मोदी गुज्जू व्यापारी है । एक पैसे के लिये जान दे देगा

किस्सा 1990 का है । तब जबकि मैं 25 साल का था और मातृभूमि राष्ट्र भक्ति देशप्रेम जैसे चूतिया चक्करों में पड़ के , SAI की 3 महीने पुरानी Central govt job को लतिया के , पंजाब के जालंधर शहर की जन्मी पली नव विवाहिता पत्नी को लिए ऊपी के जिला गाजीपुर चला आया । धर्म पत्नी ने दिल्ली में पूछा , हे पतिदेव , प्राण नाथ ……. कहाँ चले ? मैंने कहा प्रिये , दिल मेरा लगता नहीं इस बेदिल बेजान शहर में …. चल गाँव चलें । पेड़ के नीचे बैठा के बच्चे पढ़ाएंगे । और ये भी आज्ञाकारी पत्नी की तरह पीछे पीछे चल पड़ी । April May june की भीषण गर्मी ……. पुत्तर परदेस में बिजली तब भी 6 घंटे ही आती थी …….. हमने 25 जून 1990 को अपने घर के आँगन में एक पेड़ के नीचे ……. ठीक वहीं जहां आज उदयन चलता है ……. गाँव गिरांव के बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया । कुछ दिन में लगभग 200 से ज़्यादा बच्चे आने लगे ……. परिवार भी पालना था …… फीस रखी 20 रु ……. स्वयं KV में पढ़े थे सो हूबहू KV ही चला दिया । NCERT का syllabus और books ……. 20 रु में …….
साल बीता । बच्चे बढ़ के 300 हो गए । कुछ local teachers भी रख लिए । उनको वेतन भी देना था । सो फीस 10 रु बढानी पड़ी । 30 रु …….
फिर गाँव वालों ने गणित लगाया …… 300 ×30 = 9000

अरे ई अजीत सिंघवा हमहन से 9000 रु कमाए लागल ……. लूट है जी लूट …… बहुत बड़ा षड्यंत्र है जी ……. देखते ही देखते आधे बच्चे गायब हो गए । धीरे धीरे ये स्थिति आ गयी कि 200 बच्चों में से 150 बच्चे 8 km दूर सैदपुर से आते थे और अगल बगल के गाँव से सिर्फ 20 बच्चे । उसमे भी हमारे गाँव माहपुर जिसकी आबादी 1200 थी उसमे से सिर्फ 3 बच्चे । यहाँ तक कि मेरे अपने परिवार (extended family) का एक भी बच्चा नहीं पढता था ।
3 साल तक यूँ ही चलता रहा । अंत में सैदपुर के parents ने दबाव डालना शुरू किया कि आप लोग यहाँ क्या कर रहे हैं । 200 बच्चे इतनी दूर से कष्ट सह के यहाँ आते हैं ……आप लोग वहीं चलिए ….. सैदपुर । और इस तरह Mahpur Public School माहपुर छोड़ सैदपुर चला गया ।
MPS का पहला छात्र 5 वर्षीय आशुतोष था जो आज Army में Major है । कुल 8 साल यानी 1st से 8th तक पढ़ा हमसे । उसके अलावा सैकड़ों हज़ारों बच्चे आज बेहद सफल हैं । कुछ FB पे भी हैं मेरी लिस्ट में ……. जिन बच्चों को उनके माँ बाप ने साल भर बाद 30 रु बचाने के लिए हटा लिया उनपे कोई टिप्पणी उचित नहीं ……..

आज देख रहा हूँ …… फिर वही कहानी दोहराई जा रही है …..

मोदी जी देश को cashless बनाने का सपना देख रहे हैं तो कुछ लोग कम्पनियों का कमीशन जोड़ रहे है । अरे भाई मोदी गुज्जू है …… एक पैसे के लिए जान दे देगा …… गुज्जू है …… उसका गणित और उसकी व्यापारिक बुद्धि हमसे आपसे बहुत तेज़ है । वो debit card और mobile banking कम्पनियों को चूस लेगा …… आप निश्चिन्त रहिये ।
कौन क्या कमा लेगा इसे छोडिये । cashless होने में देश को क्या फायदा है ये सोचिये ।

 

Comments

comments

अभिशेक द्विवेदी

कुछ लोग सो काल्ड़ प्रोफेश्नल मोदी हेटर्स है उनको सर्फ विरोध करना है , बाकी वो भी अंदर से खुश है

अतुल

आप के बारे मै मैरे लिये यह नई जानकारी ने ,
आपके प्रती सम्मान ओर बड़ गया नमन भाई

अतुल

आप के बारे मै मैरे लिये यह नई जानकारी ने ,
आपके प्रती सम्मान ओर बड़ गया नमन भाई

पंकज

प्रेरक कहानी
समझने बाले तो समझ रहे हैं श्रीमान लेकिन बकलोली करने बाले को केतना स्मझाइयेगा.

नन्हे कुमार रंजीत

Paytm का बहुत थोडा भला हो रहा है
और देश का बहुत ज्यादा तो इसमें गलत क्या है

Your email address will not be published. Required fields are marked *