सरकार confused नहीं है इसलिए आप भी भ्रमित न हों

चूतियों की एक विशेषता होती है ।
खुद चूतिया होते हैं इसलिए दूसरों को भी चूतिया ही समझते हैं ।
वो कहते है न …… जाकी रही भावना जैसी , प्रभु मूरत देखी तिन तैसी ……
इसलिए चूतियों को सारी दुनिया चूतिया ही दिखती है ।
कल फिर कुछ चूतिये शीघ्रपतन का शिकार हो गए ।
सरकार ने घोषणा की कि 500 और हज़ार के पुराने नोट यदि आपके पास हैं तो सारे इकट्ठे एक साथ जमा कर दीजिये । मने लाख दो लाख या करोड़ दो करोड़ , या 100 पचास करोड़ जो है अपने खाते में इकट्ठे जमा कर दीजिये । उसके बाद एक बार में 5000 से ज़्यादा की रकम नहीं ली जायेगी ।
लोग बाग़ दरअसल पुराने नोटों की 50,000 के नीचे की रकम जिसे जमा कराने पे Pan number नहीं देना पड़ता , ले के रोजाना बैंक में line लगा रहे थे ……. ये वो व्यापारी थे जो या तो अब भी पुराने नोटों में बिक्री कर रहे थे या फिर काले धन वालों के पैसे अपने ac में जमा करा के नोट बदल रहे थे ……. इन लोगों के इस गोरखधंदे को रोकने के लिए सरकार ने ये कदम उठाया ।
इसके अलावा चूतिये ये सवाल भी उठा रहे है कि सरकार रोजाना policy बदल क्यों रही है । सरकार दिग्भ्रमित confused है क्या ?
इसका जवाब अमित शाह ने दिया है …… ये एक युद्ध है ….. काले धन के खिलाफ युद्ध ….. सरकार ने काले धन के खिलाफ युद्ध की घोषणा की है ……. अब जब युद्ध होगा तो सामने वाला पक्ष भी तो लडेगा ? आपने उसकी जीवन भर की काली कमाई पे हाथ डाला है । वो क्या बस यूँ ही surrender कर देगा ? भागने की , बच निकलने की पूरी कोशिश करेगा ….. अपनी काली कमाई को सफ़ेद करने की पूरी कोशिश करेगा । सरकार द्वारा आम आदमी को दी गयी सुविधा का दुरुपयोग करेगा । system में loopholes खोजेगा …… बच निकलने के रास्ते खोजेगा ……. अब सरकार का काम है उन loopholes को बंद करे …… चोरों के बच निकलने के रास्ते बंद करे …… ये तो चोर सिपाही का खेल है जी ….. तू डाल डाल मैं पात पात . जस जस चोर नए रास्ते खोजते हैं सरकार नए नियम बना के वो रास्ता बंद कर देती है ।
सरकार दिग्भ्रमित confused नहीं बल्कि बेहद सतर्क है ।
सरकार पूरे जी जान से काले धन के खिलाफ युद्ध लड़ रही है ।
सरकार confused नहीं है इसलिए आप भी भ्रमित न हों

कश्मीर की तरह पूरे देश में पत्थर बाजी की तैयारी है ।

भीलवाड़ा में अंततः 24 घंटे बाद प्रशासन ने internet पे लगाया प्रतिबन्ध उठा ही लिया ।
ताजा समाचार ये है कि बारावफात पे मोमिनों द्वारा उत्पात , आगजनी और लूटपाट की प्रतिक्रया में कल दोपहर हिन्दू संगठनों में रोष मार्च निकाला । नेतृत्व बजरंग दल के स्थानीय कार्यकर्ता कर रहे थे । जलूस जब गायत्री नगर पहुंचा तो मोमिनों ने उसका स्वागत पत्थर बाजी से किया ।
जवाब में बजरंगियों ने मोमिनों को घरों से निकाल के कूटा । कई दुकानों को आग लगा दी ।
पुलिस प्रशासन ने मौके पे लाठियां भांज के और हवाई फायर कर भीड़ को काबू में किया ।
फिलहाल पूरे नगर में धारा 144 लगी हुई है । कल शाम internet सेवाएं बंद कर दी गयी थीं जो आज शाम बहाल हुई ।
आज शाम एक गुप्त स्थान पे हिन्दू संगठनों ने बैठक कर आगे की रणनीति बनायी ।
कल की घटना में कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आये ।
मुस्लिम इलाकों में तालाशी लेने पे पुलिस को तकरीबन हर घर की छत पे पत्थर बरामद हुए , ठीक वैसे ही जैसे काश्मीर घाटी में पाए जाते हैं ।
बारावफात पे जो जलूस निकला उसमे झंडे लोहे की rods में लगे थे ।
मोमिन बड़े सुनियोजित ढंग से किसी बड़े दंगे की तैयारी में लगे हैं ।
एक स्थानीय मस्जिद और शहर काज़ी पुलिस राडार पे है ।

इसके अलावा ये घटनाएं किसी बड़ी साज़िश की तरफ इशारा कर रही हैं ।
कश्मीर की तर्ज़ पे पत्थरबाजी की तैयारी पूरे देश में हो रही है क्या ?
क्या इस तैयारी के निर्देश कहीं और से आ रहे हैं ?

आँख कान खुले रखने की ज़रूरत है ।
संगठन में ही शक्ति है ।
कम लिखे को ज़्यादा समझना ।