाव अकाली दल की ओर हुआ है । वो कहते हैं की कांग्रेस ने आज तक सिर्फ lollypop दिया , किया कुछ नहीं ।
इसी तरह अमृतसर में पिछले दिनों भगवान् वाल्मीक की 8 फुट की स्वर्ण जड़ित प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा वाल्मीकि मंदिर – राम तीर्थ में हुई । कहा जाता है कि इसी स्थान पे महर्षि वाल्मीकि का आश्रम था जहां माता सीता ने शरण ली थी और इसी स्थान पे महर्षि वाल्मीकि ने रामायण की रचना की ।
बादल सरकार ने इस स्थान पे एक भव्य वाल्मीकि मन्दिर का निर्माण 180 करोड़ रु की लागत से हुआ है । भगवान् वाल्मीकि की भव्य प्रतिमा की परिक्रमा बादल साहब ने पूरे पंजाब में कराई । पंजाब के हर शहर और कसबे गाँव से ये प्रतिमा गुज़री । इसके स्वागत में लाखों की भीड़ उमड़ी ।
दलितों के लिए अस्मिता और मान सम्मान भावनात्मक विषय हैं । पंजाब के दलित बहुत संपन्न हैं । रुपया पैसा धन दौलत उनके लिए बहुत महत्त्व नहीं रखते । अस्मिता उनके लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण है ।
और इसी विषय को बादल साहब ने छुआ है ।
चुनाव में ये एक game changer होगा ।
बादल साहब ने कांग्रेस के दलित वोट में सेंध लगा दी है ।

उम्मीद है कि आज शाम तक सुलह हो जायेगी ।

चुनाव आयोग ने ऊपी का चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है ।
पहला वोट 11 फरवरी को पडेगा ।
इधर चुनाव आयोग dates declare कर रहा था उधर मुलायम अपने बेटे कलेस को समझा रहे थे कि बेटा मान जाओ नहीं तो साइकिल से उतर के पैदल हो जाना पड़ेगा ।
इधर कुछ लोगों ने दोनों बाप बेटा को समझा दिया है कि भैया ……. जादो जी लोग ……. दो नाव या दो घोड़े की सवारी करने वाले सवार की गाँड फट के flower हो जाया करती है ।
तुम दोनों तो अपने अपने रास्ते चले जाओगे पर हम मने cadre कार्यकर्ता और भोटर ……. हमारा क्या होगा । अबे तुम दोनों के चक्कर में फटेगी तो हमारी ।
उधर आजमखान ने समझाया बतावें कि अगर सपा बँटी और कमजोर हुई तो मुसलमान भोटर तुमको लात मार भेनजी की गोदी में जा बैठेगा ।
मुसलमान 2014 का खार खाये बैठा है । लोस चुनाव में मोदी ने ऐसी मारी बिना तेल के कि अब तक सहला रिये हैं भाई जान । आपको याद होगा कि 2014 में एक भी मुसलमान सांसद UP से जीत के नहीं गया । मुसलमान जानता है कि बँटा तो कटा ………
दोफाड़ सपा मने बसपा को फायदा । इसीलिए मुल्लायम आखिरी कोशिश कर रहे हैं और समझ अखिलेश भी रहे हैं ।
और इस खतरे को समझ भाजपा भी रही है ।
भाजपा शुरू से ही मुलायम और उनकी सपा को मुसलमानों के खिलाफ एक safety valve के रूप में इस्तेमाल करती आई है । मुलायम और मुसलमान का रिश्ता बड़ी प्यार मुहब्बत का रहा है । दोनों 69 में रहे । मुलायम इनको lollypop देते रहे चुसाते रहे । मुसलमान समझ ही न पाए आज तक कि lollypop चूस के आज तक कोई मोटा न हुआ । कड़वा सच है कि मुलायम ने कभी मुसलामानों को बढ़ने न दिया ……. तरक्की की सीढ़ी चढ़ने न दिया ……… हमेशा appeasement का lollypop चुभलाते रहे ।
इधर मुलायम कलेस दोनों जानते हैं कि वो तो हार ही रहे हैं पर ऐसा न हो कि भैंसवती जीत जाए । यही सोच अहीर भोटर की भी है । BMW न आये बेशक भाजपा आ जाए ।

खबर है कि परदे के पीछे सुलह के प्रयास अमित शाह कर रहे हैं । दो फाड़ सपा की बजाय एक कमजोर सपा भाजपा को ज़्यादा मुफीद है ।

उम्मीद है कि आज शाम तक सुलह हो जायेगी ।

आपको ये पता होना चाहिए कि its a jungle out there …….. ये दुनिया एक जंगल सफारी है ।

कुछ दिन पहले टीवी पे एक वीडियो देखा था ।
China की किसी jungle Safari में एक लड़की अपनी car से बाहर निकली ।
भाई शेर खान जी उठा के ले गए और खा डाले ।

अब पीटो छाती ……. करो रुदाली …….. मनाओ मुहर्रम ……. निकालो candle march ……..
गरियाओ शेर खान को …….. कोसो सरकार को …….

इसी तरह सुना है कि कुछ भेड़िये लकड़बग्घे भाई जान लोग ने बंगलुरु की एक और jungle सफारी में एक और बकरी / लड़की दबोच ली बतावें ।
अपन को न पहली लड़की से हमदर्दी न इस दूसरी से ………
हमदर्दी अपन को शेर खान और भेड़ियों लकड़बग्घों से भी नहीं ।
और अपन तो न China Govt. को गारी देंगे न कर्नाटक govt . को ।

अब शेर खा गया तो govt क्या करेगी ? भोत करेगी तो शेर को आदमखोर घोषित कर या तो गोली मार देगी या पकड़ के किसी चिड़ियाघर में बंद कर देगी । दुनिया कि कोई सरकार ……. अबे सरकार छोड़ो , खुद अल्लाह मियाँ शेर खान को सुधार के बकरी ना बना सकते । भाई शेर खान तू सुदर जा …… जे भेड़ बकरी हिरण का शिकार छोड़ तू न्यू कर वेजीटेरियन हो जा …….

आपको ये पता होना चाहिए कि its a jungle out there …….. ये दुनिया एक जंगल सफारी है ।
यहां लाखों करोड़ों भूखे शेर चीते भेड़िये लकड़बग्घे और सियार घूम रहे हैं ।
आपको पता होना चाहिए कि जंगल में कैसे survive करना है ।
शेर चीते ना सुधरने के । कब कौन आदमखोर हो जाएगा कौन जानता है ।
सरकार किस किस को रोकेगी आदमखोर होने से ?
सरकार का रोल तो तब शुरू होगा जब शेर आपको मार के खा जाएगा । फिर वो उसे खोजेगी । खोज के चाहे तो गोली मारे या फिर किसी zoo में बंद करे ।

पर तुम तो शहीद हो गयी न बेटा ????????
इसलिए …….. राजा बेटा ……. ये जान लो कि its a Jungle Out there ……. सवारी अपने सामान की हिफाज़त की जिम्मेवार स्वयं है ।
दुनिया में बहुत कांटे हैं । चारों तरफ कांटे ही कांटे हैं । इन सबको कोई नहीं चुग सकता । सरकार भी नहीं ।

बेहतर होगा कि जूते पहने लें ……….

जो बोया उसे काट रहे बंगाली

ये किस्सा मेरे पिता जी सुनाया करते थे । सत्य घटना है मेरे दादा जी के समय की ।
उस जमाने में मने करीब 100 साल पहले उनकी एक परजा परजुनिया कुम्हार था जिसे अपनी जमीन में ही बसा रखा था ।
उसकी बीबी ……. एक नंबर की नंगिन ……… एक दिन जा के कुएं में कूद गयी ।
ये वो ज़माना था जब कि अभी handpipe और बिजली tubewell और टुल्लू पंप नहीं थे ।
कुआं ही एकमात्र साधन था पेय जल का । और भवानी उसी कुएं में कूद गयी । गाँव में भगदड़ मची । गाँव भर ने जुट के उसे कुएं से निकाला ।
समझाया बुझाया ……
अब उस कुएं का पानी कौन पिए ।
सो टोले मोहल्ले ने जुट के नया कुआं खोदा । हमारे गाँव में हमेशा से ही water level बहुत ऊपर रहा । मने बमुश्किल 10 फुट पे पानी । सो भैया नया कुआं खोदा । पुराना पाट दिया ।
हरामजादी कुछ दिन बाद फिर कुएं में कूद गयी ।
अबकी बार फिर गाँव ला ला करता भगा कुएं की ओर । इधर दादा जी ने उठाया लट्ठ और पहुंचे कुएं पे …….. और बोले , खबरदार जो निकाला किसी ने इसको कुएं से बाहर …… जाओ ढेला लियाओ बीन के ……. लौंडे ढेला चिक्का बीन लियाए खेत से …….. और दादा जे ने वहीं ऊपर से कुएं की जगत पे बैठ के उसको मारना जो शुरू किया ……. ढेला ढेला …… और वो अंदर से रोये गिड़गिड़ाए ……. बाबू बचा लो ……. और बाबू कहें नहीं तू मर ।
मरने का बहुत चाव है न तुझे ? मर …….. और चार चिक्का और मारा उसको कपार पे ……. शाम को कूदी थी …….. सुबह हो गयी ………वहीं अंदर पानी में जार जार रोये ……. सुबह निकाली । हाथ पैर सब पानी में गल गए । थर थर काँप रही …….. दादा जी बोले , क्यों ? हुआ शौक पूरा ख़ुदकुशी का ? अब नहीं देगी जान ?
फिर वो कुआं पाट के नया खोदा । उसका पानी उस कुएं से बंद कर दिया ।
बोले चल अब तेरी यही सजा । जा एक KM दूर से पानी ढो के लिया ।
उसके बाद वो फिर कभी कुएं में नहीं कूदी ।

बंगाल के हिन्दू पिट रहे । TMC के कार्यकर्ता BJP office पे चढ़ के मार रहे ।
यहां लकड़बग्घे पूछते हैं कि मोदी और राजनाथ क्या कर रिये हैं ।
मोदी और राजनाथ सही कर रिये हैं ।
बल्कि मोदी को तो बंगाल से पूरी para military और CRPF वापस बुला लेनी चाहिए और ममता को कान में कह देना चाहिए कि और मारो सालों को ……. अभी कम मारा है …….. सड़क पे घसीट के मारो ……..
अबे मोदी क्या माँ चु*** ????????
तुम्हारी चुनी हुई सरकार को मोदी क्यों बर्खास्त करे ?
लोकतंत्र है भाई ……. तुमने भोट दे के चुना है यार …….. टोकरी भर भर भोट दिया है ।
तुम्ही ने दिया है ।
भोट देने लोग Singapore से थोड़े न आये थे ।
तुमने जो सरकार चुनी वही तुम्हारी रक्षा करेगी ।

You have Sown …….. It’s time to reap ……..

बंगाली हिन्दू TMC की बीबी है …….. मारे चाहे प्यार करे ……. तुम साले कौन ?

मितरों , भाइयों भेनों , सहेले सहेलियों ।
यूँ तो ये किस्सा मैं अपने दोस्तों को पहले सुना चुका हूँ पर क्या है कि मेरे किस्से कहानियां तो पंडित भीमसेन जोशी के राग दरबारी सरीखे । जित्ती बार सुन लओ उत्ता इ कम ।
और दूसरी बात कि मेरे तो सैकड़ों नए दोस्त रोज़ बनते हैं । वो भी पढ़ लेंगे ।

तो बात तब की माने 1984 या 85 की है । तब जबकि मैं अभी student था और पहलवानी करता था । हम कहीं से कोई कुश्ती लड़ के लौट रहे थे । साथ में एक पहलवान दोस्त था …….. रात दो बजे हम अम्बाला स्टेशन पे उतरे और आगे हमें अगली ट्रेन पकड़ के पटियाला जाना था जो सुबह भोर में चलती थी । हम वहीं प्लेटफॉर्म पे इंतज़ार कर रहे थे । सामने एक दंपत्ति बैठे थे और उनका वाक् युद्ध चल रहा था । उन दिनों ये स्मार्ट फोन का ज़माना तो था नहीं सो हमारे समेत सभी लोगों का entertainment हो रहा था । वाक् युद्ध धीरे धीरे गरमा रहा था और पतिदेव सरेआम इज़राइल की माफिक behave कर रहे थे मने फूल दबंगई औ गुंडागर्दी …… पत्नी बेचारी फिलिस्तीन सी …… बेशक कमजोर थी पर जुबान लड़ाने से बाज न आती थी । चपड़ चपड़ बोले जाती थी ।
अंत में पति देव का धैर्य चूक गया औ उनकी मर्दानगी छलक गयी और उन ने बीवी को 2 – 4 हाथ धर दिए । मने इस से पहले कि अमरीका और UN कुछ समझ पाते फिलिस्तीन पिट गया । हम दोनों पहलवान कूद के पहुंचे …… बीच बचाव छूट छुड़इया कराया ……. बीवी बेचारी …… रोती कलपती ……. पिट के भी बोलने से बाज न आयी ।
हम दोनों वापस अपनी जगह आ बिराजे । और वो बीबी , माँ कसम सही जिहादिन थी ……. पिट पिटा के उसका वाक् युद्ध फिर चालू ………. और अबकी बार दोगुने उत्साह से …… पति महोदय भी शुरू हुए …….. बहुत जल्दी वाक् युद्ध फिर असली युद्ध में बदल गया और इबकै पत्नी जी को बालों से पकड़ के घसीट लिया । हम दोनों फिर पहुंचे छुड़ाने । पर उस जल्लाद ने अपनी घरवाली जमीन पे पटक रखी और बाल पकड़ के पीट रहा ……. अब बालों से घिरी औरत को छुड़ाना बड़ा मुश्किल काम ………. और वो पट्ठा ऐसा कि बाल न छोड़े ……. तो भैया मैंने , उसी रेलवे के waiting room में उसकी जो जम के सुताई की ….. दे लात , दे झापड़ , दे घुसण्ड …….. और पति महोदय की सारी मर्दानगी काफूर और वो इराक़ी सेना माफिक surrender …….. धराशाई ……..
पर उसके बाद जो हुआ वो अप्रत्याशित था । पति से पिटी हुई उस महिला के अंदर की शेरनी और क्षत्राणी अचानक जाग गयी और वो भी युद्ध भूमि में तीर तरवार लै कूद गयी और अपने पति की रक्षा को आगे आयी ……. खबरदार जो मेरे पति को हाथ लगाया ……. साले गुंडे बदमाश ……. और उसका रौद्र रूप देख अपन तो सहम गए भैया …… अरे बहिन जी ……. ये आपको मार रहा था हम तो बचाने आये थे ……
खबरदार मेरे पति को कुछ कहा तो ……. भला है बुरा है ….. जैसा भी है
मेरा पति मेरा देवता है । मारे चाहे पीटे , उसकी मर्जी …….. तुम साले कौन ?

अपन ने भैया तुरंत cease fire किया और सेनाएं वापस barrack में आ गयीं ।
उसके बाद भैया , पति पत्नी में जो प्यार उमड़ा ……. सफ़ेद कबूतर उड़ाये जाने लगे …… मने एकदम अमन की आशा हो गयी ……. बीबी ने साड़ी के पल्लू से पिटे हुए पति को धोना पोंछना चाटना पुचकारना जो शुरू किया …….. मेरा वो दोस्त एक नंबर का हंसोड़ विदूषक एकदम कॉमेडियन था ……. उनका ये प्रेमआलाप देख वो हँस हँस के दोहरा हुआ जाता था ……. उधर पति पत्नी प्रेम रस में विभोर …….. दुनिया जमाने की रुसवाइयों से दूर ….. पत्नी पति की सेवा किये जाती थी ।

उधर उज्जैन में सुरेश भाई चिपलूणकर उज्जैन में आक्रोश मार्च निकाल रहे हैं ।
कहते हैं कि मोमता दी के बांग्लादेश में हिन्दू पिट रिया है …… मेरे कू आकरोस हो रिया …… मेरे से हिन्दू की पिटाई देखी नी जा री …… हाय हाय …… मार डाला रे ……. सब लोग मिल के बंगाली हिन्दू के ले रे …… मेरे को बुरा लग रिया ……..

अबे बंगाल का हिन्दू gang bang का मजा ले रिया …… लेने दो उसको …… secularism का मजा ले रिया …… लेने दो …….. पहले ये तो देख लो कि हाय हाय कर रहा है या aaaaah aaaaah ……..
काहे को बेचारे का orgasm खराब कर रहे हो ?
बंगाली हिन्दू TMC की बीबी है …….. मारे चाहे प्यार करे ……. तुम साले कौन ?

Let the Orgy continue ………