करीना कपूर ने अपने बेटे का नाम तैमूर क्यों रखा ?

पिछले दिनों पौष मास की 8वीं तिथि से 15वीं तिथि तक मैं पंजाब में था ।
ये वो सप्ताह है जब कि सिखों और हिंदुओं के दशम गुरु महाराज श्री गुरु गोविन्द सिंह जी का पूरा परिवार , चार बेटे कौम और धर्म के लिए शहीद हो गए ।
उनके बेटों की उम्र 17 बरस , 14 बरस , 8 बरस और 6 बरस की थी ।
दोनों बड़े बेटे युद्ध में मुग़ल सेना से लड़ते तलवार चलाते हुए शहीद हुए ।
छोटे बेटों को दीवार में जिंदा चिनवा दिया गया और जब फिर भी न मरे तो उन्हें जिबह किया गया …… मने गले रेत दिये गए । ठीक वैसे ही जैसे आजकल ISIS रेत रहा है सीरिया इराक़ में ……..
एक हफ्ते में पूरा परिवार क़ुर्बान ?
ऐसी मिसाल इतिहास में कहाँ मिलती है ?

मेरी पत्नी आजकल सुल्तानपुर लोधी के एक स्कूल की प्रिंसिपल हैं ।
पंजाब में सिखों की जो तीन पवित्र नगरियाँ हैं उनमें से एक है सुल्तानपुर लोधी । बाकी दो हैं श्री अमृतसर साहब और श्री आनंदपुर साहिब ।
सुल्तानपुर लोधी वो जगह है जहां गुरु नानक देव जी 14 बरस रहे थे ।
सुल्तानपुर लोधी सिख बाहुल्य क्षेत्र है ।
मेरी पत्नी के स्कूल में 90% बच्चे सिख हैं ।
पिछले दिनों 20 से 30 दिसंबर के बीच प्रिंसिपल साहिबा ने एक अभियान चला के स्कूल के बच्चों को गौरवशाली सिख इतिहास से अवगत कराया । स्कूल में ” चार साहिबजादे ” फिल्म दिखाई गयी । पूरे 10 दिन तक कार्यक्रम चले । बच्चों में project बनाये । google और youtube खंगाला गया । बच्चों को homework दिया गया कि अपने दादा दादी नाना नानी मम्मी पापा से चार साहिबज़ादों की शहादत की कहानी सुनो और फिर उसे अपने शब्दों में लिखो ।
जो परिणाम आये वो स्तब्ध कारी थे । बच्चों ने स्कूल आ के बताया कि अधिकाँश बुज़ुर्गों और माँ बाप को स्वयं नहीं पता कुछ भी ……. यहां तक की चारों साहिबज़ादों के नाम तक याद नहीं ।
मेरी पत्नी बताने लगी ……. इतने बड़े स्कूल में एक भी बच्चे का नाम अजीत सिंह , जुझार सिंह , जोरावर सिंह या फ़तेह सिंह नहीं । पूरे स्कूल में सिर्फ एक बच्चे का नाम जुझार सिंह है ।
इस जूझार सिंह नामक बच्चे के parents NRI हैं और इटली में रहते हैं । जूझार कि बहन का नाम Olivia है ……… पूरे स्कूल में एक भी बच्चे का नाम गोबिंद सिंह या हरि किशन सिंह नहीं है । जबकि ये वो लोग हैं जिन्होंने अपनी गर्दनें वार दीं कौम और धर्म की रक्षा में ।

ये हाल है सुल्तानपुर लोधी के एक स्कूल का जहां 14 बड़े गुरुद्वारे हैं और ये सिखों का एक अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है । शेष पंजाब का अंदाज़ा आप स्वयं लगा लीजिये ।
आखिर ऐसा क्यों है ? क्या ये हमारे education system का failure नहीं है ?
क्यों हमने अपना इतिहास भुला दिया ?
किसी ज़माने में पंजाब में ये परंपरा थी कि इस एक हफ्ते में लोग भूमि शयन करते थे ( क्योंकि माता गूजरी के साथ दोनों छोटे साहिबज़ादों को सरहिंद के किले में ठंडी बुर्ज में कैद कर रखा गया था और आपने ये तीनों ठंडी रातें ठिठुरते हुए बितायी थीं ) उनके शोक या सम्मान में पंजाब के लोग ये एक हफ्ता जमीन पे सोते थे ……. पर अब पंजाबियों ने इसे भी भुला दिया है ।इस एक हफ्ते में कोई शादी ब्याह का उत्सव celebration नहीं होते थे …… पर उस दिन जब कि दोनों छोटे साहिबज़ादों का शहीदी दिवस था , जालंधर की एक party में सिखों को सर पे शराब के गिलास रख के नाचते देखा ।
अगले दिन मेरी पत्नी आग बबूला थी और उन्होंने स्कूल में 10th क्लास के बच्चों को lecture दे के अपनी भड़ास निकाली ।
आजकल winter vacations हैं और बहुत ज़्यादा कोहरा धुंद है पर उन्होंने तय किया है कि वो बहुत जल्दी अपने स्कूल के बच्चों का एक educational tour ले के जाएंगी , आनंदपुर साहिब से ले के उस किले तक जहां चारों साहिबज़ादे शहीद हुए ।
सवाल है कि सैफ अली और करीना कपूर ने अपने बेटे का नाम तैमूर क्यों रखा ?
क्योंकि उनको कभी तैमूर का इतिहास पढ़ाया ही नहीं गया ।
अगर हमारी कौम ने गुरु गोबिंद सिंह और तैमूर का इतिहास पढ़ा होता और इन्हें ज़रा भी इतिहास बोध होता तो आज शायद आधे पंजाब का नाम अजीत सिंह फ़तेह सिंह जूझार और जोरावर सिंह होता ……. गोबिंद सिंह और हरि किशन सिंह होता …….. और करीना के बेटे का नाम तैमूर न होता ।

Comments

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Rakesh

मज़ा आ गया अजीत जी, क्या बढ़िया प्रस्तुति 👌👌👌

मोनिका जी को साधुवाद, बहुत सराहनीय कदम । क़ाश, ऐसी प्रिंसिपल हर स्कूल में हों ।

नमन 🙏🙏🙏

Amardeep Rajawat

Sadhu bad aapko is post k liye , kuch aisa hi Rajput kom k sath bhi huva h, balki me kahu ki , unko itihas ka pata hote huve bhi , khade hone ki takat nahi h, Is Democracy se sabse jyada Dari hui koi kom h to vo Rajput h. Sir me to Gujarat me hu per Padmavati ki movie ko rokne k liye Rajasthan me Rajput kuch nahi ker raha.

Ravi

Very much work needs to be done to awaken this sleeping nation.we are such trees which have been cut of from their roots.your words must act as bomb shell to break the sleep of brave nation. Keep it up. Thank u.

aru

Dada
Maine apne bête ka Naam Harkishan rakhne ka kahaa sab ne kahaa yeah purana hai…..
Morden hone main hum aapna sab Kuch bhul rahee hai…

Vishnu

आपने जो बताया वह बहुत सराहनीय यह बात सच है कि हमारी आने वाली पीडी को इतिहास के बारे मेंं कुछ भी नहीं पता।

वर्द्धमान जैन

सचमुच हम अपना इतिहास बिसार चुके हैं।

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