BSF जवान के भूखे मरने वाले वीडियो का सच क्या है ?

सोशल मीडिया पे इन दिनों BSF के एक जवान का वीडियो viral हुआ जाता है ।
बेचारा जवान भूखा मर रिया है ।
वो बेचारा सारा दिन बर्फ में खड़ा duty देता है और पीछे से उसका घी Commandant साहब खा जाते हैं ।
मैंने कल वो वीडियो देखा तो मेरा तो खून खौल उठा ।
देस की तो आज़ादी खतरे में है भाई ।
गाली महोत्सव तो बनता है । पर इसके लिए गाली पर्रीकर को नहीं राजनाथ सिंह को दो ।
BSF एवं अन्य para military forces MHA बोले तो ministry of Home affairs के अंतर्गत आते हैं ।

अब मेरी चूँकि भारत सरकार में एकदम ऊपर तक बात है सो मैंने तुरंत फून लगाया ……. बात कराओ साले से …….. क्यूँ बे मलेच्छ …… BSF का राशन खा गया बे साले चोर ? भुक्खड़ ?

By god की कसम ……. खाजनाथ वहीं धोती में मूत दिए ……. बोले गुस्सा थूक दीजिये मालिक …….. राशन supply फ़ौज में होती है मालिक । वहाँ ये सब चोरी चकारी चलती है ।
बाकी para military forces में हम लोग Ration Money देते हैं हुज़ूर …….. वो ration money सिपाही की पगार के साथ उसको दे दी जाती है ।
अब उस पैसे को वो कैसे खर्च करते हैं ये उनकी regiment या battalion जाने ।
उनका commandant जाने ।
हमने तुरंत commandant को फून लगाया …….. क्यों बे साले चोरकट ……. चिन्दी चोर …… साले तनख्वाह में पेट नहीं भरता बे ? साले जवानों का राशन खा जाता है ?
अब जब उसको पता चला कि सोसल मीडिया मने फेसबुक के इतने बड्डे मठाधीस का फून आया है …… माँ कसम थर थर कांपने लगा commandant …….. बोला सर गलती हो गयी जी ……. पर मेरी बात तो सुन ल्यो हुजूर ………
Sir जी , system नयूं है जी कि BSF या किसी भी para military force में Ration की supply नहीं होती । मैं यानि कि commandant महीने में एक बार पूरी battalion की एक open meeting लेता हूँ जिसे दरबार कहा जाता है । उस दरबार में एक mess committee बनायी जाती है ।
इसमें एक Inspector , एक sub inspector , एक HC बोले तो head कांस्टेबल और 6 सिपाही रहते हैं । हर महीने नयी कमेटी बनती है । कमेटी का चयन मैं नहीं बल्कि battalion के जवान खुद मनोनीत करते हैं ।
फिर वो कमेटी जिसमे इंस्पेक्टर से ले के कांस्टेबल तक सब होते है बाज़ार से खुद जा के local purchase करते हैं Ration की ……. आटा , चावल, दालें ,तेल ,मसाला , दूध , घी , मक्खन, bread ,अंडे ,पनीर , Meat सब कुछ local market से खरीदा जाता है । LPG भी ……. batallion में cook होते हैं । ज़रूरत पड़ने पे local helper भी वेतन पे रख लिया जाता है ।
क्या खाना है कैसे खाना है देसी घी में दाल छौंकनी है या काजू बादाम खाने हैं इसका निर्णय सब वही कमेटी लेती है …….. सबकी मने खाने वालों की सलाह या demand के अनुसार ।
Commandant बीच बीच में देखता ताकता रहता है । कोशिश यही रहती है कि हर जवान का mess bill कम से कम इतना ज़रूर आये जितनी उसकी ration money है । मने बेशक उसकी जेब से 100 -200 लग जाए पर वो ration money में से पैसा बचाने न लगे ……..

आज सुबह मैंने कुछ मित्रों जानकारों से फोन पे बात की । ऐसे लोगों से जो BSF , CRPF या CISF में हैं । एक मित्र ने बताया कि उनकी battalion जम्मू के पास posted है ।
हमारा सारा राशन अखनूर रोड स्थित wallmart से आता है ।
सारा सामान A ग्रेड उच्च quality …….. खुद हमारे अपने cook बनाते हैं । हम लोग खुद हिसाब किताब रखते हैं । मेरी regiment में mess कमेटी हर महीने बदलती है ।
Commandant साहब खुद हमसे पूछते हैं कि किसको रखना चाहते हो कमेटी में ………
एक HC हमारा फेवरिट है । हमने जब उसी को continue करने की बात कही तो साहब नहीं माने क्योंकि हर महीने आदमी बदलने का rule है । अगले महीने जब फिर दरबार सजा तो जवानों ने फिर उसी HC की मांग की ……. साहब ने पूछा , आखिर इसकी इतनी demand क्यों है। जवानों ने बताया कि इसके management में सबसे बढ़िया खाना बनता है । हर के साहब ने उसे फिर मनोनीत कर दिया ।

अब जब ऐसी व्यवस्था है तो फिर ये जवान सोशल मीडिया में ऐसी बात क्यों कह रहा है ये जांच का विषय है ।
मैंने ये पोस्ट जो लिखी है वो विभिन्न forces के अलग अलग लोगों से बात करके लिखी है ।
यदि इसके तथ्य गलत हैं तो लोग स्वयं बताएँगे ।

सत्य सामने आना ही चाहिए ।

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K S Gusain

Being an Ex CRPF , I found this blog is the best judgment of this issue . Every stage spelled out are correct. Mr Bakshi ARMY is not supplying free ration anywhere to CAPF .

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