बंगाली हिन्दू TMC की बीबी है …….. मारे चाहे प्यार करे ……. तुम साले कौन ?

मितरों , भाइयों भेनों , सहेले सहेलियों ।
यूँ तो ये किस्सा मैं अपने दोस्तों को पहले सुना चुका हूँ पर क्या है कि मेरे किस्से कहानियां तो पंडित भीमसेन जोशी के राग दरबारी सरीखे । जित्ती बार सुन लओ उत्ता इ कम ।
और दूसरी बात कि मेरे तो सैकड़ों नए दोस्त रोज़ बनते हैं । वो भी पढ़ लेंगे ।

तो बात तब की माने 1984 या 85 की है । तब जबकि मैं अभी student था और पहलवानी करता था । हम कहीं से कोई कुश्ती लड़ के लौट रहे थे । साथ में एक पहलवान दोस्त था …….. रात दो बजे हम अम्बाला स्टेशन पे उतरे और आगे हमें अगली ट्रेन पकड़ के पटियाला जाना था जो सुबह भोर में चलती थी । हम वहीं प्लेटफॉर्म पे इंतज़ार कर रहे थे । सामने एक दंपत्ति बैठे थे और उनका वाक् युद्ध चल रहा था । उन दिनों ये स्मार्ट फोन का ज़माना तो था नहीं सो हमारे समेत सभी लोगों का entertainment हो रहा था । वाक् युद्ध धीरे धीरे गरमा रहा था और पतिदेव सरेआम इज़राइल की माफिक behave कर रहे थे मने फूल दबंगई औ गुंडागर्दी …… पत्नी बेचारी फिलिस्तीन सी …… बेशक कमजोर थी पर जुबान लड़ाने से बाज न आती थी । चपड़ चपड़ बोले जाती थी ।
अंत में पति देव का धैर्य चूक गया औ उनकी मर्दानगी छलक गयी और उन ने बीवी को 2 – 4 हाथ धर दिए । मने इस से पहले कि अमरीका और UN कुछ समझ पाते फिलिस्तीन पिट गया । हम दोनों पहलवान कूद के पहुंचे …… बीच बचाव छूट छुड़इया कराया ……. बीवी बेचारी …… रोती कलपती ……. पिट के भी बोलने से बाज न आयी ।
हम दोनों वापस अपनी जगह आ बिराजे । और वो बीबी , माँ कसम सही जिहादिन थी ……. पिट पिटा के उसका वाक् युद्ध फिर चालू ………. और अबकी बार दोगुने उत्साह से …… पति महोदय भी शुरू हुए …….. बहुत जल्दी वाक् युद्ध फिर असली युद्ध में बदल गया और इबकै पत्नी जी को बालों से पकड़ के घसीट लिया । हम दोनों फिर पहुंचे छुड़ाने । पर उस जल्लाद ने अपनी घरवाली जमीन पे पटक रखी और बाल पकड़ के पीट रहा ……. अब बालों से घिरी औरत को छुड़ाना बड़ा मुश्किल काम ………. और वो पट्ठा ऐसा कि बाल न छोड़े ……. तो भैया मैंने , उसी रेलवे के waiting room में उसकी जो जम के सुताई की ….. दे लात , दे झापड़ , दे घुसण्ड …….. और पति महोदय की सारी मर्दानगी काफूर और वो इराक़ी सेना माफिक surrender …….. धराशाई ……..
पर उसके बाद जो हुआ वो अप्रत्याशित था । पति से पिटी हुई उस महिला के अंदर की शेरनी और क्षत्राणी अचानक जाग गयी और वो भी युद्ध भूमि में तीर तरवार लै कूद गयी और अपने पति की रक्षा को आगे आयी ……. खबरदार जो मेरे पति को हाथ लगाया ……. साले गुंडे बदमाश ……. और उसका रौद्र रूप देख अपन तो सहम गए भैया …… अरे बहिन जी ……. ये आपको मार रहा था हम तो बचाने आये थे ……
खबरदार मेरे पति को कुछ कहा तो ……. भला है बुरा है ….. जैसा भी है
मेरा पति मेरा देवता है । मारे चाहे पीटे , उसकी मर्जी …….. तुम साले कौन ?

अपन ने भैया तुरंत cease fire किया और सेनाएं वापस barrack में आ गयीं ।
उसके बाद भैया , पति पत्नी में जो प्यार उमड़ा ……. सफ़ेद कबूतर उड़ाये जाने लगे …… मने एकदम अमन की आशा हो गयी ……. बीबी ने साड़ी के पल्लू से पिटे हुए पति को धोना पोंछना चाटना पुचकारना जो शुरू किया …….. मेरा वो दोस्त एक नंबर का हंसोड़ विदूषक एकदम कॉमेडियन था ……. उनका ये प्रेमआलाप देख वो हँस हँस के दोहरा हुआ जाता था ……. उधर पति पत्नी प्रेम रस में विभोर …….. दुनिया जमाने की रुसवाइयों से दूर ….. पत्नी पति की सेवा किये जाती थी ।

उधर उज्जैन में सुरेश भाई चिपलूणकर उज्जैन में आक्रोश मार्च निकाल रहे हैं ।
कहते हैं कि मोमता दी के बांग्लादेश में हिन्दू पिट रिया है …… मेरे कू आकरोस हो रिया …… मेरे से हिन्दू की पिटाई देखी नी जा री …… हाय हाय …… मार डाला रे ……. सब लोग मिल के बंगाली हिन्दू के ले रे …… मेरे को बुरा लग रिया ……..

अबे बंगाल का हिन्दू gang bang का मजा ले रिया …… लेने दो उसको …… secularism का मजा ले रिया …… लेने दो …….. पहले ये तो देख लो कि हाय हाय कर रहा है या aaaaah aaaaah ……..
काहे को बेचारे का orgasm खराब कर रहे हो ?
बंगाली हिन्दू TMC की बीबी है …….. मारे चाहे प्यार करे ……. तुम साले कौन ?

Let the Orgy continue ………

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Vikas singla

“मितरों , भाइयों भेनों , सहेले सहेलियों ।
यूँ तो ये किस्सा मैं अपने दोस्तों को पहले सुना चुका हूँ पर क्या है कि मेरे किस्से कहानियां तो पंडित भीमसेन जोशी के राग दरबारी सरीखे । जित्ती बार सुन लओ उत्ता इ कम ।”
वाह ददा अपने मुँह मिटठु मियाँ

डाॅ सुशील खण्डेलवाल

क्या दादा
आपको ऐसा क्यो लगता है की जो आप करो बस वो ही सही है।
कंही आप भी मोमता बानो के मुस्लिम तुष्टिकरण के जाल मे तो नही फंस रहें है।
For your kind information मोमता ने धूलागड़ मेदलित हिन्दूओ को मरवाया है।

debashis

ज्यादातर तो हमको नहीं मार रहे यह सोचकर खुश है पर नम्बर तो इनका भी आएगा ही तब कोई न होगा इनको बचाने के लिए

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