पिछले 70 साल बनाम अगले 1000 दिन

आज से कुछ एक साल पहले जब कि रतन टाटा ने दिल्ली के Auto Expo में अपनी महत्वाकांक्षी कार Nano की पहली झलक दिखाई …… इस वादे के साथ कि ये आम आदमी की कार होगी , वो जो bike और skooter पे अपनी बीबी और दो बच्चों के साथ शहर में चलता है …… उस आम आदमी के लिए सिर्फ एक लाख रु में कार बनाने का सपना देखा था रतन टाटा ने …….
तब देश में एक नए किस्म की बहस छिड़ गयी थी …… क्या भारत तैयार है इस transformation के लिए …… क्या भारत के शहर कसबे और हमारी सडकें तैयार हैं इसके लिए कि भारत का आम आदमी भी कार में चले ? किस सड़क पे चलेंगी इतनी गाड़ियां और car parking के लिए कहाँ से आएगी इतनी जगह …….
कुछ लोगों ने इस संभावित समस्या का सकारात्मक पहलू देखा और लिखा कि चलो इसी Nano के बहाने हमारे नीति नियंता और हमारे town planners और हमारी सरकार को सुध आएगी और वो कम से कम अब तो सड़कों पे ध्यान देंगे …… अब तो हम 16 lane के express ways बनाने की सोचेंगे ……. Nano की वजह से जो भीड़ सड़कों पे बढ़ेगी वही हमें अपना infrastructure सुधारने के लिए प्रेरित करेगी । खैर Nano ने कितना असर डाला ये तो मैं नहीं कह सकता पर अभी जो नोटबंदी हुई उसने भी ऐसे ही मिलते जुलते सवाल खड़े कर दिए हैं ।
नोटबंदी से उत्पन्न cash crunch ने cashless और Less Cash की बहस छेड़ दी ।
सवाल पूछे जाने लगे कि क्या भारत cashless बनने के लिए तैयार है ।
यदि आप मोदी जी की कार्य शैली से परिचित हों तो ये जानते होंगे कि मोदी जी जब कोई project हाथ में लेते हैं तो उसके लिए 1000 दिन में लक्ष्य प्राप्ति का संकल्प लेते हैं ।
मोदी जी ने आते ही मने पद गृहण करते ही इसकी तैयारी शुरू कर दी थी । 24 करोड़ परिवारों के जन धन खाते , पूरे देश में OFC मने Optical Fibre Cable का जाल बिछा के पूरे देश के दूर दराज के गाँवों तक Net connectivity पहुंचाने का लक्ष्य ……. ये सारे काम इस cashless समाज की प्राप्ति के लिए ही शुरू किये गए थे ।
अब इस नोटबंदी से एक ही तीर से कई निशाने साधे गए हैं ।
नोटबंदी दो नंबर का धंदा बंद कर सारा व्यापार एक नंबर में करने की दिशा में पहला कदम है ।
cash less और less cash देश के आम आदमी को सारा विनिमय और व्यापार बैंकिंग व्यवस्था के तहत काम करने को प्रेरित / मजबूर करेगा ।
इस से देश का एक बहुत बड़ा वर्ग Tax payer बनेगा और सारा व्यापार एक नम्बर में होने के कारण सरकार के revenue में बेतहाशा वृद्धि होगी जिस से विकास कार्य होंगे ।
cash less होने के लिए हर व्यक्ति के पास एक bank account , debit card , smart fon , और एक reliable High speed Net connection होना आवश्यक है । सरकार निश्चित रूप से अगले कुछ महीनों/सालों में Banking व्यवस्था और Net connectivity के लिए युद्ध स्तर पे कार्य करेगी । मुकेश अम्बानी ने Jio का 4g launch कर इसकी शुरुआत कर दी है और जल्दी ही अन्य सभी कम्पनियों को भी सस्ते 4G के साथ मैदान में उतरना ही होगा । आज सरकार ने cash में लेन देन करने वालों पे 2% surcharge की घोषणा कर दी है । जल्दी ही plastic money और mobile banking प्रयोग करने पे incentives की घोषणाएं शुरू हो जायेंगी । आज जो mobile apps हर transaction पे पैसे काट रहे है बहुत जल्दी ये बीते जमाने की बात हो जायेगी । वो दिन दूर नहीं जब नगद लेन देन महँगा और plastic money और mobile banking सस्ती पड़ने लगेगी ।
मोदी सरकार निकट भविष्य में आम आदमी मने ठेले पे सब्जी बेचने वालों को , रिक्शा चलाने वालों को और सड़क किनारे बैठे मोची को इनकमTax payer बना देगी ……..

नोटबंदी इस दिशा में उठाया गया पहला कदम है ।
भारत बदल रहा है …….
और अगले 1000 दिन में तो भारत इतना बदल जाएगा कि आप शायद पहचान ही न पाएं ।
जितना काम इस देश में पिछले 70 साल में हुआ उस से ज़्यादा अगले 1000 दिन में होगा ।

Comments

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Lalmani Sharma

हम भाग्यशाली लोग हैं दद्दा, हम बदलते भारत की तस्वीर देखेंगे, मोदी जी को इसके लिए दंडवत प्रणाम 👍👍

Jagdish parmar

मे वेट डिपाटॅमेन्ट मे इन्सपेक्टर की पोस्ट पर हूं । पिछले पंदरा दिनो से नोटबंधी के कारण नए रजीस्ट्रेशन की होड लगी है। वकील सिए से आज पूछा तो बता रहे थे की अभी हमारे पास बिस बिस अरजी पडी है।

क्यों पहले नही अब सब व्यापारी TIN no ले रहे है??

बोले अब सब डर रहे है की कहीं मोदी ने कोई दूसरा एलान कर दिया तो जो पांच दश सालो से वेट की चोरी कर कमाया है वो सब जाएगा ओर दूसरा यह की केश नही तो धंधा कैसे करे अब सब दिल्ली वाले गुजरात के व्याव्यापारीओ से चेक ओनलाइन पेमेंट की मांग कर रहे है ऐसे मे tin लेना पड रहा है।

ददा जान पहचान वाले व
व्यापारी फोन कर मुझे पूछ रहे है की पांच साल बिना टिन लिए धंधा किया अब नंबर लेना है। क्या करे??

अजय शर्मा

मैं आपकी लेखनी,विचार और शब्दों का कायल हूँ सर।आप तथ्यों के साथ जो विवरण देते है..वो अध्भुत है।आभार आपका।आपका फ़ेसबुकिया(आपकी भाषा में) दोस्त..अजय शर्मा..

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