Beware of the old Fox ……..

नमाजवादी कुनबे में जो घमासान मचा है उसपे मैं पिछले 3 दिन में काफी कुछ लिख चुका हूँ ।
जैसा कि मैंने लिखा था कि इतिहास अपने को दोहरा सकता है ।
जैसे 1969 में इंदिरा गांधी को जब कांग्रेस से निकाल दिया गया तो समूची कांग्रेस मय भोटर उनके साथ चली गयी ।
इंडीकेट ही असली कांग्रेस बन गयी । कामराज और निजलिंगप्पा का सिंडिकेट झंडू कौड़ी के तीन हो के रह गए ।
आज नमाजवादी पार्टी में जो खुली बगावत हुई और रामगोपाल वर्मा और कलेस जादो ने जिस तरह एक असंवैधानिक अवैध अधिवेशन बुला के पार्टी पे अवैध कब्जा कर लिया …….. और सत्ता की चाशनी पे मंडराने वाली मक्खियों की तरह सब विधायक अखिलेश के साथ जा खड़े हुए उस से बहुत ज़्यादा प्रभावित होने की ज़रूरत नहीं ।
क्योंकि अखिलेश इंदिरा गांधी नहीं हैं और मुलायम कामराज नहीं हैं और UP में समाजवादी पार्टी 60 के दशक की कांग्रेस नहीं है ।
60 के दशक की कांग्रेस उस जमाने की कांग्रेस थी जब विपक्ष नाम की कोई चीज़ नहीं थी । पूरे देश पे एक छत्र राज था कांग्रेस का । कांग्रेस के टिकट पे कुत्ता भी खड़ा हो तो जीत जाता था । कांग्रेस के लिए राजनीति खाली मैदान थी ।
आज UP में राजनीति के 4 ध्रुव हैं । भाजपा उफान पे है । सपा को बसपा और भाजपा से कड़ी टक्कर मिल रही है । इस त्रिकोणीय संघर्ष में सपा अगर पहले नंबर पे आ सकती है तो तीसरे पे भी खिसक सकती है । सिर्फ एक % का swing हार को जीत में बदल सकता है या फिर सूपड़ा साफ कर सकता है ।
ऐसे में ऐसी खुली बगावत वो भी मुलायम सिंह से ?
मुलायम कामराज नहीं हैं । मुलायम की यूपी के अहीरों में कितनी पैठ और कितनी पकड़ है इसका अंदाज़ा शायद आपको न हो ।
अखिलेश और रामगोपाल को चाहिए कि वो इस बूढ़ी लोमड़ी से सतर्क रहे ।
Beware of the old Fox …….. हो सकता है कि मुलायम बेटे के सामने पसीज जाएँ और झुक जाएँ । पर अगर ……. खुदा न खास्ता …… मुलायम के अहम् को ठेस लगी ……. और उन ने अगर कमर कस ली …….. तो अहिरानी आज भी उनके नाम पे खड़ी हो जायेगी ।
यदि सचमुच मुलायम झोली पसार के अहिरानी में खड़े हो गए ……. और अपने बुढापे का वास्ता दे के एक इमोशनल सी स्पीच ……… सिर्फ एक स्पीच पूरा चुनाव पलट देगी ( सपा के लिए ) और अखिलेश और राम गोपाल जैसों की खटिया खड़ी कर देगी …….. अखिलेश और राम गोपाल की पार्टी की जमानत नहीं बचेगी ।
अब देखना ये है कि मुलायम और शिवपाल कितना fight back करते हैं ।
5 Jan को जो अधिवेशन बुलाया है देखना होगा कि उसमें कौन कौन आता है ।
अगर ये मान भी लिया जाए कि शिवपाल की लिस्ट के सभी 403 प्रत्याशी भी अगर अखिलेश खेमे में चले गए तो भी 150 से ज़्यादा के टिकट कटेंगे । बाकी बची 250 सीटों पे नए प्रत्याशी खोजना शिवपाल के लिए एक दिन का काम है ।
सपा के कुल 3 bank खाते हैं । एक दिल्ली में जिसके signatory राम गोपाल है पर उसमे funds नाम मात्र के हैं । बाकी दो खाते सैफई और लखनऊ में हैं । इसके signatory मुलायम हैं ।
अगले कुछ दिनों में party symbol के लिए लड़ाई होगी । बहुत संभव है कि Cycle मुलायम शिपाल के पास रह जाए और अखिलेश नए symbol पे चुनाव लड़ें ।
ऐसी स्थिति में क्या शिवपाल के वो 400 प्रत्याशी हर सीट पे क्या 5000 वोट भी नहीं काटेंगे ?
चतुष्कोणीय लड़ाई में जबकि भाजपा उफान पे हो और मुसलमान दिग्भ्रमित हो 3 जगह बँट बिखर रहा हो ……. हर सीट पे 5000 भोट का नुक्सान सफाया कर देगा ।
शिवपाल और मुलायम इतने भी गए बीते नहीं जो 5000 भोट को मोहताज हो जाएं ।
मुलायम अगर पुत्र मोह में धृतराष्ट्र बन भी गए तो अकेले शिवपाल भी इतने कमजोर नहीं कि हर सीट पे 5 या 10 हज़ार वोट काट के अखिलेश को औकात न बता दें ………..

नामाजवादी कुनबे की ये लड़ाई कोई नाटक नौटंकी नहीं एकदम असली है ।
तलवारें भी असली हैं । जो खून बहेगा वो भी असली ही होगा ।

चचा अपदस्थ , बाऊ लिटायर और अमर अंकिल बर्खास्त …….

पूर्वांचल में अपने होशो हवास में , भरसक , कोई बाऊ साहब लोगों मने ठाकुरों को कोई दूकान मकान भाड़े पे नहीं देता । मने दूकान खाली पड़ी रहे ऊ मंजूर बाऊ साहब को भाड़ा पे नहीं देंगे ।
और ई रेपुटेसन कोई रातों रात नहीं बन गयी है ……. बाऊ साहब लोग की सैकड़ों साल की चोरकटई से ई रेपुटेसन बना है ……. मने बाऊ साहब को मकान दूकान भाड़े पे दिया त ऊ गयी …..
अब करा लिहा खाली ……. जा लड़ा कोट कचहरी ……. जादो जी लोग का रेपुटेसन कुछ भिन्न है ।
मने जादो जी लोग भड़इता मने किरायेदार बन के मकान दूकान पे कब्जा नहीं करेगा ।
ऊ सब Virgin land खोजता है …… मने खाली पिलाट …….
अगर आपका शहर में कहीं कोई खाली पिलाट पड़ा है ……. तो कोई यदुवंशी उसको कई साल तजबीजता रहेगा …… एकदम बकुल ध्यानं …… मने तब तक इन्तजार करेगा जब तक कि कोई यादवी सरकार सत्ता में न आ जाए ……. और उसको जैसे ही कोई अनुकूल अवसर मिला …… ऊ आपके प्लाट पे 4 ठो गोरु गैया लिया के रातों रात तबेला खोल देगा ……. यादव डेरी फार्म …… इहाँ सांड भैंसा का सुद्ध दूध मिलता है ……. अब आप लाख सिर पटक के मर जाये …… थाना दारोगा कप्तान …… सब कीजिये ……. जादो जी कब्जा नहीं छोड़ेंगे । तब तक जब तक कि कोई नयी सरकार न आ जाए जो आपकी बात सुने और जादो जी को बांस कर दे …….. आज ऊपी में नामाजवादी सरकार के ऊपर सबसे बड़ा कलंक यही है ……. सरकारी और पिराईभेट …… सभी जमीनों पे एकदम निर्विकार भाव से अवैध कब्जा …….. मने किसी की भी संपत्ति में जबरदस्ती घुस जाना और लाठी के बल पे कब्जिया लेना ।

अब आज का लखनऊ का ही किस्सा देख लीजिए ।
सपा कार्यालय पे जबर्दस्ती कब्जा ……. चचा अपदस्थ , बाऊ लिटायर और अमर अंकिल बर्खास्त …….

जादो जी लोग चाहे जौना पोजीसन में आ जाएँ …… अवैध कब्जा का नैसर्गिक गुण सामने आ ही जाता है ।