सख्त जान भारत

इस फोटो की आजकल बहुत चर्चा है सोशल मीडिया पे ।
कुछ लोग बहुत ज़्यादा सहानुभूति जता रहे हैं ।
कुछ ने आर्थिक मदद भेजने की पेशकश की है ।
कुछ उस व्यक्ति को गरिया रहे हैं जिसके उत्सव में ये महिला गर्भावस्था के अंतिम चरण में सर पे भारी बोझ उठाये काम करती दीख रही है ।

परन्तु इस फोटो के प्रति मेरा नज़रिया कुछ और है । जो लोग इसे देख बहुत ज़्यादा उद्वेलित हैं वो वास्तविक जीवन से कटे हुए लोग हैं । उन्होंने न असली जीवन जिया है और न असली भारत देखा है ।

मेरा जन्म एक MH बोले तो Military Hospital में हुआ था । मेरी माँ उस MH के किस्से सुनाया करती थीं । बताती थीं कि उस MH की Matron बड़ी सख्त जान जल्लाद किस्म की औरत थी । labor room में प्रसव के तुरंत बाद मने सिर्फ 10 – 15 मिनट बाद माँ की गोद में बच्चा थमा के खडा कर देती । माँ अगर कोई नखरे दिखाती तो जोर से डांटती ।
क्या हुआ ? क्यों इतने नखरे कर रही है । कौन सा पहाड़ तोड़ा है । चल उठ के काम कर । मने 3 दिन MH में रखती पर सब काम उसी से करवाती । मने अपनी खुद की और बच्चे की देखभाल । उसका idea ये था कि सद्यप्रसूता मानसिक रूप से दृढ हो …… बहुत सुकुमार न हो ……. pregnency और Delivery कोई पहाड़ नहीं ।
हमने बचपन में ऐसे किस्से सुने हैं जब माँ जंगल में गयी घास लेने । वहीं delivery हो गयी । खुद ही हंसिया से नाड़ काटी और पीठ पे बच्चा बाँध सर पे लकड़ी या घास का गट्ठर धरे वापस चली आई ……. इतनी सख्त जान हुआ करती थीं हमारी दादी नानी ।
अगर यकीन न हो तो अपने घर में किसी 70 – 80 साल की महिला से पूछ लीजिये । ऐसे बीसियों किस्से सुना देंगी । मेरी माँ मेरी गर्भवती पत्नी से पूरे घर के पोचे लगवाती थी फर्श पे …… कहती इस से delivery बेहद आसान हो जाती है ।
ग्रामीण भारत आज भी बड़ा सख्त जान है । वहाँ ये चोचले नहीं चलते कि pregnant है तो काम नहीं करेगी । फोटो में दिख रही महिला हट्टी कट्टी स्वस्थ है । working woman है । कमा के खाना चाहती है । मेहनत परिश्रम से भाग नहीं रही ।
करने दो न उसे काम । क्यों जबरदस्ती पंगु बनाना चाहते हो ?

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Puneet Kumar Malaviya

सही बात कही है पर एक्कौ नारी शक्ति काम कमेंट नहीं है अब तक

Satya Veer Sharma

भारत माता ग्राम वासिनी , हकीकत भी यही है, हमारे अपने घर परिवार में भी यही होता है । धर्म पत्नी दिनभर खेत में बाजरा काटती रही रात को बच्चा जना ।
बिस्तर पर महीनो लिटाये रखने से बच्चे के प्राकृतिक विकास में रूकावट आती है और सिजेरियन करवाना पड़ता है । गर्भवती माँ गतिशील रहने से गर्भस्त शिशु भी स्वस्थ रहता है ।

संजीव कुमार दुबे

गर्भवती महिवाओं के चलते रहने से गर्भ का शिशू मजबूत होता है, धर्मकर्म पूजा पाठ करने से पढने लिखने से गर्भ$स्त शिशू विद्वान होता है कामकाजी महिलाओं की डीलिवरी नार्मल ही होती है लेकिन अगर गर्भधारण करने वाली महिला कामचोर है आराम पसन्द है तो उसकी डीलीवरी नार्मल नहीं होती है, वो डीलीवरी के बाद कमजोर हो जाती है ।

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