रोज़गार का रास्ता विकास से निकलता है ।

हमारे इदर एक कहावत कहते है
बिल्ली को सपने में बी छीछ्ड़े दीखते हैं ।
छीछ्ड़े ……. मने कसाई जब मांस बेचता है तो उसमे से कुछ टुकड़े जो बेकार बच जाते हैं उन्हें छीछ्ड़े कहते हैं । एक अच्छी बिल्ली को हमेशा छीछ्ड़े पे focus करना चाहिए । बकरे पे नहीं ।

मोदी जी ने 2014 के लोस चुनाव के run up में कहा कि विदेशों में इतना काला धन जमा है कि उसे अगर देश में वापस ला के विकास कार्यों पे खर्च किया जाए तो हर हिन्दुस्तानी के हिस्से 15 लाख रु आयेगा ।
बस दीख गया बिल्ली को छीछ्ड़ा ……. मोदी हर आदमी के खाते में 15 लाख रु जमा कराएगा ।

मोदी ने 2014 में कहा ……. 5 करोड़ लोगों को रोजगार …….. बिल्ली को दीख गया छीछ्ड़ा ……..
पूछ रहे हैं कब मिलेगी 5 करोड़ लोगों को सरकारी नौकरी ? बिल्ली की dictionary में रोजगार मने सरकारी नौकरी ।

इधर मोदी जी का मूलमन्त्र है ……. विकास से रोजगार ।
skill development करो रोजगार पाओ ।
उद्यम करो ……. रोजगार पाओ ।
मुद्रा बैंक से 50,000 से ले के 10 लाख तक का लोन लो …….. स्वरोजगार करो ……. entrepreneur बनो ……. खुद रोजगार पाओ , समाज में 10 और लोगों को रोजगार दो ।
infrastructure बनाओ ……. उस से अपने आप रोजगार का सृजन होगा ।
गुजरात में पटेल की मूर्ति …….
मुंबई में शिवा जी की मूर्ति …..
ये दोनों बहुत बड़े tourist attraction होंगे । हर साल लाखों tourist आयेंगे इन्हें देखने । कितना रोजगार मिलेगा लोगों को ?

उत्तराखंड की पूरी economy ही चारधाम पे निर्भर करती है ।
चारधाम मने बदरीनाथ केदारनाथ गंगोत्री और यमुनोत्री ……… ऋषिकेश से आगे ये चारों धाम कुल 900 km की यात्रा है । आज तक इस पूरे रूट की इतनी दुर्दशा थी कि पूछो मत । सड़कों का बुरा हाल । यात्रा पे हमेशा अनिश्चितता की तलवार लटकी रहती है । कब रास्ता बंद हो जाएगा , कब आपकी गाडी खड्ड में चली जायेगी , कब आपके ऊपर पूरा पहाड़ आ गिरेगा , कब पूरी की पूरी सड़क सैलाब में बह जायेगी ……. सब राम भरोसे ।
इसके बाद भी लाखों लाखों श्रद्धालु हर साल आते हैं उत्तराखंड ……. चार धाम की यात्रा करने …….
tourist जब आता है तो उस से समाज का हर वर्ग कमाता है । सड़क किनारे एक अंगीठी रख के चाय बेचता चाय वाला भी , भुट्टा भून के बेचने वाला भी , लाख रु down payment दे के किश्तों पे गाड़ी खरीद taxi चलाने वाला युवक भी और 3star 5 star hotel का मालिक भी ……..
सब कमाते हैं ……. सबको रोज़गार मिलता है ।
2013 की केदारनाथ त्रासदी ने उत्तराखंड को बर्बाद करके रख दिया । सडकें सैलाब में बह गयी ।
हज़ारों सैलानी मारे गए । श्रद्धालुओं ने चारधाम से मुह मोड़ लिया । पूरे प्रदेश की economy तहस नहस हो गयी । सैलानी को confidence ही न रहा । कौन जान देने जाएगा वहाँ । जान है तो जहान है ।
कल मोदी जी ने चारधाम express way परियोजना की आधारशिला रखी ।
900 km लम्बी चारधाम महामार्ग विकास परियोजना कुल 12000 करोड़ रु की लागत से बनेगी जिसमे मुख्य शहरों कस्बों के bye pass , Tunnels , Bridge और Flyover बनेंगे ।
इस परियोजना का सामरिक महत्त्व भी है क्योंकि गंगोत्री बद्रीनाथ रूट से indo china बॉर्डर पे सामरिक deployment और supply का अत्यधिक महत्वपूर्ण कार्य होगा ।
सरकार ने इसे 2018 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है ।

ये परियोजना उत्तराखंड के लाखों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराएगी ।

मोदी जी जानते हैं कि 125 करोड़ लोगों के देश में सबको सरकारी नौकरी नहीं दी जा सकती पर सबको रोज़गार ज़रूर दिया जा सकता है ।
रोज़गार का रास्ता विकास से निकलता है ।

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Hasit Hemani

उत्तराखंड की चारधाम यात्रा की योजना अगर परिपूर्ण हो गयी तो बहुत ही अच्छी बात होगी मगर ये शिवाजी महाराज और सरदार पटेल की मूर्ति में टूरिज्म का बहुत बड़ा विकास होगा उस पर संदेह है.

UMESH PRATAP SINGH

टूरिस्म और रोजगार के उद्देश्य से बहुत ही उचित और सार्थक कदम !

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