हे मोदी ……. जियो और जीने दो , खाओ और खाने दो

मोदी जी , कायकू बावले हुए जा रिये हो …….
भैन्चो …… न खुद चैन से सोते हो न पब्लिक को सोने देते हो ?
भैन्चो …… जीना हराम कर दिया है लोगों का ……. 18 से 20 घंटे काम करते हो …… खुद को तो नींद आती नहीं ……. दूसरों को तो सोने दो …….
ठीक यही प्रॉब्लम हमारे बाप की थी । न खुद कभी सोया 4 बजे के बाद और न हमको सोने दिया ……. मने सोता हुआ आदमी तो उनसे बर्दाश्त ही न होता था …….
ये सनकी बुड्ढों के साथ यही प्रोब्लम होती है ।
न सोऊँगा न सोने दूंगा ।
न खाउंगा न खाने दूंगा ।
12 बजे सोते हो सुबह 5 बजे उठ जाते हो ।
5 से 6 योग और साढ़े 6 बजे टेबल पे ?
अबे एकाक घंटा आलोम बिलोम कपाल भाति फालतू कर लिया करो …..
7 बजे अफसरों को फून करके पूछते हो disturb तो नहीं किया ?

आधी दुनिया घूम के आ जाते हो फिर भी Jet Lag नहीं होता ?
अबे तुम्हारे बीबी बच्चे नहीं है ……. न सही …… दूसरों के तो हैं ?
कायकू गरीब मार कर रिये हो यार …….
खुद के भाई भतीजे बहन भांजे तो मुफलिसी में जी रहे …….. सगी भतीजी गुजरात में शिक्षा मित्र लगी है सिर्फ 5500 रुपल्ली पे …….. लानत है ऐसे चचा पे …….. हमारे इदर जादो पलिवार की भतीजी होती तो अब तक राज्यसभा में होती या फिर किसी गायत्री परसाद से डेली का 5 – 7 करोड़ का हिसाब लेती ……. हवाई जहाज मने राज्य सरकार के पिलेन से जूता चप्पल सैंडिल और पर्स मंगवाती …….. उसका बी 200 करोड़ का बँगला होता अहमदाबाद सूरत में ……. अपने भी फ़कीर रहे पूरे खानदान को भी फ़कीर बना के रख छोड़े ?
और ये कायकू मरे जा रहे हो ……. डाकुओं का देश है ये …….. अबे किस किस अंगुलिमाल को संत बनाओगे ????? और सुनो ……. सिर्फ तुम्हारे राम बन जाने से मुल्क में राम राज नहीं आ जाएगा ……. जिस देश में सब रावण हों वहाँ अकेला राम क्या करेगा …….. और रावणों के मुल्क में राम राज लाने की ऐसी ज़रूरत भी क्या है ?
जहां हर आदमी रावण का उपासक हो वहाँ राम राज भला क्यों ?
अबे तुमने अकेले देस सुधारने का ठेका लिया है का ?
अकेले पिले पड़े हो ? किस किस को सुधारोगे ? किस किस का जिम्मा लोगे ……
सब तो उन्ही से मिले हैं …… उन्हीं के गुलाम ……. उन्हीं की चाकरी कर रहे …… क्या bank वाले और क्या RBI वाले ? क्या मजदूर क्या गरीब …… सब उन्हीं के लिए तो लाइन में लगे खड़े ……. पहले उनके नोट बदलवाते रहे सिर्फ 300 रु दिहाड़ी पे ……. फिर उनके ढाई लाख अपने खाते में डलवा दिए …… और अब रोजाना ATM के सामने खड़े निकलवा के दे रहे हैं …….
किसके लिए मरे जा रहे हो मोदी ?
इन्ही बिके हुए लोगों के लिए …….
अबे तुम क्या इकलौते PM हुए हो इस देस के ?
तुमसे पहले बीसियों हुए यार …… देखा किसी को इस तरह चिहाड़ मचाते ? अबे सब खाए खेले मस्त रहे …….. और एक तुम हो कि मरे जा रहे हो ……
अबे जैसे सबने आसान रास्ता अपनाया ……. तुम भी अपनाओ ……. जाओ कुछ दिन ……. गोवा टहल आओ ……. कोई सहेली बनाओ ……. जाओ फिजी बाली …… कहीं होनोलुलु में धूप सेक आओ …… बिटामिन D मिलता है सरीर को ……. बहुत दिन धूप न लगे तो हड्डी कमजोर पड़ जाती बतावें …… देखते नही हो अपने राहुल बाबा की हड्डी केतनी मजबूत है …… अबे जाओ तनिक मालिस ओलिस करवाय आओ तुम बी ……. एकाक ठो कविता कहानी लिखना उहाँ ……. इहाँ साले इन छुटभैये नेताओं के साथ अन्ताक्सरी खेल रहे रहे हो ?
जाओ उहाँ …… स्विट्ज़र लैंड ……. एकाक खाता तुम भी खुलवा ल्यो …… बुढापा चैन से कटेगा …….
हे मोदी ……. जियो और जीने दो
खाओ और खाने दो

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pklamba

पेहलवान जी, हम डेमोक्रेसी के लायक कभी थे ही नहीं। यहाँ तो डडां चाहिए पिछवाड़े पर रोज। तभी देश चलेगा।

अलोक

अपने प्रधानमंत्री। से हमें भी problem है
अपने बारे में सोच नहीं रहे है
केवल देशके बारे में
हमारे यहाँ जनता ऐसे लोगो को ही पसंद करती है जो अपने परिवार का भरपुर ध्यान रखते है
परिवार का झूठन देश में बाँट है
हम वही झूठन खाने वाले लोग है

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